रामलीला मैदान की रैली पर ममता का समर्थन, बोलीं—‘वोट चोरी’ पर चुप्पी नहीं, जवाब चाहिए 1 नवंबर को दिल्ली में जुटेगा I.N.D.I.A. गठबंधन, ममता ने EVM और मतदाता सूचियों पर उठाए सवाल; छात्रों, युवाओं, महिलाओं और मजदूरों से रैली में शामिल होने की अपील कोलकाता। दिल्ली के रामलीला मैदान में एक नवंबर को होने वाली विपक्षी गठबंधन I.N.D.I.A. की रैली को पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने समर्थन दिया है। उन्होंने विपक्षी दलों से एकजुट होकर कथित ‘वोट चोरी’ के खिलाफ आवाज उठाने की अपील की। ममता ने कहा कि यह लड़ाई हर भारतीय के अपने प्रतिनिधि को चुनने के अधिकार की रक्षा से जुड़ी है। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों पर जवाबदेही तय करने की मांग की। ‘वोट चोरी के आरोपों पर जवाब चाहिए’ ममता बनर्जी ने गुरुवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर कहा कि एक नवंबर को I.N.D.I.A. गठबंधन रामलीला मैदान में एकजुट होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि बंगाल समेत दूसरे राज्यों में मतदान को लेकर उठ रहे सवालों पर चुप्पी के बजाय जवाब मिलने चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए सभी को साथ आना होगा। ममता ने छात्रों, युवाओं, महिलाओं, मजदूरों और नागरिक समाज के लोगों से भी रैली में शामिल होने की अपील की। EVM से मतदाता सूची तक पर सवाल ममता बनर्जी ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM), मतदाताओं के आंकड़ों, मतदाता सूचियों और मतगणना प्रक्रिया को लेकर चिंता जताई। उन्होंने इन मुद्दों पर पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग की। उनका कहना है कि चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवालों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। हालांकि, वोट चोरी के आरोप विपक्ष की ओर से लगाए जा रहे हैं; इन आरोपों को लेकर संबंधित पक्षों का जवाब और ठोस साक्ष्य अहम होंगे। कांग्रेस ने रेलवे पर लगाया आरोप इस बीच, कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि एक नवंबर की रैली में शामिल होने के लिए लोगों को दिल्ली पहुंचने में बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि भारतीय रेलवे ने तेलंगाना से कांग्रेस सांसदों, विधायकों और कार्यकर्ताओं को राष्ट्रीय राजधानी लाने के लिए ट्रेनें उपलब्ध नहीं कराईं। वेणुगोपाल ने इसे रैली में लोगों की भागीदारी प्रभावित करने की कोशिश बताया। यह आरोप कांग्रेस की ओर से लगाया गया है। ‘वोट बचाओ महारैली’ में विपक्ष की एकजुटता पर नजर I.N.D.I.A. गठबंधन की प्रस्तावित रैली में मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण, चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और कथित वोट चोरी जैसे मुद्दे उठाए जाने हैं। ममता बनर्जी के समर्थन के साथ रैली से पहले विपक्षी दलों की एकजुटता को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है। अब सबकी नजर एक नवंबर को रामलीला मैदान में होने वाले कार्यक्रम और उसमें विपक्षी नेताओं की भागीदारी पर रहेगी।
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