एएमयू छात्रसंघ चुनाव में अब सियासी ताकत दिखाने की बारी अंतिम भाषणों की है। इससे पहले मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) प्रो. जावेद तालिब ने रविवार को अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और मानद सचिव पद के सभी प्रत्याशियों को नियमों की हद समझा दी। साफ संदेश दिया कि अपनी बात खुलकर रखें, लेकिन भाषण में ऐसा कुछ न कहें जिससे विश्वविद्यालय की छवि खराब हो या चुनाव आचार संहिता टूटे। प्रत्याशियों को भाषण के लिए महज 5+1 मिनट मिलेंगे। राष्ट्र निर्माण में छात्र नेतृत्व पर रखनी होगी बात तीनों पदों के उम्मीदवारों के अंतिम भाषण 3 नवंबर को होंगे। विषय होगा- 'राष्ट्र निर्माण में छात्र नेतृत्व का योगदान'। प्रत्याशी हिंदी, अंग्रेजी या उर्दू समेत किसी भी भाषा में अपनी बात रख सकेंगे। सीईओ ने कहा कि भाषण निर्धारित विषय के इर्द-गिर्द ही रहे और तय समय में अपनी बात पूरी करें। 2 बजे बंद होगा गेट, 2:15 बजे तक शुरू होगा कार्यक्रम कार्यक्रम में देरी की गुंजाइश नहीं रहेगी। दोपहर दो बजे यूनियन हॉल का मुख्य प्रवेश द्वार बंद कर दिया जाएगा। भाषण कार्यक्रम अधिकतम 2:15 बजे तक शुरू करा दिया जाएगा। हर प्रत्याशी को 5+1 मिनट का समय मिलेगा। यानी लंबी तकरीरों के बजाय तय समय में अपनी बात और अपना पक्ष मजबूती से रखना होगा। पहले आखिरी नंबर वाले की बारी, फिर बाकी प्रत्याशी भाषण के लिए प्रत्याशियों को क्रम संख्या के उलट क्रम में बुलाया जाएगा। सबसे अधिक क्रम संख्या वाला उम्मीदवार पहले और सबसे कम क्रम संख्या वाला अंत में बोलेगा। कोई प्रत्याशी अपनी बारी छोड़ता है तो उसे सभी उम्मीदवारों के बाद मौका मिलेगा। यह व्यवस्था अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और मानद सचिव तीनों पदों पर लागू होगी। बैनर-पोस्टर पर भी सख्ती, नियम तोड़े तो प्रशासन करेगा कार्रवाई सीईओ ने बैनर और पोस्टर के इस्तेमाल में निर्धारित नियमों का सख्ती से पालन करने की चेतावनी दी। प्रत्याशियों को एएमयू स्टूडेंट्स यूनियन चुनाव आचार संहिता (संशोधन) नियम-2019 के दायरे में रहने को कहा गया। भाषण में ऐसे शब्दों और टिप्पणियों से बचने की हिदायत दी गई, जिनसे विश्वविद्यालय पर प्रतिकूल प्रभाव पड़े या नियमों का उल्लंघन हो। छत से परिसर तक सुरक्षा के इंतजाम कार्यक्रम के लिए यूनियन हॉल की छत और आसपास रोशनी की व्यवस्था की जा रही है। दमकल वाहन, एंबुलेंस, चिकित्सा सुविधाएं और बैरिकेडिंग का इंतजाम भी होगा। आयोजन की जिम्मेदारी संभालने के लिए सीईओ ने डॉ. फसीह रागिब गौहर को समिति का संयोजक और डॉ. अहमद मुज्तबा सिद्दीकी को सह-संयोजक बनाया है। समिति तैयारियों को अंतिम रूप दे रही है।
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