भीलवाड़ा में भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) की ओर से सोमवार को जिला कलेक्टर के माध्यम से प्रधानमंत्री के नाम श्रमिकों, कर्मचारियों और कमजोर वर्गों के हित में 11 सूत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में राष्ट्रीय न्यूनतम वेतन 30 हजार रुपए प्रतिमाह करने और इसे महंगाई सूचकांक से जोड़ने की मांग की गई। इसके साथ ही ईएसआईसी और ईपीएस की वेतन सीमा दोगुनी करने, न्यूनतम ईपीएफ पेंशन 1 हजार से बढ़ाकर 7,500 रुपए करने और बोनस की गणना और पात्रता वेतन सीमा में संशोधन की मांग रखी गई। संघ ने आंगनबाड़ी, आशा और मिड-डे मील सहित योजना कर्मचारियों के मानदेय में वृद्धि और संविदा कर्मचारियों को समान कार्य के लिए समान वेतन देने की मांग भी की। जिला मंत्री हरीश कुमार सुवालका ने बैंकिंग क्षेत्र में पांच दिन का कार्य सप्ताह लागू करने और ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा 20 लाख से बढ़ाकर 40 लाख रुपए करने की मांग रखी। वहीं, प्रदेश मंत्री गोपाल सिंह चौहान ने नए श्रम कानूनों में श्रमिक-विरोधी प्रावधान हटाने की मांग की। बीएमएस पदाधिकारियों ने कहा कि मांगें स्वीकार होने से श्रमिकों का मनोबल बढ़ेगा और उत्पादन क्षमता में वृद्धि के साथ देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। मांगों को मानने से श्रमिकों का मनोबल बढ़ेगा बीएमएस के राजस्थान प्रदेश मंत्री गोपाल सिंह चौहान ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए चार नए लेबर कोड में से दो का संघ कड़ा विरोध कर रहा है, क्योंकि इनमें श्रमिक संगठनों और मजदूरों की अनदेखी की गई है। संघ का मानना है कि इन मांगों को स्वीकार करने से श्रमिकों का मनोबल बढ़ेगा, उत्पादन क्षमता में वृद्धि होगी और राष्ट्र की अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिलेगी।
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