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निजी अस्पतालों पर कार्रवाई को लेकर CMO से शिकायत:समिति संयोजक ने भाकियू नेताओं पर लगाए गंभीर आरोप; जिलाध्यक्ष बोले- सबूत दें, आरोप साबित होने पर हो कार्रवाई

India 13h ago Source: publicofindia

मुजफ्फरनगर में निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली को लेकर सामने आ रही शिकायतों के बीच बुधवार को मामला उस समय गरमा गया, जब हिंदू संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने सीएमओ डॉ. सुनील तेवतिया से मुलाकात कर निजी अस्पतालों की जांच और कार्रवाई की मांग की। बुधवार शाम करीब पांच बजे हुई मुलाकात के दौरान समिति संयोजक नरेंद्र पंवार ने भारतीय किसान यूनियन के कुछ नेताओं पर अस्पतालों से जुड़े मामलों में कथित आर्थिक लेनदेन के गंभीर आरोप लगाए। हालांकि, इन आरोपों के समर्थन में कोई सार्वजनिक साक्ष्य सामने नहीं आया है। निजी अस्पतालों के मानकों की जांच की मांग समिति पदाधिकारियों ने सीएमओ को शिकायत देकर जिले में कथित रूप से बिना मानकों के संचालित निजी अस्पतालों की जांच कराने और अनियमितता मिलने पर सख्त कार्रवाई की मांग की। समिति का कहना है कि निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली और मरीजों से इलाज के नाम पर अधिक धनराशि लिए जाने को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं। पदाधिकारियों ने स्वास्थ्य विभाग से सभी निजी अस्पतालों के संचालन, उपलब्ध सुविधाओं और निर्धारित मानकों की जांच कराने की मांग की। महिला की मौत के बाद इंडियन हॉस्पिटल पर हुआ था हंगामा कुछ दिन पहले इंडियन हॉस्पिटल में प्रसव के दौरान एक महिला की मौत के बाद परिजनों ने हंगामा किया था। इसके बाद न्यू लाइफ लाइन हॉस्पिटल को लेकर भी निर्धारित मानकों के विपरीत संचालन और मरीजों से अधिक धनराशि वसूलने के आरोप सामने आए थे। शिकायत मिलने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल का निरीक्षण किया था। समिति संयोजक ने भाकियू नेताओं पर लगाए आरोप इसी दौरान हिंदू संघर्ष समिति के संयोजक नरेंद्र पंवार ने भारतीय किसान यूनियन के कुछ नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए। उनका आरोप है कि भाकियू के कुछ पदाधिकारी कथित चिकित्सा माफिया से 10 से 15 लाख रुपये तक में अस्पतालों का ठेका लेकर सील खुलवाने का काम करते हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और आरोपों के समर्थन में सार्वजनिक रूप से कोई साक्ष्य सामने नहीं आया है। भाकियू जिलाध्यक्ष बोले- आरोप लगाने वाले सबूत दें आरोपों पर भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष नवीन राठी ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि यदि भाकियू या उसके किसी पदाधिकारी पर इस तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं तो आरोप लगाने वालों को अधिकारियों के सामने ठोस साक्ष्य प्रस्तुत करने चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी के खिलाफ प्रमाण मिलते हैं तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। नवीन राठी ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि भारतीय किसान यूनियन किसानों और मजदूरों के हितों की बात करती है। गलत काम करने वाले किसी व्यक्ति की सिफारिश संगठन नहीं करता। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति के गलत कार्यों की जानकारी होने पर वह उसकी पैरवी करने से साफ इनकार कर देते हैं। CMO बोले- शिकायत के आधार पर जांच और कार्रवाई जारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया ने बताया कि हिंदू संघर्ष समिति के पदाधिकारी शिकायत लेकर आए थे। शिकायत के आधार पर जांच और नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि इंडियन हॉस्पिटल के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग पहले भी कार्रवाई कर चुका है और बुधवार को भी विभागीय टीम को वहां भेजा गया था। वहीं, न्यू लाइफ लाइन हॉस्पिटल का भी निरीक्षण कराया गया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में कुछ बच्चे भर्ती मिले, जिन्हें दूसरे अस्पताल में शिफ्ट कराया गया। सीएमओ के मुताबिक, स्वास्थ्य विभाग संबंधित अस्पताल के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया में जुटा है। निजी अस्पतालों को लेकर लगातार सामने आ रही शिकायतों और स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई के बीच अब हिंदू संघर्ष समिति और भारतीय किसान यूनियन के बीच आरोप-प्रत्यारोप से मामला और गरमा गया है। हालांकि, लगाए गए आरोपों की वास्तविकता जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही स्पष्ट होगी।

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