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12h ago हिंदी
'सरकार ने हमें बिना नोटिस-कारण बताए हटाया':ब्लॉक प्रोजेक्ट मैनेजर का BJP ऑफिस के बाहर हंगामा; बोले-5 साल की नौकरी; 1 ही साल में हटाया
पटना में शिक्षा विभाग से हटाए गए ब्लॉक प्रोजेक्ट मैनेजर (प्रखंड परियोजना प्रबंधक) आज अपनी मांगों को लेकर भाजपा कार्यालय पहुंचे। इनका कहना है कि वर्ष 2023 में शिक्षा विभाग में उनकी पोस्टिंग हुई थी और पांच साल का अनुबंध था, लेकिन 31 मार्च 2025 को उन्हें काम से हटा दिया गया। प्रदर्शन कर रहे ब्लॉक प्रोजेक्ट मैनेजरों का आरोप है कि तत्कालीन शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव एस. सिद्धार्थ के स्तर से उन्हें मौखिक आदेश के जरिए हटाया गया। इसके लिए कोई लिखित पत्र भी जारी नहीं किया गया। ब्लॉक प्रोजेक्ट मैनेजरों ने भाजपा कार्यालय पहुंचकर सरकार और शिक्षा विभाग तक अपनी बात पहुंचाने की मांग की। उनका कहना है कि वे पिछले करीब एक साल से अपनी बहाली को लेकर अलग-अलग स्तर पर अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से मिल रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें सिर्फ आश्वासन मिला है। उनकी मांग है कि उन्हें दोबारा सेवा में बहाल किया जाए और यह स्पष्ट किया जाए कि आखिर उन्हें किस आधार पर हटाया गया। अलग-अलग मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों से मिल रहे प्रदर्शन में शामिल अभयानन्द ने कहा कि वे चाहते हैं कि वे चाहते है कि उनकी बात विभाग और सरकार तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि पिछले एक साल से वे अपने-अपने क्षेत्र के अलग-अलग मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों से मिल रहे हैं, ताकि उनकी बात शिक्षा मंत्री तक पहुंच सके। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री से भी मुलाकात हुई थी, लेकिन वहां से भी उन्हें आश्वासन मिला। अब वे जानना चाहते हैं कि आखिर उनके खिलाफ क्या फीडबैक था, उनकी ड्यूटी में क्या कमी थी और उन्हें क्यों हटाया गया। अभयानन्द ने कहा कि वे लोग जाएं तो जाएं कहां और इस बेरोजगारी के दौर में क्या करें। उनकी मांग है कि सरकार उनकी स्थिति पर स्पष्ट फैसला ले और उन्हें दोबारा काम करने का मौका दिया जाए। ‘मांग रखने आए थे, प्रशासन ने बैनर छीनकर बाहर कर दिया’ ब्लॉक प्रोजेक्ट मैनेजर दीपक कुमार ने कहा कि वे लोग अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने के लिए बैनर-पोस्टर लेकर भाजपा कार्यालय आए थे। उन्हें जानकारी मिली थी कि यहां संकल्प दिवस का आयोजन है और मुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष समेत कई मंत्री और नेता कार्यक्रम में शामिल होने वाले हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जब वे अपनी मांग रखने के लिए बैनर लेकर पहुंचे तो प्रशासन की ओर से उनका बैनर जबरन छीन लिया गया और उन्हें कार्यालय परिसर से बाहर कर दिया गया। दीपक कुमार ने कहा कि उनसे कहा गया कि अभी वे लोग नेताओं से नहीं मिल सकते हैं। शिक्षा मंत्री तक बात पहुंचाने की मांग दीपक कुमार ने कहा कि उनकी मांग है कि शिक्षा विभाग के मंत्री मीतेश तिवारी तक उनकी बात पहुंचाई जाए। उनका कहना है कि वे अपने स्तर से लगातार अपनी समस्या सरकार के सामने रखने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। उनका कहना है कि अगर विभाग ने उन्हें हटाया है तो इसके पीछे का कारण बताया जाना चाहिए। साथ ही, अगर उनके काम में कोई कमी थी या कोई फीडबैक था तो उसे भी उनके सामने रखा जाना चाहिए। ‘MBA और BTech किया, बेहतर भविष्य के लिए शिक्षा विभाग में ज्वाइन किया था’ ब्लॉक प्रोजेक्ट मैनेजर सुनील कुमार सिंह ने कहा कि कई लोगों ने MBA और BTech जैसी उच्च शिक्षा हासिल की है। उन्होंने कहा कि वे बेहतर भविष्य की उम्मीद में शिक्षा विभाग से जुड़े थे और उनका पांच साल का अनुबंध था। सुनील कुमार सिंह ने आरोप लगाया कि पांच साल के अनुबंध के बावजूद उन्हें करीब एक साल में ही विभाग से हटा दिया गया। अब उनके सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने कहा कि इस उम्र में दोबारा नौकरी तलाशना आसान नहीं है। उन्होंने कहा, सरकार एक तरफ बिहार में रोजगार देने की बात करती है, वहीं दूसरी तरफ रोजगार देने के बाद उसे छीन लिया जा रहा है। उनका कहना है कि सरकार को उनकी स्थिति पर गंभीरता से विचार करना चाहिए और उन्हें फिर से सेवा में बहाल करना चाहिए।