प्रदेश में चीनी की कोई कमी नहीं, गोदामों में 70.64 लाख कुंतल स्टॉक चीनी की उपलब्धता और कीमतों पर रहेगी कड़ी निगरानी, अफवाहों पर ध्यान न दें उपभोक्ता लखनऊ, 14 अक्टूबर। प्रदेश में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता है और इसकी कोई कमी नहीं है। चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे चीनी की कमी को लेकर फैलने वाली भ्रामक अफवाहों पर ध्यान न दें। प्रदेश में चीनी की मासिक खपत लगभग 40 लाख कुंतल है, जबकि गोदामों में वर्तमान में 70.64 लाख कुंतल चीनी का स्टॉक उपलब्ध है। विभाग के अनुसार, उपलब्ध स्टॉक में सहकारी चीनी मिलों के पास 13.40 लाख कुंतल, निगम की चीनी मिलों के पास 2.93 लाख कुंतल और निजी क्षेत्र की चीनी मिलों के पास 54.30 लाख कुंतल चीनी शामिल है। इस पर्याप्त भंडार से बाजार में चीनी की उपलब्धता बनाए रखने में मदद मिलेगी। नवंबर में नई चीनी भी होगी उपलब्ध विभाग ने बताया कि चीनी मिलों का संचालन अक्टूबर के अंतिम सप्ताह से शुरू होने की संभावना है। इसके बाद नवंबर में पेराई सत्र 2026-27 की नई चीनी भी बाजार में उपलब्ध होने लगेगी। इससे आगामी दिनों में चीनी की आपूर्ति और मजबूत होने की उम्मीद है। कीमतों और स्टॉक की होगी निगरानी भारत सरकार के खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के सचिव ने 13 अक्टूबर 2026 को उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर चीनी की कीमतों पर प्रभावी नियंत्रण रखने और देशभर में इसकी सुचारु उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। इसी क्रम में गन्ना आयुक्त ने 14 अक्टूबर को क्षेत्रीय अधिकारियों के साथ बैठक कर चीनी के स्टॉक का भौतिक सत्यापन कराने तथा कीमतों की निरंतर निगरानी करने के निर्देश दिए। प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को भी पत्र भेजकर चीनी मिलों से निकासी, बाजार में उपलब्धता और एक्स-मिल, थोक एवं खुदरा कीमतों पर नजर रखने को कहा गया है। जिलों में गठित होंगी विशेष टीमें चीनी के स्टॉक का भौतिक सत्यापन करने और बाजार में कीमतों की निगरानी के लिए विशेष विभागीय टीमें गठित करने के निर्देश दिए गए हैं। इन टीमों के माध्यम से आवश्यकतानुसार प्रवर्तन कार्रवाई भी की जाएगी। शासन ने स्पष्ट किया है कि केंद्र सरकार के निर्देशों का कड़ाई से पालन कराया जाएगा। विभाग का कहना है कि त्योहारों के दौरान बाजार में चीनी की उपलब्धता सुचारु बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी की जाएगी, ताकि उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
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