सुभाष मिश्रलोकतंत्र में जनता का गुस्सा केवल गुस्सा नहीं होता। वह अक्सर किसी गहरे असंतोष का संकेत होता है, लेकिन हर भीड़ जनमत नहीं होती और हर जनसैलाब आंदोलन नहीं होता। किसी विचार, मांग या अन्याय के खिलाफ संगठित होकर उठी आवाज और किसी घटना को तमाशा समझकर जमा हुई भीड़ के बीच फर्क करना ... The post जनता का गुस्सा चेतावनी है, राजनीति के लिए सबक भी appeared first on realtimes .
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