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20h ago हिंदी
दिल्ली में मूसलधार बारिश से हाहाकार, सीपी से एयरपोर्ट तक जलभराव, 400 से ज्यादा उड़ानें प्रभावित, दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेस वे पर 10 किलोमीटर जाम
नई दिल्ली. राजधानी दिल्ली में शुक्रवार को कुछ घंटों की तेज बारिश ने जनजीवन की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया. दोपहर बाद अचानक तेज हुई बारिश के बाद कनॉट प्लेस, अकबर रोड, लाजपत नगर, साउथ मोती बाग, सुब्रतो पार्क, महिपालपुर और इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के आसपास कई इलाकों में सड़कें पानी में डूब गईं. जगह-जगह जलभराव के कारण यातायात की रफ्तार बेहद धीमी हो गई और कई प्रमुख मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं. दिल्ली से गुरुग्राम जाने वाले मार्ग पर स्थिति और गंभीर रही, जहां शिव मूर्ति के पास जलभराव के चलते दिल्ली-जयपुर एक्सप्रेसवे पर करीब 10 किलोमीटर लंबा जाम लग गया और सैकड़ों यात्री घंटों फंसे रहे. बारिश का सबसे बड़ा असर राजधानी के हवाई यातायात पर भी दिखाई दिया. इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के पहुंच मार्ग और टर्मिनल क्षेत्र के सामने पानी भर जाने से यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. कई यात्रियों को पानी के बीच से सामान लेकर आगे बढ़ना पड़ा. हवाईअड्डे के टर्मिनल-2 और टर्मिनल-3 के आसपास भी जलभराव की स्थिति सामने आई. हवाईअड्डा प्रबंधन के अनुसार, पहुंच मार्ग और सामने के खुले हिस्से में जमा पानी को कुछ समय बाद निकाल दिया गया और परिचालन सामान्य रखने के प्रयास किए गए. खराब मौसम का असर उड़ानों पर भी पड़ा. शाम करीब साढ़े तीन बजे से साढ़े चार बजे के बीच कम से कम नौ उड़ानों को दिल्ली से दूसरे हवाईअड्डों की ओर मोड़ना पड़ा. इनमें चार उड़ानें जयपुर, चार लखनऊ और एक अहमदाबाद भेजी गई. इसके अलावा दिल्ली हवाईअड्डे पर 400 से अधिक उड़ानों के विलंबित होने की जानकारी सामने आई है. अहमदाबाद, मुंबई और पोर्ट ब्लेयर से दिल्ली आने वाली कई घरेलू उड़ानें भी प्रभावित हुईं. विमानन कंपनियों ने यात्रियों को उड़ान की स्थिति की पहले से जानकारी लेने और हवाईअड्डे तक पहुंचने के लिए अतिरिक्त समय लेकर निकलने की सलाह दी. बारिश के कारण केवल हवाई यातायात ही नहीं, बल्कि दिल्ली की सड़कों पर भी सामान्य आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई. कनॉट प्लेस जैसे व्यस्त कारोबारी इलाके में सड़कें पानी से भर गईं और वाहन पानी के बीच से निकलते दिखाई दिए. लाजपत नगर और अकबर रोड के आसपास भी जलभराव ने यातायात को प्रभावित किया. साउथ मोती बाग और सुब्रतो पार्क क्षेत्र से सामने आए दृश्यों में सड़क पर पानी जमा होने के कारण वाहनों की गति बेहद कम दिखाई दी. महिपालपुर में भी कई हिस्सों में पानी भर गया. बारिश के दौरान लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागते और वाहन चालक पानी की गहराई का अंदाजा लगाते हुए आगे बढ़ते नजर आए. दिल्ली-गुरुग्राम सीमा पर हालात खास तौर पर चुनौतीपूर्ण रहे. भारी बारिश के बाद शिव मूर्ति के पास जलभराव से दिल्ली-जयपुर एक्सप्रेसवे पर यातायात लगभग रेंगने लगा. करीब 10 किलोमीटर लंबी वाहनों की कतार में सैकड़ों लोग फंस गए. दफ्तरों से घर लौट रहे लोगों को भी इस जाम का सामना करना पड़ा. दिल्ली से गुरुग्राम जाने वाले एनएच-48 पर जलभराव ने यातायात व्यवस्था को और दबाव में ला दिया. दिल्ली-नोएडा मार्ग पर भी बारिश के बाद कई जगह वाहनों की रफ्तार प्रभावित होने की जानकारी सामने आई. मौसम की मार उस समय और बढ़ गई जब राजधानी में जन्माष्टमी के कार्यक्रम भी चल रहे थे. अचानक हुई तेज बारिश ने मंदिरों और धार्मिक स्थलों की ओर जा रहे लोगों की परेशानी बढ़ा दी. दिल्ली यातायात पुलिस ने पहले ही कई क्षेत्रों में भारी भीड़ को देखते हुए यातायात संबंधी व्यवस्थाएं की थीं. नरेला स्थित खाटू श्याम दिल्ली धाम मंदिर के आसपास 4 सितंबर सुबह सात बजे से 5 सितंबर रात एक बजे तक यातायात व्यवस्था लागू की गई है. पुलिस ने लोगों को प्रभावित मार्गों से बचने और जरूरत के अनुसार वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करने की सलाह दी है. मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को दिल्ली में बारिश का दौर आगे भी जारी रह सकता है. भारत मौसम विज्ञान विभाग ने दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में गरज-चमक, बिजली और तेज हवाओं के साथ बारिश की चेतावनी दी है. कुछ स्थानों पर 50 से 100 मिलीमीटर तक भारी बारिश होने की संभावना जताई गई थी. हवा की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है और झोंकों की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका बताई गई. मौसम विभाग ने लोगों को निचले इलाकों और जलभराव वाले अंडरपास से बचने तथा आंधी-तूफान के दौरान बिजली के खंभों और तारों के आसपास न जाने की सलाह दी है. बारिश की तीव्रता का अंदाजा राजधानी के अलग-अलग मौसम केंद्रों पर दर्ज आंकड़ों से भी लगाया जा सकता है. शाम तक पालम में 75.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो दिल्ली के प्रमुख मौसम केंद्रों में सबसे अधिक रही. सफदरजंग में 32.6 मिलीमीटर, लोधी रोड में 34.6 मिलीमीटर, रिज में 20 मिलीमीटर और अयानगर में 12 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई. नारायणा में भी 54 मिलीमीटर और जनकपुरी में 48.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज होने की जानकारी सामने आई. इससे स्पष्ट है कि बारिश पूरे शहर में समान रूप से नहीं हुई, लेकिन जिन इलाकों में तेज बारिश हुई वहां कुछ ही समय में जलनिकासी व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया. राजधानी में बारिश का यह दौर ऐसे समय आया है जब दिल्ली अगले सप्ताह होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की तैयारियों में जुटी है. दिल्ली यातायात पुलिस ने 5 सितंबर को होने वाले मोटर काफिले के अभ्यास को लेकर भी व्यापक यातायात परामर्श जारी किया है. इस दौरान 22 स्थानों पर मार्ग परिवर्तन और 35 से अधिक सड़कों पर यातायात नियंत्रण की व्यवस्था रहेगी. कनॉट प्लेस, जनपथ, बाराखंभा रोड, धौलाकुआं, मोती बाग, लोधी रोड और अन्य प्रमुख मार्गों पर आवाजाही प्रभावित हो सकती है. ऐसे में बारिश के कारण पहले से दबाव में आई यातायात व्यवस्था के सामने शनिवार को अतिरिक्त चुनौती रहने की संभावना है. मौसम विभाग की शुक्रवार की चेतावनी के अनुसार शनिवार 5 सितंबर को भी दिल्ली में भारी बारिश की संभावना बनी हुई है. दिल्ली के लिए 5 सितंबर को भी भारी बारिश की चेतावनी जारी है, जबकि 6 सितंबर से भारी बारिश को लेकर कोई चेतावनी नहीं बताई गई है. हालांकि स्थानीय स्तर पर हल्की बारिश या गरज-चमक का दौर जारी रह सकता है. इसका मतलब यह है कि शनिवार को घर से निकलने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतनी होगी, खासकर उन मार्गों पर जहां शुक्रवार को जलभराव हुआ. शुक्रवार की बारिश ने एक बार फिर दिल्ली की जलनिकासी व्यवस्था और शहरी यातायात की कमजोरियों को सामने ला दिया. कुछ घंटों की तेज बारिश के बाद जहां राजधानी के प्रमुख कारोबारी और आवागमन वाले क्षेत्रों में पानी भर गया, वहीं हवाईअड्डे जैसे महत्वपूर्ण परिवहन केंद्र तक पहुंचने वाले मार्ग भी प्रभावित हुए. प्रशासन की ओर से पानी निकालने और यातायात संभालने के प्रयास किए गए, लेकिन सड़कों पर जमा पानी और जाम के कारण आम लोगों को घंटों परेशानी झेलनी पड़ी. मौसम विभाग की शनिवार के लिए भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए दिल्लीवासियों के लिए सबसे जरूरी सलाह यही है कि वे यात्रा से पहले मौसम और यातायात की स्थिति की जानकारी लें, जलभराव वाले मार्गों से बचें और हवाई यात्रा करने वाले यात्री घर से पर्याप्त समय लेकर निकलें.