LIVE Public of India  •  Pan-India Citizen Newsroom  •  Verified Reporting
support@publicofindia.in Membership
BREAKING
Submit your story — verified, policy-led, privacy-first publishing Hindi & English news updated every 15 minutes from across India Members get priority review, profile badge & creator dashboard Public of India is a private platform — not a government website Submit your story — verified, policy-led, privacy-first publishing Hindi & English news updated every 15 minutes from across India Members get priority review, profile badge & creator dashboard Public of India is a private platform — not a government website
Home  /  POLITICS  /  पप्पू यादव ने EVM-चुनाव आयोग पर धांधली का आरोप ...
POLITICS Verified हिंदी

पप्पू यादव ने EVM-चुनाव आयोग पर धांधली का आरोप लगाया:कोसी तटबंध पर बाढ़ पीड़ितों से मिले, चुनाव आयुक्त के परिवार पर भी सवाल उठाए

India • 12h ago • Source: publicofindia

पूर्णिया के निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने शनिवार के शाम सहरसा पहुंचे। जंहा उन्होंने पूर्वी कोसी तटबंध का दौरा कर बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात की। नवहट्टा बांध पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने ईवीएम, चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। सांसद ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे अलोकतांत्रिक करार दिया और सुप्रीम कोर्ट से इस मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की। ईवीएम और चुनाव आयोग पर धांधली का आरोप पप्पू यादव ने कहा कि वे शुरू से ही ईवीएम के इस्तेमाल का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने चुनाव आयोग के आईटी सेल में अपने लोगों को बैठा दिया है। उनके अनुसार, चुनाव प्रक्रिया में जो नया सॉफ्टवेयर लाया गया है, उसी के जरिए बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम काटे जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि गोवा में 92 और पश्चिम बंगाल में 66 लाख मतदाताओं के नाम इसी सॉफ्टवेयर के माध्यम से हटाए गए। कुल मिलाकर, देश भर में लगभग 13 करोड़ गरीब और कमजोर वर्ग के लोगों के वोट काटने का आरोप लगाया। चुनाव आयुक्त के परिवार पर उठाए सवाल सांसद ने चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का नाम लेते हुए उनके परिवार के सदस्यों के उच्च पदों पर चयन को लेकर भी सवाल खड़े किए।उन्होंने पूछा कि ज्ञानेश कुमार के चुनाव आयुक्त बनने के बाद उनके घर के सदस्य (बेटा, बेटी, दामाद, बहू और बहन) अचानक आईएएस और आईआरएस कैसे बन गए? उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि आम आदमी का बच्चा सालों तक पढ़ाई करने के बावजूद यूपीएससी पास नहीं कर पाता, लेकिन इनके पूरे खानदान में आईएएस भर गए हैं। नए कानून के जरिए चुनाव आयोग को बचाने का आरोप पप्पू यादव ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि विपक्ष के लगभग 100 सांसदों को सदन से बाहर निकालकर एक नया कानून पास कर दिया गया। उन्होंने कहा कि इस नए कानून के तहत चुनाव आयुक्तों पर कोई एफआईआर दर्ज नहीं की जा सकती,उन पर महाभियोग नहीं चलाया जा सकता और वे सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के दायरे से भी बाहर हो गए हैं। उन्होंने अमित शाह के उस बयान का भी जिक्र किया जिसमें 50 साल तक राज करने की बात कही गई थी और कहा कि यह सब इसी व्यवस्था की उपज है। सुप्रीम कोर्ट से स्वतः संज्ञान लेने की मांग राहुल गांधी और विपक्ष के संघर्ष का जिक्र करते हुए पप्पू यादव ने कहा कि वे लोग पिछले तीन सालों से वोट चोरी का मुद्दा उठा रहे हैं। उन्होंने चुनाव आयोग की तुलना आतंकवादियों और उग्रवादियों से करते हुए कहा कि इन्होंने लोकतंत्र की हत्या की है और इन्हें फांसी मिलनी चाहिए। पप्पू यादव ने सुप्रीम कोर्ट से मांग की कि वह इस मामले का स्वतः संज्ञान ले और 9 या 11 सदस्यीय समिति का गठन कर पूरे प्रकरण की अविलंब जांच कराए। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने गरीबों, दलितों और कमजोर तबके के अधिकार छीने हैं, जो कि पूरी तरह से संविधान विरोधी कृत्य है।

This is a summary. For the full story, refer to the original source. Public of India presents verified citizen-relevant reporting.