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रोहिणी आचार्य BPSC परीक्षा नियंत्रक पर भड़की, छात्रों के प्रति ऐसी भाषा का इस्तेमाल करना बेहद निंदनीय

India 13h ago Source: publicofindia

डिजिटल डेस्क, पटना। बिहार की राजधानी पटना के गर्दनीबाग में आंदोलन कर रहे BPSC छात्रों को लेकर लोक सेवा आयोग परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह के विवादित बयान है। उनके बयान पर लालू प्रसाद यादव की बड़ी बेटी रोहिणी आचार्य की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट किया है। जिसमें रोहिणी ने बीपीएससी परीक्षा नियंत्रक पर कार्रवाई करने की मांग कर रही हैं। यह भी पढ़े - ‘सम्मानजनक समझौता होगा’, यूपी चुनाव 2027 को लेकर बोले कांग्रेस नेता राजेंद्र पाल गौतम रोहिणी आचार्य ने एक्स पोस्ट में लिखा है, बिहार लोक सेवा आयोग के उस अधिकारी के खिलाफ उचित और सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए जिसने छात्रों को 'कुत्ते' कहा। बिहार लोक सेवा आयोग के एक अधिकारी ने छात्रों को "कुत्ते" कहकर संबोधित किया है। लोकतंत्र में जनसेवक की भूमिका निभाने वाले अधिकारियों का उम्मीदवारों, युवाओं और छात्रों के प्रति अभद्र भाषा का इस्तेमाल करना बेहद चिंताजनक और निंदनीय है। यह भी पढ़े - शराब परिवहन घोटाले में ईडी ने पूर्व विधायक को किया गिरफ्तार, 15 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया सरकारी पदों पर बैठे अधिकारियों से संयम और संवेदनशीलता की अपेक्षा की जाती है। राष्ट्र-निर्माण का भविष्य माने जाने वाले युवा उम्मीदवारों को अपमानजनक नामों से संबोधित करना न केवल उनके आत्म-सम्मान का अपमान है, बल्कि प्रशासनिक गरिमा का भी खुला उल्लंघन है। छात्र अपनी मांगों, परीक्षाओं की अनिश्चितता और पारदर्शी चयन प्रक्रिया को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। ऐसे में, उनकी समस्याओं को सुनने और समाधान खोजने के बजाय, उन्हें 'कुत्ते' कहकर अपमानित करना बिहार लोक सेवा आयोग के अधिकारी की असंवेदनशीलता और अहंकार को दर्शाता है। इस तरह की अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल युवाओं का मनोबल तोड़ता है और पूरी प्रशासनिक व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सवालिया निशान लगाता है। ऐसे मामलों में, केवल बयानों के जरिए खेद जताना ही काफी नहीं है। प्रशासनिक मानकों को बनाए रखने के लिए जवाबदेही तय की जानी चाहिए और उचित अनुशासनात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए। लोकतंत्र में युवा और छात्र 'भिखारी' नहीं, बल्कि व्यवस्था की असली नींव हैं। अधिकारियों को यह याद रखना चाहिए कि पद के साथ अहंकार नहीं, बल्कि सेवा और मर्यादा की जिम्मेदारी आती है। यह भी पढ़े - शराब परिवहन घोटाले में ईडी ने पूर्व विधायक को किया गिरफ्तार, 15 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया

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