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12h ago हिंदी
BRICS में घोषणा पत्र से मोदी-जिनपिंग की मुलाकात तक, पहले दिन क्या-क्या हुआ?
BRICS में घोषणा पत्र से मोदी-जिनपिंग की मुलाकात तक, पहले दिन क्या-क्या हुआ? भारत मंडपम में 18वें BRICS सम्मेलन का आगाज; पहलगाम हमले की निंदा, साझा घोषणापत्र पर सहमति और वैश्विक मुद्दों पर बनी बात नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में 18वें BRICS शिखर सम्मेलन की शुरुआत हुई। सम्मेलन में 21 देशों के राष्ट्राध्यक्ष और प्रतिनिधिमंडलों ने हिस्सा लिया। पहले दिन जहां वैश्विक मुद्दों पर व्यापक चर्चा हुई, वहीं पीएम मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की द्विपक्षीय मुलाकात ने सबसे ज्यादा ध्यान खींचा। रामेश्वरम मंदिर के बैकड्रॉप पर हुआ फोटो सेशन सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने एक-एक कर विभिन्न देशों के नेताओं का स्वागत किया। रामेश्वरम मंदिर की पृष्ठभूमि में राष्ट्राध्यक्षों के साथ फोटो सेशन भी हुआ। इस दौरान पीएम मोदी ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग को मंदिर से जुड़ी जानकारी भी दी। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि दुनिया के कुछ देश फैसले ले रहे हैं, लेकिन वैश्विक व्यवस्था में सभी की आवाज सुनी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि BRICS किसी के खिलाफ नहीं है और समूह में सभी देशों के समान अधिकार हैं। पहलगाम आतंकी हमले की BRICS देशों ने की निंदा BRICS के संयुक्त घोषणापत्र में रूस और चीन समेत सदस्य देशों ने पहलगाम आतंकी हमले की निंदा की। आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होकर कार्रवाई करने, आतंकियों की फंडिंग रोकने और उन्हें सुरक्षित पनाह देने वालों के खिलाफ कदम उठाने पर जोर दिया गया। घोषणापत्र में एकतरफा सैन्य कार्रवाई के विरोध समेत कई वैश्विक मुद्दों पर सदस्य देशों ने अपना रुख साझा किया। अमेरिका की टैरिफ नीति पर भी चिंता जताई गई और विकास के लिए आपसी सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया। सात साल बाद भारत पहुंचे जिनपिंग, मोदी से हुई द्विपक्षीय मुलाकात BRICS सम्मेलन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय बैठक हुई। सात साल बाद जिनपिंग की भारत यात्रा को दोनों देशों के संबंधों के लिहाज से अहम माना जा रहा है। इससे पहले जिनपिंग ने BRICS देशों से एकजुट होकर काम करने और निजी हितों से ऊपर उठने की अपील की। जिनपिंग के दिल्ली दौरे के दौरान उनके काफिले की सुरक्षा भी चर्चा में रही। काफिले की कुछ गाड़ियों को काले कवर से ढककर रखा गया था। रिपोर्ट के मुताबिक, इसका उद्देश्य हाई-सिक्योरिटी वाहनों से जुड़ी संवेदनशील जानकारियों को सार्वजनिक होने से रोकना था। ईरानी राष्ट्रपति से मुलाकात पर भारत का रुख साफ पीएम मोदी की ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान से भी मुलाकात हुई। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत ईरान से जुड़े मुद्दों का समाधान संवाद और कूटनीति के माध्यम से चाहता है। मंत्रालय ने दोनों देशों के ऐतिहासिक और मैत्रीपूर्ण संबंधों को भी रेखांकित किया। BRICS नेताओं के साथ पीएम मोदी ने लगाया बरगद का पौधा प्रधानमंत्री मोदी ने BRICS देशों के नेताओं के साथ बरगद का पौधा लगाया। उन्होंने इसे BRICS की गहरी जड़ों, बढ़ती ताकत और साझा भविष्य का प्रतीक बताया। इसके बाद पीएम मोदी ने नेताओं के साथ भारत मंडपम में आयोजित ‘भारत इनोवेट्स’ प्रदर्शनी का भी दौरा किया। फिलहाल साझा BRICS मुद्रा का प्रस्ताव नहीं सम्मेलन के दौरान आर्थिक मामलों के सचिव सुधाकर दलेला ने स्पष्ट किया कि फिलहाल BRICS की साझा मुद्रा शुरू करने का कोई प्रस्ताव नहीं है। हालांकि सदस्य देशों के बीच स्थानीय मुद्राओं में व्यापार निपटान को बढ़ावा देने पर चर्चा जारी है। इसका उद्देश्य द्विपक्षीय व्यापार में लेनदेन की लागत कम करना और वैश्विक भुगतान व्यवस्था के विकल्पों को मजबूत करना है। वैश्विक नेताओं के लिए पीएम मोदी ने दिया डिनर शाम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने BRICS में शामिल वैश्विक नेताओं और प्रतिनिधियों के लिए गाला डिनर का आयोजन किया। इसमें रूस के राष्ट्रपति पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान समेत कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष और प्रतिनिधि शामिल हुए। दिनभर की गतिविधियों के बाद BRICS सम्मेलन का पहला दिन कई महत्वपूर्ण कूटनीतिक मुलाकातों और फैसलों के साथ समाप्त हुआ।