General
12h ago हिंदी
मुख्यमंत्री ने भारत रत्न सरदार वल्लभभाई पटेल की जयन्ती ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की
मुख्यमंत्री ने भारत रत्न सरदार वल्लभभाई पटेल की जयन्ती ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की उपस्थित जनसमूह को राष्ट्रीय एकता दिवस की शपथ दिलाई, सरदार पटेल के आदर्शों को आत्मसात करने और राष्ट्र की एकता एवं अखण्डता को मजबूत बनाने का आह्वान किया सरदार वल्लभभाई पटेल ने अपनी अद्भुत नेतृत्व क्षमता, दृढ़ इच्छाशक्ति और राष्ट्र के प्रति समर्पण से 563 से अधिक रियासतों को भारत का हिस्सा बनाया : मुख्यमंत्री सरदार पटेल की स्मृतियों को चिरस्थायी बनाए रखने तथा उनके विचारों से प्रत्येक भारतवासी को जोड़ने के उद्देश्य से राष्ट्रीय एकता की शपथ, राष्ट्रीय एकता दौड़ जैसे अनेक कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे सरदार पटेल के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने के उद्देश्य से सरकार द्वारा प्रत्येक जनपद में एक एम्प्लॉयमेण्ट एण्ड इण्डस्ट्रियल जोन के गठन की कार्यवाही को आगे बढ़ाया जा रहा प्रधानमंत्री जी ने गुजरात के केवड़िया में नर्मदा नदी के तट पर सरदार सरोवर के समीप लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की दुनिया की सबसे विशाल प्रतिमा स्थापित कराई सरदार पटेल का सच्चा अनुयायी वही हो सकता, जिसके मन में राष्ट्रवाद की भावना हो, जो भारत की एकता, सुरक्षा तथा संप्रभुता को सर्वोपरि रखता हो लखनऊ : 31 अक्टूबर, 2026 उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आज यहां जी0पी0ओ0 स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल पार्क में भारत रत्न लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयन्ती ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित जनसमूह को राष्ट्रीय एकता दिवस की शपथ दिलाई तथा सरदार पटेल के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करने और राष्ट्र की एकता एवं अखण्डता को मजबूत बनाने में योगदान देने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल की पावन जयन्ती पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की प्रेरणा से पूरे देश में राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया जा रहा है। भारत, जो दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, उसके शिल्पी सरदार वल्लभभाई पटेल की स्मृतियों को चिरस्थायी बनाए रखने तथा उनके विचारों से प्रत्येक भारतवासी को जोड़ने के उद्देश्य से राष्ट्रीय एकता दिवस की शपथ का आयोजन किया जा रहा है। 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाने का आह्वान प्रधानमंत्री जी ने किया था। वर्ष 2014 से लगातार पूरे देश में इस अवसर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। राष्ट्रीय एकता की शपथ, राष्ट्रीय एकता दौड़ तथा वर्षभर आयोजित होने वाले रचनात्मक कार्यक्रमों के माध्यम से समाज को जोड़ने और लौह पुरुष के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का अभियान आगे बढ़ाया जा रहा है। इस वर्ष सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयन्ती का विशेष महत्व है। पिछले वर्ष उनकी 150वीं जयंती के अवसर पर डबल इंजन सरकार ने अनेक कार्यक्रम आयोजित किए थे। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की स्मृतियों को जीवन्त बनाए रखने तथा उनके प्रति श्रद्धा व्यक्त करने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रत्येक जनपद में एक एम्प्लॉयमेण्ट एण्ड इण्डस्ट्रियल जोन के गठन की कार्यवाही को आगे बढ़ाया जा रहा है। इससे प्रदेश के युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने और उन्हें कौशल विकास से जोड़ने में मदद मिलेगी। उत्तर प्रदेश में कोई भी युवा बेरोजगार न रहे, इसके लिए सरकार एक व्यवस्थित तरीके से कार्ययोजना को आगे बढ़ा रही है। युवाओं की स्किलिंग और एम्प्लॉयमेण्ट के लिए सरकार निरन्तर प्रयास कर रही है तथा कुछ ही देर में इस पहल का शुभारम्भ किया जाएगा। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल का जन्म गुजरात राज्य के एक छोटे से गांव करमसद में हुआ था, जो वर्तमान में नाडियाद जनपद में स्थित है। प्रधानमंत्री जी भी आज उनके जन्मस्थान से जुड़े कार्यक्रमों में सहभागिता कर रहे हैं और सरदार पटेल की स्मृतियों को देश-दुनिया में जीवन्त बनाए रखने के लिए निरन्तर प्रयास कर रहे हैं। प्रधानमंत्री जी ने गुजरात के केवड़िया में नर्मदा नदी के तट पर सरदार सरोवर के समीप लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की दुनिया की सबसे विशाल प्रतिमा स्थापित कराई है। यह विशाल प्रतिमा सरदार पटेल के विराट व्यक्तित्व और राष्ट्रनिर्माण में उनके महान योगदान का प्रतिनिधित्व करती है। लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल ने अपनी अद्भुत नेतृत्व क्षमता, दृढ़ इच्छाशक्ति और राष्ट्र के प्रति समर्पण से 563 से अधिक रियासतों को भारत का हिस्सा बनाया। आजादी के समय जूनागढ़ और हैदराबाद जैसी रियासतों ने भारत में विलय को लेकर आनाकानी की थी, लेकिन लौह पुरुष ने अपने दृढ़ संकल्प और दूरदर्शी नेतृत्व से देश की एकता और अखण्डता को अक्षुण्ण बनाए रखने का कार्य किया। आज जूनागढ़ और हैदराबाद भारत का हिस्सा हैं। प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी ने अनुच्छेद-370 को समाप्त करने का ऐतिहासिक कार्य किया। इससे जम्मू-कश्मीर को उसी प्रकार भारत का अभिन्न हिस्सा बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया गया, जिस प्रकार उत्तर प्रदेश और देश के अन्य राज्य हैं। अब भारत में दो कानून नहीं चलेंगे। एक देश में एक प्रधान, एक विधान और एक निशान ही चलेगा। लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल, डॉ0 श्यामा प्रसाद मुखर्जी तथा देश के महान स्वतंत्रता सेनानियों का यह सपना था कि भारत एकजुट और अखण्ड रहे। प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में केन्द्रीय गृह मंत्री जी द्वारा किए गए प्रयासों से सरदार पटेल के इस सपने को साकार करने की दिशा में अनेक महत्वपूर्ण कार्य हुआ है। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि राष्ट्रीय एकता को खतरा तब उत्पन्न होता है, जब समाज जाति, क्षेत्र और भाषा के नाम पर बंटने लगता है। जिस प्रकार किसी शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने पर बीमारियां उसे घेर लेती हैं, उसी प्रकार समाज की एकजुटता और प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने पर जातिवाद, क्षेत्रवाद और भाषावाद जैसी प्रवृत्तियां समाज को कमजोर करती हैं। इससे समाज में विभाजन पैदा होता है और बाहरी आक्रांताओं को देश की एकता को नुकसान पहुंचाने का अवसर मिलता है। हमें सरदार वल्लभभाई पटेल के विचारों और आदर्शों को अपने जीवन में उतारना चाहिए। सरदार पटेल का सच्चा अनुयायी वही हो सकता है, जिसके मन में राष्ट्रवाद की भावना हो और जो भारत की एकता, सुरक्षा तथा संप्रभुता को सर्वोपरि रखता हो। देश की एकता और अखण्डता को चुनौती देने के कुत्सित प्रयासों का हम सभी को मिलकर मुकाबला करना होगा। राष्ट्रीय एकता को कमजोर करने वाली विभाजनकारी शक्तियों के विरुद्ध एकजुट होकर खड़ा होना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। यही लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी। मुख्यमंत्री जी ने सरदार वल्लभभाई पटेल की जयन्ती पर निरन्तर कार्यक्रम के आयोजन के लिए विधायक श्री शशांक वर्मा के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने श्री वर्मा के पिता स्व0 पटेल रामकुमार वर्मा की स्मृतियों को नमन करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री जी ने पटेल स्मारिका-2026 का विमोचन भी किया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री द्वय श्री केशव प्रसाद मौर्य व श्री ब्रजेश पाठक, जलशक्ति मंत्री श्री स्वतंत्र देव सिंह, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री श्री भूपेन्द्र चौधरी, खेल एवं युवा कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गिरीश चन्द्र यादव, कृषि राज्य मंत्री श्री बलदेव सिंह ओलख, ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत राज्य मंत्री श्री कैलाश सिंह राजपूत, श्रम एवं सेवायोजन राज्य मंत्री श्री मनोहर लाल मन्नू कोरी, लखनऊ की महापौर श्रीमती सुषमा खर्कवाल सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।