नई दिल्ली. अनाया बांगर के क्रिकेट करियर को ऑस्ट्रेलिया से नई राह मिली है. लिंग परिवर्तन के बाद महिला क्रिकेट में वापसी की कोशिश कर रहीं अनाया को ऑस्ट्रेलिया में महिला कम्युनिटी क्रिकेट खेलने की अनुमति मिल गई है. इसके साथ ही वह ऑस्ट्रेलिया में महिला क्रिकेट के मैदान पर उतर सकेंगी. हालांकि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनकी भागीदारी का रास्ता अभी भी अलग नियमों से तय होगा. अनाया ने इस अनुमति को अपने लिए बेहद भावनात्मक क्षण बताया है. उन्होंने कहा कि एक समय उन्हें लगा था कि वह दोबारा क्रिकेट नहीं खेल पाएंगी, लेकिन अब उन्हें एक और अवसर मिला है. उन्होंने क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के प्रति आभार भी जताया है. अनाया इससे पहले भारत में क्रिकेट खेल चुकी हैं. मुंबई में क्रिकेट के दौरान उनका खेल सरफराज खान और मुशीर खान जैसे खिलाड़ियों के साथ भी रहा है. उस समय वह पुरुष वर्ग में क्रिकेट खेलती थीं. बाद में उन्होंने लिंग परिवर्तन की प्रक्रिया अपनाई और महिला क्रिकेट में खेलने की इच्छा जताई. महिला क्रिकेट में उनकी वापसी हालांकि सामान्य प्रक्रिया नहीं है. अलग-अलग क्रिकेट संस्थाओं के अपने पात्रता नियम हैं. ऑस्ट्रेलिया में महिला कम्युनिटी क्रिकेट के लिए उन्हें निर्धारित चिकित्सकीय और हार्मोन संबंधी मानदंडों को पूरा करना होगा. उपलब्ध जानकारी के अनुसार, क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की नीति में महिला वर्ग में खेलने की पात्रता के लिए टेस्टोस्टेरोन स्तर से संबंधित शर्तें निर्धारित हैं. रिपोर्ट के मुताबिक महिला क्रिकेट में भागीदारी के लिए खिलाड़ी का सीरम टेस्टोस्टेरोन स्तर निर्धारित अवधि में तय सीमा के भीतर होना जरूरी है. इसी प्रक्रिया के तहत अनाया को ऑस्ट्रेलिया में कम्युनिटी स्तर पर खेलने की अनुमति मिली है. इसका अर्थ यह नहीं है कि उन्हें हर स्तर के क्रिकेट में खेलने की स्वतः अनुमति मिल गई है. प्रतियोगिता और स्तर के अनुसार पात्रता की अलग-अलग शर्तें लागू हो सकती हैं. अनाया के लिए सबसे बड़ी चुनौती अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को लेकर है. अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों की भागीदारी को लेकर अपनी अलग पात्रता नीति लागू की है. इस नीति के कारण सर्जरी के बाद पुरुष से महिला बनी खिलाड़ियों के लिए महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में खेलने पर प्रतिबंध है. इसलिए ऑस्ट्रेलिया में कम्युनिटी क्रिकेट खेलने की अनुमति मिलने के बावजूद अनाया के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का रास्ता फिलहाल खुला नहीं है. यही वजह है कि ऑस्ट्रेलिया में मिली अनुमति को अनाया के क्रिकेट जीवन में एक महत्वपूर्ण लेकिन सीमित वापसी के रूप में देखा जा रहा है. वह स्थानीय महिला क्रिकेट में अपने कौशल को फिर से मैदान पर दिखा सकेंगी, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने के लिए मौजूदा नियमों के तहत उन्हें पात्र नहीं माना जाएगा. अनाया ने अपने क्रिकेट सफर में जिस बदलाव का सामना किया है, उसमें खेल और व्यक्तिगत पहचान दोनों जुड़े हुए हैं. महिला क्रिकेट में वापसी की अनुमति उनके लिए केवल किसी प्रतियोगिता में खेलने की मंजूरी नहीं, बल्कि उस खेल से दोबारा जुड़ने का अवसर भी है, जिससे उनका करियर शुरू हुआ था. ऑस्ट्रेलिया की अनुमति के बाद अब अनाया के सामने अगली चुनौती मैदान पर प्रदर्शन करने की होगी. कम्युनिटी क्रिकेट के जरिए वह महिला क्रिकेट में अपनी नई पारी शुरू करेंगी. यह घटनाक्रम क्रिकेट में लिंग पहचान, खिलाड़ी पात्रता और अलग-अलग स्तरों पर लागू नियमों को लेकर चल रही बहस के बीच भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
This is a summary. For the full story, refer to the original source. Public of India presents verified citizen-relevant reporting.