आईआईएमटी में एआई और उभरती तकनीकों पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन देश-विदेश के विशेषज्ञों ने साझा किए नवीन विचार, अंतर्विषयक शोध और नवाचार को बढ़ावा देने पर जोर मेरठ। आईआईएमटी इंजीनियरिंग कॉलेज में कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग की ओर से दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ‘इंटरडिसिप्लिनरी इनोवेशन इन इमर्जिंग टेक्नोलॉजीज एंड एआई (आईसीआईआईटी-2026)’ का आयोजन किया गया। सम्मेलन में देश-विदेश के शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं, तकनीकी विशेषज्ञों और विद्यार्थियों समेत 100 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। मुख्य अतिथि माता वैष्णो देवी विश्वविद्यालय, जम्मू के सलाहकार प्रो. अशोक डे ने एआई, उभरती प्रौद्योगिकियों, अनुसंधान और नवाचार के बढ़ते महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को तकनीकी ज्ञान के साथ नवीन सोच विकसित करने और अंतर्विषयक शोध के लिए प्रेरित किया। तकनीकी सत्रों में एनआईटी दिल्ली के डॉ. अनुराग सिंह और डॉ. करण वर्मा, चीन के चांगचुन यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के डॉ. रवि आर्या, शिआन जियाओतोंग-लिवरपूल यूनिवर्सिटी के डॉ. अर्जुन और सेफक्यूबिट टेक्नोलॉजीज दिल्ली के निदेशक डॉ. प्रदीप सिंह समेत विशेषज्ञों ने एआई, चिप तकनीक, साइबर तकनीक और आधुनिक अनुसंधान के विभिन्न पहलुओं पर विचार रखे। कॉलेज निदेशक डॉ. धीरेन्द्र कुमार ने तकनीकी शिक्षा और उद्योग की जरूरतों के अनुरूप विद्यार्थियों के कौशल विकास पर जोर दिया। सम्मेलन में विभिन्न विश्वविद्यालयों के शिक्षकों और शोधार्थियों ने शोध-पत्र प्रस्तुत किए। आयोजन का उद्देश्य एआई और उभरती प्रौद्योगिकियों में अनुसंधान, नवाचार तथा अंतर्विषयक सहयोग को बढ़ावा देना रहा। कार्यक्रम में कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के शिक्षकों एवं कर्मचारियों का विशेष योगदान रहा।
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