बॉलीवुड की जानी-मानी डांसर और अभिनेत्री नोरा फतेही ने अपनी जिंदगी के सबसे काले और चुनौतीपूर्ण दौर पर पहली बार खुलकर बात की है। तिहाड़ जेल में बंद ठग सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े 200 करोड़ रुपये के बहुचर्चित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में नाम आने के बाद नोरा को जिस मानसिक, सामाजिक और व्यावसायिक प्रताड़ना से गुजरना पड़ा, उसे याद कर वह आज भी भावुक हो जाती हैं। हाल ही में एक पॉडकास्ट के दौरान उन्होंने इस पूरे विवाद और अपने करियर पर पड़े उसके गंभीर असर को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। सुकेश केस और झूठे नैरेटिव ने बर्बाद किया करियर 'ड्रीम विद डॉ. शीन' पॉडकास्ट में बातचीत करते हुए नोरा फतेही ने बताया कि इस पूरे कानूनी विवाद ने उनकी पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ दोनों को बुरी तरह तहस-नहस कर दिया। उन्होंने कहा कि उस दौर में जो कुछ भी हुआ, वह किसी भयानक सपने जैसा था। नोरा ने नम आंखों से साझा किया कि वह उस सदमे को कभी नहीं भूल सकतीं। उन्होंने कहा कि उनकी मां और करीबी दोस्त उनकी सच्चाई जानते हैं, लेकिन जो लोग उन्हें नहीं जानते थे, उन्होंने मीडिया में चल रही झूठी बातों पर आसानी से विश्वास कर लिया। इस एक विवाद के कारण उन्हें कई बड़े ब्रांड्स और हाथों से निकल चुके ढेर सारे काम का भारी नुकसान उठाना पड़ा। उपहार और इवेंट की सच्चाई पर दिया स्पष्टीकरण सुकेश चंद्रशेखर के साथ अपना नाम जोड़े जाने पर सफाई देते हुए नोरा ने साफ शब्दों में कहा कि उनका उस व्यक्ति के साथ कभी कोई संबंध नहीं रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह सिर्फ एक आधिकारिक इवेंट में शामिल होने गई थीं, जहां उनकी मुलाकात सुकेश के परिवार और उसकी पत्नी से हुई थी। नोरा के मुताबिक, उस इवेंट में उन्हें बतौर उपहार एक कार और कुछ अन्य चीजें दी गई थीं, लेकिन उस वक्त उन्हें यही बताया गया था कि यह किसी भी प्रोफेशनल इवेंट का सामान्य हिस्सा है। उन्होंने दुख जताते हुए कहा कि लोगों को सोशल मीडिया पर किसी भी नतीजे पर पहुंचने से पहले सच्चाई जाननी चाहिए, क्योंकि 'कर्म' अपना हिसाब जरूर रखता है। पूछताछ के दो साल रहे बेहद डरावne और अकेलेपन से भरे प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा की गई लंबी पूछताछ और कानूनी प्रक्रियाओं के दौर को याद करते हुए नोरा का दर्द छलक उठा। उन्होंने कहा कि वे दो साल उनके जीवन के सबसे डरावने साल थे, जब वह खुद को पूरी तरह अकेला और असहाय महसूस कर रही थीं। नोरा ने शिकायती लहजे में कहा कि इस पूरी आंधी में उनके पास मदद के लिए कोई नहीं था, जबकि अन्य कई हस्तियों को तुरंत राहत मिल गई थी। उन्हें इस बात का सबसे ज्यादा मलाल रहा कि मीडिया और जनता के बीच उनके खिलाफ एक ऐसा झूठा नैरेटिव सेट कर दिया गया, जिससे यह साबित करने की कोशिश की गई कि वह उस व्यक्ति को अच्छी तरह जानती थीं और उससे जुड़ी थीं। इस दौर में लोगों का रवैया बेहद संवेदनहीन और कठोर था, लेकिन इन सब मुश्किलों के बावजूद उन्होंने खुद को संभाला और अब वह धीरे-धीरे अपनी जिंदगी को वापस पटरी पर ला रही हैं।
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