राजस्थान के पूर्व सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना और उनके समर्थकों के खिलाफ निम्बाहेड़ा थाने में आपराधिक मामला दर्ज किया गया है। इसमें पूर्व मंत्री उदयलाल आंजना के अलावा रवि सोनी बंटी परखा, जावेद खान, गोपाल आंजना, बाबू लाल धाकड़, दिनेश धाकड़, रोमिल चौधरी, मोहम्मद कुरैशी उस्मान उर्फ कालू, लियाकत खान, जाकिर हुसैन और साजिद अली शामिल हैं। इन धाराओं में केस दर्ज किया इनमें गैरकानूनी तरीके से भीड़ इकट्ठा करने और दंगा भड़काने से जुड़ी धारा 189(2) व 190 शामिल हैं। साथ ही, लोक सेवक को ड्यूटी करने से रोकने के लिए हमला या आपराधिक बल का प्रयोग करने की धारा 132 भी लगाई गई है। 11 सितंबर को वार्ड 19 में हुई थी मारपीट मामला 11 सितंबर को नगर परिषद चुनाव के मतदान के दौरान वार्ड संख्या 19 में हुई मारपीट से जुड़ा है। इस घटना के बाद पुलिस ने 16 सितंबर को कुछ लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था। इसकी जानकारी मिलते ही पूर्व मंत्री उदयलाल आंजना बड़ी संख्या में 16 सितंबर को कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ कोतवाली थाने पहुंच गए। उन्होंने पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए आरोपियों को तुरंत छोड़ने की मांग की। थाने पर हुए इस हंगामे के बाद पुलिस प्रशासन ने पूर्व मंत्री और उनके समर्थकों पर सरकारी काम में बाधा डालने सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया है। इस मामले की जांच हिम्मत सिंह राठौड़ कर रहे हैं। पुलिस उपाधीक्षक शिवप्रकाश टेलर ने बताया कि इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। इनका ये कहना मामले को लेकर पूर्व मंत्री उदयलाल आंजना ने कहा कि पुलिस सत्ता पक्ष के दबाव में काम कर रही है और लोगों को डराने का प्रयास कर रही है मेरे जैसे आदमी के विरुद्ध थाना में मुकदमा दर्ज कर स्थानीय लोगों को डराना चाहती है। निंबाहेड़ा में अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों के साथ अन्याय के लिए जब मैं निंबाहेड़ा थाने में बात करने गया तो मेरे और मेरे कार्यकर्ताओं के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया। यह समझ से परे है। छोटी सादड़ी नगर पालिका चुनाव में भाजपा कार्यकर्ता निर्वाचन कक्ष में घुसकर हंगामा करने पर भी प्रशासन द्वारा कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। साथ ही भाजपा पार्षद भैरूलाल मोहिल द्वारा डीएसपी ऑफिस के नाम से मतदाताओं को डराया धमकाया गया, उनके खिलाफ भी मामला दर्ज नहीं किया गया। यह बात समझ से परे है।
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