लखनऊ। बोतल बंद पानी भी अब शुद्ध नहीं रह गया। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने सीलबंद पानी की गुणवत्ता को लेकर बड़ा ख्ुालासा किया है। पैक्ड पेयजल और पैक्ड मिनरल वॉटर की विनिर्माण इकाइयों से लिए गए 660 नमूनों में 176 स्वास्थ्य के लिए असुरक्षित और 337 अधोमानक मिले। यानी जांचे गए नमूनों में 513 निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे। नई इकाइयों को भारतीय मानक ब्यूरो का प्रमाण पत्र मिलने के बाद ही राज्य में खाद्य सुरक्षा लाइसेंस जारी करने के निर्देश दिये गये है। साथ ही संचालित सभी इकाइयों को 31 मार्च तक प्रमाण पत्र प्राप्त ...
This is a summary. For the full story, refer to the original source. Public of India presents verified citizen-relevant reporting.