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जालोरी गेट-चौराहे पर शहीद बिस्सा की प्रतिमा पर लगी छतरी:स्वतंत्रता दिवस पर हुआ लोकापर्ण, आजादी की लड़ाई में शहीद हुए थे बालमुकुंद बिस्सा

India 13h ago Source: publicofindia

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर स्वतंत्रता सेनानी बालमुकुंद बिस्सा की मूर्ति पर बनी छतरी का लोकार्पण किया गया। जालोरी गेट चौराहे पर लगी बिस्सा की मूर्ति की छतरी का निर्माण जोधपुर विकास प्राधिकरण की ने शहर विधायक अतुल भंसाली द्वारा विधायक कोष की राशि से कराया गया है। इसमें करीब 20 लाख की राशि खर्च हुई है। छतरी का लोकार्पण जोधपुर शहर विधायक अतुल भंसाली और सूरसागर विधायक देवेंद्र जोशी ने किया। गौरतलब है कि बालमुकुंद बिस्सा की मूर्ति अब तक चौराहे पर खुले में लगी हुई थी। खुले में लगी थी मूर्ति सूरसागर विधायक देवेंद्र जोशी ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस पर शहीदों को याद करना भाजपा की परंपरा है। उसी परंपरा के तहत शहीद बिस्सा की मूर्ति पर छतरी का लोकार्पण किया गया है। यह उनको श्रद्धांजलि है। वहीं शहर विधायक अतुल भंसाली ने कहा कि 80 साल से बिस्सा की मूर्ति खुले में लगी हुई है। पूरे शहर की भावना को देखते हुए इस छतरी का निर्माण कराया गया। स्वतंत्र दिवस के अवसर पर साधु-संतों और बिस्सा के परिजनों के सानिध्य में इसका लोकार्पण हुआ। 1942 में हुआ था निधन बता दें कि 24 दिसंबर 1908 को पीलवा में जन्मे बिस्सा 19 जून 1942 को शहीद हो गए थे। उनकी जोधपुर के जालोरी गेट चौराहे पर प्रतिमा स्थापित की गई थी। यहां साल 2022 में हुए दंगों के चलते बैरिकेडिंग कर दी गई थी। बिस्सा जोधपुर शहर के रहने वाले थे। 26 मई 1942 में देश की आजादी के लिए सत्याग्रहियों ने जेल भरो आंदोलन की शुरुआत की थी। जिसमें उस समय के भारत रक्षा कानून के तहत बालमुकुंद बिस्सा को गिरफ्तार कर जेल में नजरबंद कर दिया गया था। सेंट्रल जेल में उन्होंने भूख हड़ताल कर दी थी, उसके चलते उनका स्वास्थ्य बिगड़ने लगा। उन्हें 15 जून को तब के विंडम हॉस्पिटल और वर्तमान के महात्मा गांधी हॉस्पिटल में एडमिट करवाया गया था। जहां 19 जून 1942 को उनका निधन हो गया था।

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