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14h ago हिंदी
CG Cyclone Arnab: चक्रवात ‘अर्नब’ का छत्तीसगढ़ में असर, भारी बारिश-तेज हवाओं का अलर्ट, किसानों को फसल बचाने की सलाह
CG Cyclone Arnab: बंगाल की खाड़ी में सक्रिय अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ (CG Cyclone Arnab) का असर छत्तीसगढ़ में दिखाई दे रहा है। प्रदेश में 28 और 29 अक्टूबर को कई स्थानों पर भारी से अति भारी बारिश की संभावना है। इसके साथ ही गरज-चमक, वज्रपात और तेज हवाएं चल सकती हैं। मौसम की स्थिति को देखते हुए इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के कृषि मौसम विज्ञान विभाग ने किसानों के लिए विशेष कृषि मौसम सलाह (Agrometeorological Advisory) जारी की है। 28 अक्टूबर को कई जिलों में भारी बारिश की संभावना कृषि मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार 28 अक्टूबर को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मध्यम बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर भारी और एक-दो स्थानों पर अति भारी बारिश की संभावना है। (CG Cyclone Arnab) इस दौरान गरज-चमक और वज्रपात के साथ 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ स्थानों पर हवा की गति 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है। 28 अक्टूबर को बलौदाबाजार-भाटापारा, महासमुंद, रायपुर, दुर्ग, बालोद, धमतरी, कांकेर, नारायणपुर, बस्तर, बीजापुर, दंतेवाड़ा और सुकमा में अधिकांश स्थानों पर भारी से अति भारी बारिश की संभावना जताई गई है। (CG Cyclone Arnab) वहीं सरगुजा, सूरजपुर, बलरामपुर-रामानुजगंज, जशपुर, रायगढ़, जांजगीर-चांपा, सक्ती, सारंगढ़-बिलाईगढ़, कोरिया, बिलासपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, मुंगेली, कबीरधाम, बेमेतरा, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, राजनांदगांव और मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में भी बारिश होने की संभावना है। 29 अक्टूबर को भी बारिश का दौर रहेगा जारी 29 अक्टूबर को भी प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है। बस्तर, बलरामपुर-रामानुजगंज, सूरजपुर, कोरिया और कोरबा में एक-दो स्थानों पर भारी से अति भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, सरगुजा, जशपुर, रायगढ़, सक्ती, सारंगढ़-बिलाईगढ़, बिलासपुर, मुंगेली, कबीरधाम, बेमेतरा, बलौदाबाजार-भाटापारा, महासमुंद, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, राजनांदगांव, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, बालोद, दुर्ग, धमतरी, गरियाबंद और रायपुर में अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। पकी धान की फसल जल्द काटकर सुरक्षित रखने की सलाह चक्रवात के प्रभाव से बारिश की संभावना को देखते हुए कृषि मौसम विज्ञान विभाग ने किसानों को धान, मक्का और तिलहन समेत खरीफ फसलों (Kharif Crops) की पकी हुई फसल की जल्द कटाई करने की सलाह दी है। कटाई के बाद फसल को खुले में छोड़ने के बजाय सुरक्षित और सूखे स्थान पर रखने को कहा गया है। खेतों में जलभराव से फसल को नुकसान न हो, इसके लिए जल निकासी की व्यवस्था करने की सलाह दी गई है। किसानों को अपनी खड़ी फसलों की नियमित निगरानी करने और तेज हवा से (CG Cyclone Arnab) फसल गिरने की स्थिति को रोकने के लिए आवश्यक उपाय करने को कहा गया है। वहीं बारिश को देखते हुए फिलहाल गेहूं, चना और मसूर जैसी रबी फसलों की बुआई स्थगित रखने की सलाह दी गई है। मौसम साफ होने के बाद नवंबर के पहले सप्ताह में रबी फसलों की बुआई शुरू करने को कहा गया है। फसल के सुरक्षित भंडारण पर जोर कृषि विभाग ने किसानों को बारिश से कृषि उपज की गुणवत्ता प्रभावित न होने देने के लिए सुरक्षित भंडारण पर विशेष ध्यान देने को कहा है। (CG Cyclone Arnab) जल्द खराब होने वाली उपज को ढंककर रखने और अनाज को साफ, हवादार और सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी गई है। भंडारण से पहले अनाज को उचित नमी स्तर तक सुखाना जरूरी बताया गया है। बीजों को सुरक्षित रखने के साथ उनकी अंकुरण क्षमता और कीट प्रबंधन का ध्यान रखने को कहा गया है। भंडारण स्थल की छत, फर्श और जल निकासी व्यवस्था भी दुरुस्त रखने की सलाह दी गई है। मौसम साफ होने तक फसलों में कीटनाशक और खरपतवारनाशक का छिड़काव नहीं करने को कहा गया है। सब्जी और बागवानी फसलों को भी बचाने की तैयारी तेज हवा और बारिश की संभावना को देखते हुए सब्जी एवं बागवानी फसलों (Horticulture Crops) की सुरक्षा के लिए भी किसानों को सावधानी बरतने को कहा गया है। (CG Cyclone Arnab) जिन सब्जियों और फलों की उपज तैयार हो चुकी है, उनकी जल्द तुड़ाई या कटाई कर बाजार भेजने की व्यवस्था करने की सलाह दी गई है। करेला, लौकी समेत लता वाली सब्जियों को तेज हवा से नुकसान से बचाने के लिए सहारा देने को कहा गया है। केले के पौधों में फूल या फल आने की अवस्था में उन्हें बांस आदि का सहारा देने की सलाह दी गई है। खेतों में पानी जमा न हो, इसके लिए जल निकासी की व्यवस्था भी सुनिश्चित करने को कहा गया है। पशुधन को सुरक्षित रखने की अपील कृषि मौसम विज्ञान विभाग ने पशुपालकों को भी बारिश और तेज हवाओं से पशुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की सलाह दी है। पशुओं को सूखे और सुरक्षित स्थान पर रखने तथा वज्रपात के दौरान पेड़ों के नीचे आश्रय नहीं देने को कहा गया है। पशुओं के लिए पर्याप्त स्वच्छ (CG Cyclone Arnab) पेयजल और सूखे चारे की व्यवस्था करने की सलाह दी गई है। हरे और सूखे चारे को भी सुरक्षित स्थान पर रखने को कहा गया है, ताकि बारिश के कारण उनकी गुणवत्ता खराब न हो। मौसम देखकर ही करें कृषि कार्य इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मौसम विज्ञान विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार ही कृषि कार्यों की योजना बनाएं। (CG Cyclone Arnab) किसानों को मौसम की ताजा जानकारी लेते रहने, खेतों में जल निकासी की व्यवस्था करने और पकी फसलों की जल्द कटाई एवं सुरक्षित भंडारण करने की सलाह दी गई है। विभाग ने तेज बारिश, गरज-चमक और वज्रपात के दौरान अनावश्यक रूप से खेतों में नहीं जाने की अपील की है। समय पर सावधानी बरतकर किसान चक्रवात ‘अर्नब’ के संभावित प्रभाव से फसल, कृषि उपज और पशुधन को होने वाले नुकसान को काफी हद तक कम कर सकते हैं।