यह घटना ऐसे समय सामने आई है, जब AI एजेंट्स का इस्तेमाल कोड लिखने, सुरक्षा खामियां खोजने और साइबर सिक्योरिटी टेस्टिंग में तेजी से बढ़ रहा है। इससे सुरक्षा विशेषज्ञों के सामने नई चुनौती खड़ी हो रही है। AI मॉडल किसी रिसर्चर की मदद से जटिल तकनीकी काम कम समय में कर सकते हैं, लेकिन यही क्षमता गलत हाथों में जोखिम भी पैदा कर सकती है।
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