कोरबा जिले के उरगा थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत पहंदा, तिलकेजा और पताढ़ी के आश्रित गांवों में अवैध कच्ची महुआ शराब बनाने की शिकायत सामने आई है। इसे लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर अवैध शराब निर्माण पर रोक लगाने और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों के अनुसार, पहंदा और तिलकेजा पंचायत के खैरभांठा, कलमीभांठा, आमापाली और धवरईभांठा सहित पताढ़ी पंचायत के बैंगचुलभांठा और दशरथ भांठा में लंबे समय से बड़े पैमाने पर कच्ची महुआ शराब बनाई जा रही है। उनका आरोप है कि इस अवैध कारोबार के चलते क्षेत्र का माहौल खराब हो रहा है। कई गांवों में लंबे समय से भट्टियां चलने का आरोप ग्रामीण महिलाओं ने बताया कि गांवों के आसपास खुलेआम शराब बनाने की भट्टियां संचालित हो रही हैं। शराब पीने के बाद लोग गाली-गलौज और लड़ाई-झगड़ा करते हैं, जिससे गांव में आए दिन तनाव की स्थिति बनती है। बच्चों और युवाओं पर पड़ रहा बुरा असर महिलाओं का कहना है कि शराब की उपलब्धता से बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों सहित पूरे समुदाय पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। उनका आरोप है कि 17 से 18 साल के किशोर और युवा भी नशे की चपेट में आ रहे हैं। इससे उनकी पढ़ाई और भविष्य प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों ने यह भी दावा किया कि शराब के सेवन से कई लोग बीमार पड़ रहे हैं और कुछ मामलों में मौतें भी हुई हैं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। विरोध करने पर महिलाओं को धमकाने का आरोप ग्रामीण महिलाओं के मुताबिक, उन्होंने कई बार शराब बनाने वालों को रोकने की कोशिश की, लेकिन आरोप है कि इसके बदले उन्हें ही धमकाया जाता है। महिलाओं का कहना है कि पुलिस को सूचना देने पर कभी-कभार कार्रवाई होती है और भट्टियां कुछ समय के लिए बंद हो जाती हैं, लेकिन बाद में फिर से शराब बनाना शुरू कर दिया जाता है। स्थायी कार्रवाई की मांग ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से संबंधित गांवों का मौके पर निरीक्षण कराने, अवैध महुआ शराब बनाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और इस कारोबार को स्थायी रूप से बंद कराने की मांग की है। उनका कहना है कि नियमित निगरानी और प्रभावी कार्रवाई से ही गांवों में शांति बनाए रखने और बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने में मदद मिल सकती है।
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