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एडीसी सोनू भट्ट की अध्यक्षता में बैंकर्स की जिला स्तरीय समीक्षा कमेटी एवं जिला परामर्शदात्री कमेटी की बैठक संपन्न
एडीसी सोनू भट्ट की अध्यक्षता में बैंकर्स की जिला स्तरीय समीक्षा कमेटी एवं जिला परामर्शदात्री कमेटी की बैठक संपन्न स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए ऋण वितरण में तेजी लाएं बैंक : एडीसी वित्त वर्ष 2026 को जून तिमाही की समीक्षा हेतु आयोजित थी बैठक ऋण योजनाओं के क्रियान्वयन में गुरुग्राम की उल्लेखनीय प्रगति गुरुग्राम, 26 अगस्त। एडीसी सोनू भट्ट की अध्यक्षता में लघु सचिवालय स्थित सभागार में जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति (डीएलसीसी) एवं जिला स्तरीय समीक्षा कमेटी की बैठक आयोजित हुई। बैठक में एडीसी ने जिले में जमा, अग्रिम तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं के लक्ष्यों को पूर्ण करने के संबंध में विस्तार से चर्चा की। साथ ही, विभिन्न स्वरोजगार एवं उद्यमी योजनाओं के तहत ऋण आवेदनों की स्वीकृति एवं वितरण की बैंकवार समीक्षा की। एडीसी ने बैंकों के ऋण-जमा अनुपात, राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन, हरियाणा अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, हरियाणा महिला विकास निगम, किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) लोन, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, पीकेसीसी, प्रधानमंत्री स्वनिधि, पीएम मुद्रा योजना सहित मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना 2.0 के तहत बैंकों को भेजे गए आवेदनों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं बैंक प्रतिनिधियों को लंबित आवेदनों का शीघ्र निपटारा करने तथा निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक के दौरान एडीसी सोनू भट्ट ने चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में विभिन्न सरकारी योजनाओं के अंतर्गत बैंकों को भेजे गए ऋण आवेदनों की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सरकार की स्वरोजगार एवं आर्थिक सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने में बैंकिंग संस्थानों की भूमिका महत्वपूर्ण है। इसलिए बैंक अधिकारी ऋण आवेदनों का समयबद्ध तरीके से निपटारा सुनिश्चित करें और पात्र मामलों में ऋण स्वीकृति एवं वितरण की प्रक्रिया को अनावश्यक रूप से लंबित न रखें। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं के निर्धारित लक्ष्यों को हासिल करने के लिए संबंधित विभागों और बैंकों के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है। बैंक अधिकारी ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष जागरूकता एवं ऋण शिविर आयोजित कर अधिक से अधिक पात्र लोगों को योजनाओं से जोड़ें तथा उन्हें आवेदन प्रक्रिया और उपलब्ध वित्तीय सुविधाओं की जानकारी दें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कृषि, व्यापार एवं स्वरोजगार गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए जरूरतमंद लाभार्थियों को प्राथमिकता के आधार पर वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाए। एडीसी ने समीक्षा के दौरान कमजोर प्रदर्शन करने वाले बैंकों को अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं के लंबित मामलों का समय पर निस्तारण न करने तथा निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति में लापरवाही बरतने पर संबंधित बैंक के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि बैंकों की योजनाओं एवं वित्तीय सेवाओं की जानकारी जिले के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएं, ताकि अधिक से अधिक पात्र नागरिक इन योजनाओं का लाभ उठाकर अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकें। जिले में 88 नई बैंक शाखाएं खुलीं, कुल 1025 शाखाओं से मिल रही बैंकिंग सेवाएं बैठक में अग्रणी जिला प्रबंधक (एलडीएम) विनोद कुमार बजाज ने सभी बैंकों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि वित्त वर्ष 2025 के जून माह की तुलना में मौजूदा वित्त वर्ष के जून माह के अंत तक जिले में विभिन्न बैंकों द्वारा 88 नई शाखाएं खोली गई हैं। इसके साथ ही, जिले में विभिन्न बैंकों की कुल 1025 शाखाएं बैंकिंग सेवाएं प्रदान कर रही हैं। ऋण योजनाओं के क्रियान्वयन में गुरुग्राम की उल्लेखनीय प्रगति एलडीएम ने बताया कि वार्षिक ऋण योजना 2026-27 के तहत 30 जून 2026 तक प्राथमिकता क्षेत्र में कुल 17,964 करोड़ के लक्ष्य के मुकाबले 32,902 करोड़ की उपलब्धि हासिल की गई है, जो निर्धारित लक्ष्य का 183.16 प्रतिशत है। इसी अवधि में कृषि क्षेत्र में 1,265 करोड़ के लक्ष्य के मुकाबले 1,543 करोड़ के ऋण वितरित किए गए, जो लक्ष्य का 122.01 प्रतिशत है। वहीं, एमएसएमई क्षेत्र में 16,150 करोड़ के लक्ष्य के मुकाबले 30,986 करोड़ की उपलब्धि दर्ज की गई, जो लक्ष्य का 191.86 प्रतिशत है। अन्य प्राथमिकता क्षेत्र में 782 करोड़ के लक्ष्य के मुकाबले 373 करोड़ की उपलब्धि रही, जो 47.72 प्रतिशत है। इसी प्रकार राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत मौजूदा वित्त वर्ष 2026 के लिए 500 ऋण आवेदनों का लक्ष्य निर्धारित है जिसकी तुलना में जून माह के अंत तक 235 आवेदनों को स्वीकृति दी जा चुकी है वहीं 7 आवेदन अभी स्वीकृति की प्रक्रिया में हैं। एलडीएम ने बताया कि जिला के नागरिकों को वित्तिय विषयों के प्रति जागरूक करने के लिए 30 जून 2026 तक 90 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए थे जिसमें करीब 5640 नागरिकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इसी प्रकार रुड़सेट संस्थान द्वारा 08 विभिन्न स्वरोजगार प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत 244 प्रार्थियों को प्रशिक्षित किया गया। पीएम सूर्य घर योजना के तहत जिला में 1727 आवेदनों में से 198 को स्वीकृति प्रदान की गई है। वहीं 546 लाभधारकों को सब्सिडी राशि वितरित की गई है।उन्होंने बताया कि जिला में पशुपालन विभाग द्वारा आयोजित किए जा रहे कैंपो में 107 ऋण आवेदन प्राप्त हुए हैं। इसमें से 35 को स्वीकृत किया जा चुका है व 70 पेंडिंग है। बैठक में आरबीआई से लीड डिस्ट्रिक्ट ऑफिसर यश भारद्वाज, केनरा बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय से एजीएम तिम्मा नायक एम डीडीएम गुरुग्राम मयंक प्रताप सिंह सहित सरकारी व गैर सरकारी बैंकों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। 0000