उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय द्वारा सपा प्रत्याशी आकाश अग्रवाल की तुलना वेश्या से किए जाने के बाद वैश्य समाज में आक्रोश है। वैश्य समाज ने उच्च शिक्षा मंत्री से सार्वजनिक रूप से समाज से माफी मांगने की बात कही है। अगर माफी नहीं मांगी गई तो समाज उनके खिलाफ प्रदर्शन करेगा। 23 अक्टूबर को एमएलसी चुनाव के दौरान मीडिया से बातचीत के दौरान उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने सपा प्रत्याशी आकाश अग्रवाल की तुलना वैश्या से करते हुए कहा, "वैश्या किसी सती पर आरोप लगाती है तो समझ जाइए कि कौन सही है और कौन गलत। " मंत्री ने आकाश अग्रवाल को सिद्धांतविहीन बताते हुए कहा कि वह कल तक भाजपा से टिकट मांग रहे थे और अब समाजवादी पार्टी के साथ हैं। उनके इस बयान से वैश्य समाज में आक्रोश है। 2027 के चुनावों में भुगतना पड़ेगा खामियाजा उच्च शिक्षा मंत्री के बयान के खिलाफ रविवार को वैश्य समाज की बैठक हुई। इसमें व्यापारी नेता रमन गोयल ने कहाकि भारतीय जनता पार्टी की जीत में वैश्य समाज के वोटों का हमेशा से बड़ा योगदान रहा है। ऐसे में अपने ही समर्थित समाज और उसके जनप्रतिनिधि पर इस तरह की ओछी टिप्पणी कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समाज के लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने सार्वजनिक रूप से अपने बयान पर माफी नहीं मांगी, तो इसका खामियाजा भाजपा को 2027 के आगामी विधानसभा चुनावों में भुगतना पड़ेगा। मुख्यमंत्री से कार्रवाई की मांग वैश्य समाज के नेताओं ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस मामले का तत्काल संज्ञान लेने की अपील की है। समाज की मांग है कि मुख्यमंत्री मंत्री योगेंद्र उपाध्याय के इस अमर्यादित आचरण पर कड़ा संज्ञान लें और उन पर त्वरित अनुशासनात्मक कार्रवाई करें। लोगों का कहना है कि उच्च शिक्षा मंत्री अपनी जिम्मेदारी और गरिमा को भूलकर युवाओं की भावनाओं को भड़काने और समाज में तनाव फैलाने का प्रयास कर रहे हैं।
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