मथुरा के प्रसिद्ध ठाकुर द्वारकाधीश मंदिर में शनिवार शाम 7 बजे पुष्टिमार्ग संप्रदाय की सावन परंपरा के अनुरूप ठाकुर द्वारकाधीश महाराज को काली घटा में विराजमान कराया गया। इस अवसर पर मंदिर परिसर को काले वस्त्रों, आकर्षक रोशनी और विभिन्न प्रकार के फूलों से सजाया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने राजाधिराज के दर्शन किए। मंदिर के मीडिया प्रभारी राकेश तिवारी (एडवोकेट) ने बताया कि काली घटा के आयोजन के दौरान मंदिर का वातावरण पूरी तरह वर्षाकालीन स्वरूप में नजर आया। मंदिर प्रांगण को काले कपड़ों से सजाने के साथ ही विभिन्न प्रकार की लाइट और फूलों से आकर्षक सजावट की गई थी। वातावरण में काले बादलों की गड़गड़ाहट, चिड़ियों की चहचाहट और बिजली की घनघोर आवाजों की ध्वनि ने श्रद्धालुओं को बरसात के मौसम का एहसास कराया। इस दौरान मंदिर में भक्ति और उल्लास का माहौल बना रहा। तिवारी ने बताया कि मंदिर में होने वाले सभी कार्यक्रमों का निर्धारण मंदिर के गोस्वामी श्री श्री 108 डॉ. वागीश कुमार जी महाराज, कांकरोली नरेश एवं तृतीय पीठ, द्वारा किया जाता है। पुष्टिमार्गीय परंपरा में ठाकुर जी को लाड़-लड़ाने की भावना से सावन के दौरान उन्हें विभिन्न घटाओं और हिंडोलों में विराजमान कराया जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि घटा का तात्पर्य ठाकुर जी को बाहर के मौसम की अनुभूति करवाना है। इसी भाव के साथ मंदिर में अलग-अलग स्वरूपों और सजावट के माध्यम से ठाकुर जी को विराजमान कराया जाता है। राकेश तिवारी ने यह भी बताया कि घटा और हिंडोला का यह क्रम पूरे सावन मास तक जारी रहेगा। इसी क्रम में रविवार को शाम 5:10 बजे से 5:40 बजे तक ठाकुर द्वारकाधीश महाराज केसरी मखमल के हिंडोले में विराजमान होकर भक्तों को दर्शन देंगे। इन विशेष आयोजनों को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है।
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