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14h ago हिंदी
बिजली चोरी की कार्रवाई में पारदर्शिता जरूरी, बॉडी वार्न कैमरों का अनिवार्य इस्तेमाल करें: एमडी
बिजली चोरी की कार्रवाई में पारदर्शिता जरूरी, बॉडी वार्न कैमरों का अनिवार्य इस्तेमाल करें: एमडी प्रबंध निदेशक रवीश गुप्ता ने सर्वर रूम का किया औचक निरीक्षण, विजिलेंस टीमों की कार्रवाई और ऑनलाइन मैपिंग की जांच मेरठ। विद्युत चोरी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए अब बॉडी वार्न कैमरों का अधिकतम उपयोग किया जाएगा। प्रबंध निदेशक रवीश गुप्ता (आईएएस) ने दो सितंबर को मेरठ स्थित बॉडी वार्न कैमरों के सर्वर रूम का औचक निरीक्षण कर विद्युत चोरी रोकथाम अभियान की मौके पर समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को चेकिंग के दौरान कैमरों का अनिवार्य रूप से इस्तेमाल करने के निर्देश दिए। उचित दूरी से हो फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी प्रबंध निदेशक ने कहा कि विद्युत चोरी की जांच एवं प्रवर्तन कार्रवाई में पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही बेहद महत्वपूर्ण है। कार्रवाई के दौरान फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी उचित दूरी से स्पष्ट रूप से की जाए, ताकि मौके पर उपलब्ध दस्तावेजों और कार्रवाई से संबंधित तथ्यों की पूरी रिकॉर्डिंग सुरक्षित रहे। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक कार्रवाई का समुचित अभिलेख तैयार किया जाए। चेकिंग रिपोर्ट निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सही, पूर्ण और स्पष्ट रूप से भरी जाए, ताकि आवश्यकता पड़ने पर उसकी समीक्षा की जा सके। कैमरों की कार्यशीलता और उपकरणों की उपलब्धता पर जोर निरीक्षण के दौरान प्रबंध निदेशक ने बॉडी वार्न कैमरों की कार्यशीलता की भी जांच की। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी कैमरे पूरी तरह कार्यशील स्थिति में रहें और कैमरों से संबंधित आवश्यक उपकरण, जैसे बेल्ट आदि, पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहें। उन्होंने विजिलेंस टीमों को बॉडी वार्न कैमरों के साथ ही चेकिंग करने के निर्देश दिए। साथ ही चेकिंग रिपोर्ट की भी वीडियोग्राफी सुनिश्चित करने को कहा। सर्वर पर रिकॉर्डिंग और ऑनलाइन मैपिंग की जांच प्रबंध निदेशक ने मौके पर विजिलेंस टीमों द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे बॉडी वार्न कैमरों का ऑनलाइन अवलोकन किया। सर्वर पर रिकॉर्डिंग की जांच करने के साथ ही ऑनलाइन मैपिंग भी देखी गई। निरीक्षण में मैपिंग सही पाई गई। उन्होंने कहा कि बॉडी वार्न कैमरों और वीडियोग्राफी के जरिए कार्रवाई का रिकॉर्ड सुरक्षित रहने से प्रवर्तन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी और विजिलेंस टीमों की कार्यवाही की प्रभावशीलता भी बढ़ेगी। प्रबंध निदेशक ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि विद्युत चोरी के मामलों में नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई की जाए। विद्युत चोरी पर अंकुश लगाने के साथ ही प्रवर्तन कार्रवाई में निर्धारित प्रक्रियाओं का पूरी तरह पालन किया जाए, जिससे पूरी व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बनी रहे। निरीक्षण के दौरान मुख्य अभियंता गुरजीत सिंह, मुख्य अभियंता रजनीकांत मिश्र, सहायक अभियंता (आईटी) आलोक त्रिपाठी, अधिशासी अभियंता (आईटी) समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।