LIVE Public of India  •  Pan-India Citizen Newsroom  •  Verified Reporting
support@publicofindia.in Membership
BREAKING
Submit your story — verified, policy-led, privacy-first publishing Hindi & English news updated every 15 minutes from across India Members get priority review, profile badge & creator dashboard Public of India is a private platform — not a government website Submit your story — verified, policy-led, privacy-first publishing Hindi & English news updated every 15 minutes from across India Members get priority review, profile badge & creator dashboard Public of India is a private platform — not a government website
Home  /  POLITICS  /  बांसवाड़ा नगरपरिषद में पहली बार ST सभापति बनेगा...
POLITICS Verified हिंदी

बांसवाड़ा नगरपरिषद में पहली बार ST सभापति बनेगा:750 उम्मीदवारों ने दिया पार्टी कार्यालय में नामांकन

India 12h ago Source: publicofindia

बांसवाड़ा शहर में आगामी नगरीय निकाय चुनावों को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई है। टिकट वितरण, चुनावी समीकरणों और पार्टी की रणनीतियों को लेकर गलियारों में चर्चाएं शुरू हो चुकी हैं। भाजपा के नगरपरिषद चुनावों के सह संयोजक सुबोध मालोत ने बताया- नगरपरिषद पार्षद के लिए भाजपा से 350 उम्मीदवारों ने आवेदन किया है। कांग्रेस के कार्यवाहक जिलाध्यक्ष अब्दुल गफ्फार ने बताया- अभी तक करीब 300 आवेदन आए हैं। पहली बार नगर परिषद का चुनाव लड़ रही बीएपी के पास 100 उम्मीदवारों ने आवेदन किया है। कांग्रेस और बीजेपी दोनों पार्टियां अपनी जीत का दावा कर रहीं हैं। बीएपी भी पहली बार नगरपरिषद चुनावों में प्रत्याशी उतार रही हैं। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि बीएपी कांग्रेस को नुकसान पहुंचा सकती है। कांग्रेस के पूर्व सभापति दरकिनार इसी बीच पूर्व सभापति और कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता जैनेंद्र त्रिवेदी को पार्टी से दरकिनार करने की भी चर्चाएं चल रही है। बातचीत करने पर उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने कभी भी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ज्वाइन नहीं की थी। उन्होंने बताया कि उन्होंने कुछ समय पहले कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा जरूर दिया था। जिसे पार्टी नेतृत्व द्वारा स्वीकार नहीं किया गया, बल्कि फिलहाल होल्ड पर रख दिया गया है। उन्होंने नगरपरिषद चुनावों में पार्टी में सहयोग देने को लेकर PCC में लिखित में इसकी जानकारी भी दी है, लेकिन इस पर कोई फैसला नहीं हुआ है। पार्टी व संगठन कहेगा तो ही काम करूंगा। ​नगरपरिषद में पहली बार बनेगा ST का सभापति 2012 में नगरपालिका से नगरपरिषद बनने के बाद यह पहला ऐसा मौका होगा जब अनुसूचित जनजाति वर्ग से कोई नेता सभापति की कुर्सी संभालेगा। इससे पहले वर्ष 2008 में जब यह निकाय नगरपालिका के रूप में संचालित था, तब एसटी वर्ग से अध्यक्ष पद की कमान संभाली गई थी। इस बार के समीकरण पूरी तरह से अलग और बेहद दिलचस्प रहने वाले हैं, जिस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। बड़ी संख्या में आए उम्मीदवारों के आवेदन ​उधर, चुनावों की घोषणा से ठीक पहले स्थानीय कार्यालय में टिकट के दावेदारों का तांता लगा हुआ है। पार्षद पद के लिए बड़ी संख्या में उम्मीदवारों ने अपने आवेदन जमा करा दिए हैं। टिकट आवंटन को लेकर वरिष्ठ नेताओं के बीच बैठकों का दौर लगातार जारी है और पूरी छानबीन के बाद जिताऊ उम्मीदवारों के चयन पर गहन मंथन किया जा रहा है। वहीं सभापति के लिए दोनों पार्टियां किसी भी चेहरे का नाम घोषित नहीं किया है, लेकिन राजनीति विश्लेषकों का कहना है कि भाजपा से पूर्व प्रधान और भाजपा नेता राजेश कटारा सभापति के लिए दावेदार हो सकते हैं। वहीं कांग्रेस में अरविंद सीता डामोर अतीत गरासिया के नाम पर विचार किया जा सकता है।

This is a summary. For the full story, refer to the original source. Public of India presents verified citizen-relevant reporting.