कृषि विशेषज्ञ संजय यादव के अनुसार, खरीफ सीजन में आलू की खेती के लिए ढलान वाली और पानी की अच्छी निकासी वाली जमीन का चुनाव करना जरूरी है. उन्होंने कहा कि बारिश के मौसम में खेत में पानी जमा होने से आलू के कंद सड़ सकते हैं, जिससे पूरी फसल प्रभावित हो सकती है. खरीफ सीजन में पहाड़ी क्षेत्रों में आलू की बुवाई के दौरान बीज को काटकर लगाने के बजाय पूरा कंद लगाया जाता है. वहीं ठंड के मौसम में मैदानी या बलुई-कछारी क्षेत्रों में आलू के बीज को काटकर लगाया जाता है.
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