विकास कार्यों की धीमी प्रगति पर डीएम सख्त, एक सप्ताह में फैमिली आईडी बनाने में तेजी के निर्देश लापरवाही से जनपद की रैंक प्रभावित हुई तो संबंधित अधिकारी की तय होगी जिम्मेदारी मेरठ। विकास भवन सभागार में शनिवार को जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह की अध्यक्षता में विकास एवं निर्माण कार्यों की मासिक समीक्षा बैठक हुई। डीएम ने विभिन्न विभागों की योजनाओं और निर्माणाधीन परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए धीमी गति पर नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाने और निर्धारित समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा कराने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि निर्माणाधीन परियोजनाओं की नियमित निगरानी की जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। परियोजना हैंडओवर करने से पहले उसकी गुणवत्ता और पूर्णता की बारीकी से जांच कराई जाए। धीमी गति से चल रही परियोजनाओं में निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप प्रगति बढ़ाई जाए। बैठक में अनुपस्थित निर्माण कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए। फैमिली आईडी की धीमी प्रगति पर नाराजगी फैमिली आईडी बनाए जाने की प्रगति खराब मिलने पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर अपेक्षित प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि फैमिली आईडी शासन की महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं में शामिल है। पात्र परिवारों को इसका लाभ दिलाने के लिए अभियान चलाकर प्रभावी कार्रवाई की जाए। डीएम ने सभी विभागीय अधिकारियों को अपने विभाग से संबंधित विकास कार्यों और योजनाओं की प्रतिदिन स्वयं समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्धारित लक्ष्य समय पर पूरा नहीं होने से योजनाओं में जनपद की रैंक प्रभावित होती है। इसलिए कम प्रगति वाले कार्यों की तत्काल पहचान कर उनमें तेजी लाई जाए। लापरवाही पर तय होगी जिम्मेदारी जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि किसी अधिकारी की लापरवाही या शिथिलता के कारण जनपद की रैंक खराब होती है अथवा शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं के क्रियान्वयन में बाधा आती है तो संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। गांवों में विकास कार्यों की निगरानी करें बीडीओ डीएम ने सभी खंड विकास अधिकारियों को फैमिली आईडी के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में जनहित से जुड़े विकास कार्यों की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बीडीओ ग्राम पंचायतों का नियमित भ्रमण कर मौके पर कार्यों की स्थिति देखें और जहां प्रगति धीमी मिले, वहां तत्काल आवश्यक कदम उठाएं। उन्होंने साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, सड़क मरम्मत, सामुदायिक शौचालय, तालाब निर्माण, अमृत सरोवर के सौंदर्यीकरण, स्ट्रीट लाइट और विद्यालयों से संबंधित कार्यों की विशेष निगरानी करने को कहा। बाढ़ राहत कार्यों की भी लगातार निगरानी बाढ़ राहत कार्यों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को लगातार निगरानी रखने और आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से स्वयं मौके पर जाकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने और जरूरत के अनुसार तत्काल कार्रवाई करने को कहा। डीएम ने विभागीय बजट का नियमानुसार और समयबद्ध उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि शासन की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना और विकास परियोजनाओं को निर्धारित समय में पूरा कराना अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। सीएम डैशबोर्ड के इंडीकेटर पर भी जोर बैठक में सीएम डैशबोर्ड के प्रत्येक इंडीकेटर में बेहतर प्रदर्शन , शासनादेशों और निर्देशों का प्रभावी अनुपालन तथा विकास कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता बनाए रखने पर जोर दिया गया। इस दौरान निर्माणाधीन परियोजनाओं, फैमिली आईडी, पेंशन योजनाओं, सड़क निर्माण, नमामि गंगे, विभागीय बजट व्यय, ऑपरेशन कायाकल्प, स्वास्थ्य, समाज कल्याण, दिव्यांगजन, कृषि, बाल कल्याण और पंचायती राज विभाग की योजनाओं सहित ग्रामीण क्षेत्रों के विभिन्न विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी नूपुर गोयल , सीएमओ डॉ. राम प्रसाद , पीडीडीआरडीए सुनील कुमार सिंह , जिला सूचना अधिकारी सुमित कुमार समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी और कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
This is a summary. For the full story, refer to the original source. Public of India presents verified citizen-relevant reporting.