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12h ago हिंदी
बीस सूत्रीय मांगों को लेकर कांग्रेस ने पालिका घेराव किया:नगरीय प्रशासन मंत्री का पुतला दहन कर ज्ञापन सौंपा,भ्रष्टाचार और घटिया निर्माण की जांच की मांग
गरियाबंद नगर पालिका क्षेत्र में गंदगी, कथित भ्रष्टाचार, अनियमितताओं और गुणवत्ताहीन निर्माण कार्यों के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी ने नगरपालिका प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। बीस सूत्रीय मांगों को लेकर कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने नगरपालिका कार्यालय का घेराव किया। इस दौरान केंद्र सरकार, राज्य सरकार और नगरपालिका प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की गई। प्रदर्शन के अंत में नगरीय प्रशासन मंत्री का पुतला दहन कर नगरीय प्रशासन सचिव और कलेक्टर के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा गया। जिला कांग्रेस कार्यालय में सभा कर प्रशासन पर लगाए आरोप नगरपालिका घेराव से पहले जिला कांग्रेस कार्यालय में सभा आयोजित की गई। सभा को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुखचंद बेसरा ने आरोप लगाया कि गरियाबंद शहर गंदगी और अव्यवस्थाओं से जूझ रहा है। नगरपालिका के कामकाज में कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के कारण आम नागरिकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बेसरा ने कहा कि कांग्रेस पहले भी विभिन्न माध्यमों से इन समस्याओं को लेकर नगरपालिका प्रशासन का ध्यान आकर्षित कर चुकी है। इसके बावजूद समाधान नहीं होने के कारण पार्टी को जनता के हित में आंदोलन करना पड़ा। उन्होंने सफाई व्यवस्था सुधारने, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और विकास कार्यों में पारदर्शिता लाने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि मांगों पर कार्रवाई नहीं होने पर पार्टी आगे उग्र आंदोलन करेगी। तिरंगा चौक और बस स्टैंड से होते हुए पहुंचे नगरपालिका सभा के बाद सैकड़ों कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता पैदल रैली निकालकर नगरपालिका कार्यालय की ओर रवाना हुए। प्रदर्शनकारी तिरंगा चौक और बस स्टैंड होते हुए कार्यालय पहुंचे। रास्ते में उन्होंने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की। नगरपालिका कार्यालय पहुंचने से पहले पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था के तहत बैरिकेड्स लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया। इसके बाद आगे बढ़ने को लेकर पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच झूमाझटकी की स्थिति बनी। हालांकि, प्रदर्शनकारी मांगों को लेकर अपना विरोध जताते रहे। तालाब के कार्य शुरू कराने की मांग कांग्रेस ने ज्ञापन में शहर के नया तालाब के गहरीकरण कार्य में कथित अनियमितताओं की जांच कराने की मांग की। इसके साथ ही नालंदा से संबंधित कार्य शुरू कराने और देवरानीन तालाब तथा नया तालाब के स्वीकृत कार्यों को शुरू करने की मांग भी उठाई गई। ज्ञापन में शहर में अवैध प्लाटिंग पर रोक लगाने, नालियों की नियमित सफाई कराने और नगरपालिका क्षेत्र में कराए गए निर्माण कार्यों की जांच कराने की मांग शामिल है। कांग्रेस का कहना है कि विकास कार्यों की गुणवत्ता की जांच होनी चाहिए, ताकि सार्वजनिक धन का सही उपयोग हो और नागरिकों को मूलभूत सुविधाएं मिल सकें। मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी जिला कांग्रेस कमेटी ने शहर की सफाई व्यवस्था सुधारने, तालाबों के विकास कार्यों में तेजी लाने, अवैध प्लाटिंग पर नियंत्रण और निर्माण कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की। पार्टी ने कहा कि नगरवासियों को बेहतर नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराना स्थानीय प्रशासन की जिम्मेदारी है और समस्याओं का समयबद्ध निराकरण होना चाहिए। कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि बीस सूत्रीय मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा। ये पदाधिकारी और कार्यकर्ता रहे मौजूद प्रदर्शन में जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुखचंद बेसरा, नीरज ठाकुर, रमेश शर्मा, पवन सोनकर, सन्नी मेमन, आबिद ढेबर, लोकेंद्र कोमर्रा, प्रहलाद यदु, छगन यादव, राजेश साहू, प्रेम सोनवानी, जुनैद खान, संदीप सरकार, पूना यादव, रमेश वर्मा, मुकेश पांडेय, अजय बाजपेयी, चेतन सिन्हा, गोरेलाल सिन्हा, रितिक सिन्हा, निरंजन प्रधान, हेमलता सिन्हा, वेदांत शर्मा, शेषांक मालिक, शिला तांडी, प्रतिभा पटेल, पार्वती ध्रुव, सविता गिरी और मुकेश भोई सहित सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए।