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12h ago हिंदी
गृहमंत्री जवाब देने को तैयार, विपक्ष सदन से न भागे: रिजिजू ने नारेबाजी कर रहे सांसदों को दी चुनौती
गृहमंत्री जवाब देने को तैयार, विपक्ष सदन से न भागे: रिजिजू ने नारेबाजी कर रहे सांसदों को दी चुनौती नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के दौरान सोमवार को लोकसभा और राज्यसभा, दोनों सदनों में विपक्ष के हंगामे और नारेबाजी के बीच कामकाज हुआ। लोकसभा में संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्षी सांसदों से कहा कि गृहमंत्री सदन में जवाब देने के लिए तैयार हैं, इसलिए जब वह जवाब देने आएं तो विपक्ष सदन से बाहर न जाए और उनकी बात सुने। रिजिजू की इस टिप्पणी के बाद सदन का माहौल और गरमा गया। विपक्षी सांसद लगातार नारेबाजी करते रहे। दूसरी ओर, सरकार ने हंगामे के बीच कई विधेयक पेश किए और विधायी कामकाज आगे बढ़ाया। सुबह से ही लोकसभा में हंगामा लोकसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू हुई, लेकिन कुछ ही देर बाद विपक्षी सांसदों की नारेबाजी के चलते सदन को दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दिया गया। विपक्षी सांसद हाथों में पोस्टर लेकर सरकार के खिलाफ नारे लगाते नजर आए। दोपहर 12 बजे कार्यवाही दोबारा शुरू होने के बाद भी हंगामा जारी रहा। पीठासीन अधिकारी ने सदस्यों से अपनी सीटों पर लौटने की अपील की, लेकिन विपक्षी सांसद वेल में पहुंच गए और नारेबाजी करते रहे। हंगामे के बीच कई विधेयक पेश विपक्ष के विरोध के बीच सरकार ने विधायी कामकाज जारी रखा। संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने अधिकरण सुधार विधेयक, 2026 पेश किया। इसके बाद खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने खान और खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 पेश किया। गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने केरल (नाम परिवर्तन) विधेयक, 2026 पेश किया। केंद्रीय राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (संशोधन) विधेयक भी सदन में रखा। हंगामा बढ़ने पर लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दी गई। रिजिजू बोले- गृहमंत्री को सुनना पड़ेगा दोपहर 2 बजे सदन की कार्यवाही फिर शुरू हुई तो विपक्षी सांसदों की नारेबाजी जारी रही। इसी दौरान संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि गृहमंत्री सदन में जवाब देने के लिए तैयार हैं। उन्होंने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि जब गृहमंत्री जवाब देने आएं तो विपक्ष सदन से भागे नहीं, बल्कि उन्हें सुनना पड़ेगा। हंगामे के बावजूद अधिकरण सुधार विधेयक, 2026 लोकसभा से पारित हो गया। इसके बाद सदन की कार्यवाही मंगलवार, 11 अगस्त को सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। राज्यसभा में भी हंगामे के साथ शुरुआत राज्यसभा में भी सोमवार को कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी शुरू कर दी। सभापति सीपी राधाकृष्णन ने सदस्यों से जरूरी दस्तावेज सदन के पटल पर रखने को कहा। इसके बाद शून्यकाल के दौरान हंगामा बढ़ गया और सदन को दोपहर 12 बजे तक स्थगित करना पड़ा। दोपहर 12 बजे कार्यवाही शुरू होने पर प्रश्नकाल हुआ, लेकिन विपक्ष की नारेबाजी जारी रही। इसके बाद सदन को दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दिया गया। बैंकर्स बुक्स एविडेंस विधेयक राज्यसभा से पास दोपहर 2 बजे के बाद भी हंगामा जारी रहने पर उपसभापति हरिवंश ने सदन को कुछ समय के लिए स्थगित किया। इसके बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बैंकर्स बुक्स एविडेंस विधेयक, 2026 राज्यसभा में पेश किया। विधेयक का उद्देश्य बैंक रिकॉर्ड से जुड़े करीब 135 वर्ष पुराने कानूनी ढांचे की जगह नया कानून लाना है। इसमें डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग रिकॉर्ड को अदालतों में साक्ष्य के रूप में स्वीकार करने से जुड़े प्रावधान शामिल हैं। चर्चा के बाद विधेयक राज्यसभा से पारित हो गया। कराधान संशोधन विधेयक पर संजय सिंह ने उठाए सवाल वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इसके बाद कराधान एवं अन्य विधियां (संशोधन) विधेयक, 2026 राज्यसभा में पेश किया। यह विधेयक लोकसभा से पहले ही पारित हो चुका है। आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने विधेयक का विरोध करते हुए इसके प्रावधानों और संभावित प्रभावों पर सरकार से सवाल किए। उन्होंने कहा कि इतने महत्वपूर्ण विधेयक पर पर्याप्त चर्चा होनी चाहिए और विपक्ष की बात भी सुनी जानी चाहिए। दोनों सदनों में दिखी एक जैसी तस्वीर सोमवार को संसद के दोनों सदनों में लगभग एक जैसी स्थिति देखने को मिली। विपक्षी सांसद नारेबाजी और विरोध करते रहे, जबकि सरकार ने हंगामे के बीच विधायी कामकाज जारी रखा। लोकसभा में अधिकरण सुधार विधेयक पारित हुआ, जबकि राज्यसभा में बैंकर्स बुक्स एविडेंस विधेयक पारित किया गया। कराधान एवं अन्य विधियां (संशोधन) विधेयक पर भी सदन में चर्चा हुई।