दो साल पहले इन दिहाड़ी मजदूरों ने सरोखा गांव में उथली हीरे की खदान लीज पर लिया था। लंबे समय तक कुछ नहीं मिलने पर उन्होंने खदान बंद कर दी और पास में दूसरी खदान में काम शुरू कर दिया था। हाल ही में भारी बारिश के बाद जब मजदूर पुरानी खदान देखने पहुंचे तो अखिलेश पाल की नजर ऊपर पड़े एक चमकदार पत्थर पर पड़ी।
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