छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने मानस मंच में माताओं-बहनों के साथ छत्तीसगढ़ का पारंपरिक पर्व तीजा तिहार मनाया। भाइयों की ओर से आयोजित इस खास कार्यक्रम में हजारों बहनें शामिल हुईं। उन्होंने अपने भाई अरुण साव को प्यार और आशीर्वाद दिया। कार्यक्रम की शुरुआत भगवान महादेव की पूजा-अर्चना से हुई। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने अपनी पत्नी के साथ क्षेत्र की बहनों की मौजूदगी में भगवान भोलेनाथ की पूजा की। उन्होंने सभी के सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान उप मुख्यमंत्री ने मौजूद माताओं-बहनों का प्रणाम कर स्वागत किया। उन्होंने कार्यक्रम में आने के लिए उनका आभार जताया। बहनों ने भी अपने भाई अरुण साव को प्यार और आशीर्वाद दिया। तीजा तिहार के मौके पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने लोरमी क्षेत्र की सभी बहनों के घरों में धन, सुख और समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि सभी की मनोकामनाएं पूरी हों और परिवारों में खुशहाली बनी रहे। उन्होंने तीजा तिहार की परंपरा और महत्व को बताया। उन्होंने कहा कि तीजा छत्तीसगढ़ का पारंपरिक त्योहार है। इस दिन माताएं-बहनें अपने पति की लंबी उम्र के लिए मायके में निर्जला व्रत रखती हैं। मायके में उन्हें भाइयों का प्यार मिलता है। बचपन की सहेलियों से मिलकर पुरानी यादें भी ताजा होती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि तीजा तिहार अपनापन, प्यार और पारिवारिक जुड़ाव का पर्व है। यह भाई-बहन के रिश्ते को और मजबूत बनाता है। तीजा तिहार के अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम भी हुए। प्रदेश की मशहूर लोकगायिका गरिमा दिवाकर, स्वर्णा दिवाकर और उनकी अंजोर टीम ने शानदार प्रस्तुतियां दीं। लोकगीतों और पारंपरिक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में जोश भर दिया। 'तीजा पोरा आगे भाग हमर खुलगे' और 'तरी हरि नाना' जैसे गीतों ने मौजूद बहनों का मन मोह लिया। पूरे आयोजन में छत्तीसगढ़ी संस्कृति, परंपरा और भाई-बहन के प्यार की सुंदर झलक देखने को मिली।
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