उत्तर पश्चिम दिल्ली पुलिस ने शेयर बाजार में निवेश के बहाने राष्ट्रीय राजधानी निवासी एक व्यक्ति से 20.72 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप में एक निजी बैंक के उप प्रबंधक समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने कहा कि आरोपियों ने पीड़ित को शेयर बाजार में निवेश पर आकर्षक रिटर्न का लालच दिया और कई बैंक खातों में ठगी की रकम को स्थानातंरित करा लिया। उत्तर पश्चिम दिल्ली की पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) आकांक्षा यादव ने बताया कि बैंक अधिकारी पर दो प्रतिशत कमीशन के बदले जालसाजों को बैंक खाते उपलब्ध कराने का आरोप है। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कन्हैया दास (36), राहुल टेलर (28) और आरिफ हुसैन मंसूरी (35) के रूप में हुई है। मंसूरी राजस्थान में एक निजी बैंक में उपप्रबंधक के पद पर कार्यरत था। अधिकारी ने बताया कि आरोपियों के पास से कथित तौर पर अपराध में इस्तेमाल किए गए चार मोबाइल फोन बरामद किए गए। पुलिस के अनुसार, नितिन अरोड़ा की शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत 27 फरवरी 2025 को प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पीड़ित का आरोप था कि साइबर अपराधियों ने उन्हें उच्च रिटर्न का वादा करके शेयर बाजार में निवेश करने के लिए प्रेरित किया और 20.72 लाख रुपये की ठगी कर ली। डीसीपी ने बताया कि जांच के दौरान, टीम ने पाया कि धोखाधड़ी का पैसा एक बैंक खाते में स्थानांतरित किया गया था और बाद में यह पैसा‘सेल्फ-चेक’ के माध्यम से निकाल लिया गया। पुलिस ने कहा कि तकनीकी निगरानी और खुफिया जानकारी के आधार पर पुलिस टीम राजस्थान में उदयपुर जिले के मावली तक पहुंची, जहां 23 मई को दास और टेलर की पहचान की गई और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। यादव ने बताया कि कन्हैया दास वह व्यक्ति था जिसके बैंक खाते का इस्तेमाल ठगी के पैसे कथित तौर पर पैसे प्राप्त करने के लिए किया गया था, जबकि टेलर चेक के माध्यम से नकदी निकाली थी और धन हस्तांतरण गतिविधियों में भी शामिल था। मावली से ही मंसूर को भी गिरफ्तार किया गया।
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