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14h ago हिंदी
UNESCO Tentative List: यूनेस्को की अस्थायी सूची में उदयगिरि गुफाएं, भित्ति चित्रकारी, गिन्नौरगढ़ फोर्ट और मंदिर समूह को मिली जगह
UNESCO Tentative List: मध्य प्रदेश ( Madhya Pradesh ) की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक पहचान की दिशा में बड़ी उपलब्धि मिली है। यूनेस्को की टेंटेटिव लिस्ट ( UNESCO Tentative List ) में प्रदेश के चार और ऐतिहासिक स्थलों को शामिल किया गया है। इन स्थलों के यूनेस्को की अस्थायी सूची में शामिल होने से मध्य प्रदेश की समृद्ध पुरातात्विक और सांस्कृतिक धरोहर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने की उम्मीद बढ़ी है। 4 New Heritage Treasures from Madhya Pradesh Join India’s UNESCO Tentative List! The Heart of Incredible India has another reason to celebrate! With four remarkable heritage sites added to India’s UNESCO Tentative List, Madhya Pradesh continues to showcase its extraordinary… pic.twitter.com/TDFpJt6jvN — Madhya Pradesh Tourism (@MPTourism) September 28, 2026 यूनेस्को की अस्थायी सूची में यह ऐतिहासिक स्थल यूनेस्को की अस्थायी सूची में धार ( Dhar ) की बाघ गुफाओं की भित्ति चित्रकारी, सीहोर ( Sehore ) का गिन्नौरगढ़ किला, मुरैना ( Morena ) के बटेश्वर-पदावली-ककरामठ मंदिर समूह और विदिशा ( Vidisha ) की उदयगिरि गुफाएं शामिल हैं। यूनेस्कों की अस्थायी सूची में 78 में से 19 स्थल एमपी के भारत ( India ) की कुल 78 टेंटेटिव धरोहरों में से 19 स्थल अकेले मध्य प्रदेश से जुड़े हैं। एमपी पर्यटन बोर्ड ( MP Tourism Board ) के प्रयासों और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ( ASI ) की प्रक्रिया के बाद इन चारों धरोहरों को सूची में स्थान मिला है। मध्य प्रदेश की ऐतिहासिक धरोहरों को मिली वैश्विक पहचान यशस्वी प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के नेतृत्व में भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को विश्व पटल पर नई पहचान मिल रही है। इसी गौरवपूर्ण कड़ी में मध्य प्रदेश की उदयगिरि गुफाएं, बाघ गुफा चित्रकारी, गिन्नौरगढ़ किला तथा… https://t.co/AqCfjR7NoC — Chief Minister, MP (@CMMadhyaPradesh) September 28, 2026 जानें एमपी के चारों ऐतिहासिक स्थलों की खासियत धार की बाघ गुफाएं चौथी से छठी शताब्दी की बौद्ध भित्ति चित्र ( Buddhist mural painting ) परंपरा के लिए प्रसिद्ध हैं। वहीं गिन्नौरगढ़ किला ( Ginnaurgarh Fort ) गोंड शासन, किलेबंदी और जल प्रबंधन व्यवस्था का महत्वपूर्ण उदाहरण है। विदिशा की उदयगिरि गुफाएं गुप्तकालीन अहम धरोहर मुरैना के बटेश्वर-पदावली-ककरामठ मंदिर समूह प्रारंभिक मध्यकालीन नागर वास्तुकला को दर्शाते हैं, जबकि विदिशा की उदयगिरि गुफाएं गुप्तकालीन धार्मिक और राजनीतिक इतिहास की अहम धरोहर हैं। विश्व धरोहर सूची में शामिल होने की प्रक्रिया का फस्ट फेज यूनेस्को की टेंटेटिव लिस्ट में शामिल होना किसी स्थल के विश्व धरोहर सूची में शामिल होने की प्रक्रिया का शुरुआती चरण होता है। इससे भविष्य में इन स्थलों को UNESCO World Heritage Site का दर्जा मिलने की संभावना बनती है।