पन्ना के मझगाय बांध प्रभावित टपरियन में आदिवासी-किसानों का चिता आंदोलन 40वें दिन भी जारी रहा। जय किसान संगठन के प्रमुख अमित भटनागर का अनशन 25वें दिन पहुंच गया है। आंदोलनकारियों ने सरकार की सद्बुद्धि के लिए यज्ञ किया और चिता व फांसी जैसे प्रतीकों के जरिए अपना विरोध जताया। जल, जंगल और जमीन बचाने की भी मांग ग्रामीणों का कहना है कि उनका संघर्ष सिर्फ मुआवजे तक सीमित नहीं है। वे जल, जंगल, जमीन और पर्यावरण की रक्षा के साथ संविधान और लोकतंत्र बचाने की मांग भी कर रहे हैं। उनकी मांग है कि प्रभावित परिवारों का कानून के मुताबिक पारदर्शी तरीके से पुनर्वास किया जाए और 24 दिनों से जेल में बंद दिव्या अहिरवार को रिहा किया जाए। अमित भटनागर ने शांतिपूर्ण विरोध दबाने का लगाया आरोप अमित भटनागर ने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध को केस और गिरफ्तारी के जरिए दबाना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि विकास के नाम पर संवैधानिक अधिकारों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। न्याय मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा।
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