नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी राहत दी है, देश की सर्वोच्च अदालत ने वीर सावरकर से जुड़े राहुल गांधी के बयान के विरुद्ध लखनऊ की निचली अदालत द्वारा जारी मानहानि से जुड़े समन और केस को रद्द कर दिया है, ये मामला 2022 में राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दौरान महाराष्ट्र में उनके द्वारा वीर सावरकर के खिलाफ़ विवादित टिप्पणी करने से जुड़ा है। जानकारी के अनुसार मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस दीपांकर दत्ता ने उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से पेश हुए एडिशनल सॉलिसिटर जनरल केएम नटराज से पूछा कि क्या आपने मुकदमा चलाने की मंज़ूरी दी है? इस पर नटराज ने कहा कि राज्य सरकार ने ऐसा नहीं किया है। इसके जवाब में कोर्ट ने कहा कि मंज़ूरी ज़रूरी है लेकिन जब मंज़ूरी नहीं है तो केस नहीं बनता। और उसके बाद अदालत ने राहुल गांधी के खिलाफ जारी समन और केस दोनों रद्द कर दिए। राहुल गांधी ने वीर सावरकर पर की थी टिप्पणी गौरतलब है कि लखनऊ के रहने वाले एडवोकेट नृपेन्द्र मिश्रा ने ये मामला लखनऊ की अदालत में दायर किया था जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि राहुल गांधी ने 17 दिसंबर 2022 को महाराष्ट्र के अकोला में एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान राहुल गांधी ने वीर सावरकर को अंग्रेजों का नौकर और पेंशन लेने वाला बताया था, याचिका में उन्होंने अदालत से राहुल गांधी पर आईपीसी की धारा 153A और 505 के तहत कार्रवाई की मांग की थी। उन्होंने ये भी आरोप लगाये थे कि पत्रकार वार्ता में मौजूद पत्रकारों को प्रेस रिलीज भी दी गई जिसमें इसका उल्लेख था जिससे यह संकेत मिलता है कि बयान पूरी तैयारी के साथ दिया गया और इसका उद्देश्य समाज में नफरत फैलाना था। हाई कोर्ट से नहीं मिली थी राहत, सुप्रीम कोर्ट गये याचिका पर सुनवाई करते हुए लखनऊ के एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की कोर्ट ने राहुल गांधी को समन जारी किये लेकिन वो इसके खिलाफ इलाहाबाद हाई कोर्ट चले गए, मगर 4 अप्रैल 2025 को इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने समन निरस्त करने से इंकार कर दिया, जब हाई कोर्ट से राहत नहीं मिली तो राहुल गांधी समन निरस्त कराने सुप्रीम कोर्ट पहुंचे, सुप्रीम कोर्ट में राहुल गांधी की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी और प्रसन्ना एस. पेश हुए। सुप्रीम कोर्ट ने लगाई थी राहुल गांधी को फटकार सुप्रीम कोर्ट ने 25 अप्रैल 2025 को सुनवाई के दौरान राहुल गांधी को कड़ी चेतावनी दी कि वे हमारे स्वतंत्रता सेनानियों, जिन्होंने हमें आज़ादी दिलाई, उनके खिलाफ ऐसे बयान न दें। जस्टिस दत्ता ने विपक्ष के नेता को यह भी चेतावनी दी थी कि अगर भविष्य में उन्होंने ऐसी टिप्पणी की, तो सुप्रीम कोर्ट खुद संज्ञान लेगा और तब उनके खिलाफ मामला शुरू करने से पहले मंज़ूरी लेने का कोई सवाल ही नहीं उठेगा। हालाँकि अदालत ने राहुल गांधी को अंतरिम राहत देते हुए ACJM कोर्ट से जारी समन पर रोक लगा दी थी। लेकिन आज जब सुनवाई हुई तो उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा ज़रूरी मंजूरी नहीं दिए जाने का संज्ञान लेते हुए सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी के खिलाफ समन और शिकायत को रद्द कर दिया।
This is a summary. For the full story, refer to the original source. Public of India presents verified citizen-relevant reporting.