नर्सिंग छात्रों का आंदोलन खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार रात मुख्यमंत्री निवास के बाहर धरने पर बैठे नर्सिंग छात्रों को पुलिस ने रात करीब 12 बजे वहां से हटा दिया। छात्रों का आरोप है कि पुलिस उन्हें जबरन बसों में बैठाकर रेलवे स्टेशन छोड़ गई। इसके बाद गुरुवार सुबह छात्र फिर नीलम पार्क पहुंचे और अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आए नर्सिंग छात्र-छात्राओं ने नीलम पार्क में प्रदर्शन कर सरकार से अपनी मांगों का जल्द निराकरण करने की मांग की। छात्रों ने कहा कि मुख्यमंत्री निवास से हटाए जाने के बावजूद उनका आंदोलन खत्म नहीं हुआ है। आने वाले दिनों में अलग-अलग जिलों से और छात्र भोपाल पहुंचकर आंदोलन में शामिल होंगे। 'अंधेरे में जबरन बस में बैठाकर स्टेशन छोड़ा' स्टेट कोर कमेटी के सदस्य मनोज रजक ने कहा कि पिछले तीन-चार दिनों से भोपाल में नर्सिंग छात्रों का आंदोलन चल रहा है। बुधवार को छात्र मुख्यमंत्री निवास के बाहर प्रदर्शन कर रहे थे। रात करीब 12 बजे पुलिस ने उन्हें वहां से हटा दिया और बसों में बैठाकर रेलवे स्टेशन छोड़ दिया। रजक के मुताबिक, छात्रों ने इसके बावजूद आंदोलन जारी रखने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि गुरुवार को नीलम पार्क में दिनभर धरना दिया गया। अब अलग-अलग जिलों से नर्सिंग छात्र रोजाना आंदोलन में शामिल होने भोपाल आएंगे। उन्होंने कहा कि 2 सितंबर को होने वाली कोर्ट की सुनवाई में छात्रों के हित में फैसला आने की उम्मीद है। छात्रों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मिलने के लिए प्रतिनिधिमंडल भेजने की कोशिश भी की, लेकिन सरकार और प्रशासन की ओर से संवाद नहीं हुआ। छात्रों की मांग है कि मुख्यमंत्री से जल्द उनकी मुलाकात कराई जाए। NSUI बोली- समाधान नहीं हुआ तो सीएम हाउस का घेराव मध्यप्रदेश NSUI के प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने नर्सिंग छात्रों के आंदोलन का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के हजारों नर्सिंग छात्रों का भविष्य संकट में है। छात्र लगातार परीक्षा, रिजल्ट, छात्रवृत्ति और अन्य समस्याओं को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। परमार ने आरोप लगाया कि बुधवार को छात्र सुबह से रात तक मुख्यमंत्री निवास के बाहर धरने पर बैठे रहे, लेकिन रात में पुलिस ने उन्हें वहां से हटा दिया। उन्होंने इसे छात्रों के साथ दमन की कार्रवाई बताया। उन्होंने सरकार और चिकित्सा शिक्षा विभाग से नर्सिंग छात्रों की परीक्षाएं कराने, रिजल्ट जारी करने तथा छात्रवृत्ति समेत अन्य समस्याओं का तत्काल समाधान करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्याओं का निराकरण नहीं हुआ तो NSUI नर्सिंग छात्रों के समर्थन में पूरे प्रदेश में प्रदर्शन करेगी और मुख्यमंत्री निवास का घेराव भी किया जाएगा। छह साल से अटका है नर्सिंग छात्रों का भविष्य नर्सिंग छात्रों का कहना है कि कॉलेजों की मान्यता से जुड़े विवाद और न्यायिक प्रक्रिया के कारण उनका शैक्षणिक सत्र प्रभावित हुआ है। कई छात्र परीक्षा, रिजल्ट, डिग्री और रजिस्ट्रेशन के इंतजार में हैं। छात्रों का आरोप है कि कॉलेजों की मान्यता में हुई गड़बड़ियों का खामियाजा विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा है। अब छात्र सरकार से मामले में स्पष्ट निर्णय और लिखित आश्वासन की मांग कर रहे हैं।
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