RBI New Loan Recovery Rules: पर्सनल लोन या होम लोन की EMI को मैनेज करना तनावपूर्ण हो सकता है. ड्यू डेट्स (तय तारीखों) पर पेमेंट न करने या पेमेंट में चूक (डिफ़ॉल्ट) करने के गंभीर नतीजे हो सकते हैं, जिसमें रिकवरी एजेंटों द्वारा परेशान किए जाने का जोखिम भी शामिल है. लोन के लिए अप्लाई करने से पहले उधार लेने वालों के पास पेमेंट की एक रणनीति होनी चाहिए. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने अब उधार लेने वालों को लोन-रिकवरी के परेशान करने वाले तरीकों से बचाने के लिए नए निर्देश जारी किए हैं. ‘लोन की रिकवरी में रेगुलेटेड एंटिटीज़ (विनियमित संस्थाओं) का आचरण और रिकवरी एजेंटों की नियुक्ति’ (Conduct of Regulated Entities in Recovery of Loans and Engagement of Recovery Agents) नाम की ये गाइडलाइंस 6 अगस्त को जारी की गईं और ये 1 जनवरी 2027 से लागू होंगी. रिकवरी एजेंट को लेकर क्या होगा नया नियम? इस फ्रेमवर्क में इस बात पर सख्त सीमाएं तय की गई है कि बैंक और रिकवरी एजेंच उधार लेने वालों से कैसे संपर्क कर सकते हैं, पर्सनल डेटा का इस्तेमाल कैसे कर सकते हैं और बकाया राशि वसूलने के लिए टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कैसे कर सकते हैं. तय प्रक्रियाओं का करना होगा पालन बैंकिंग संस्थान पर्सनल, कार, होम या ऑटो लोन का बकाया वसूलने के लिए उधार लेने वाले के मोबाइल फोन, टैबलेट, लैपटॉप या इसी तरह के अन्य डिवाइस को जबरदस्ती ब्लॉक या प्रतिबंधित करने के लिए टेक्नोलॉजी या एडवांस्ड मैकेनिज़्म का इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं. ऐसे मामलों में एकमात्र अपवाद तब होता है जब लोन खास तौर पर उसी डिवाइस को फाइनेंस करने के लिए लिया गया हो. ऐसे मामलों में भी लोन देने वाली संस्थाओं को एक तय प्रक्रिया का पालन करना चाहिए और उचित नोटिस व समय देना चाहिए. यह भी पढ़ें – Chandi Ka Bhav Today: चांदी महंगी हुए या सस्ती? खरीदारी से पहले यहां जानें 13 अगस्त का ताजा रेट्स रिकवरी एजेंटों से जुड़े नियमों को किया गया सख्त RBI ने रिकवरी एजेंटों से जुड़े नियमों को भी सख्त कर दिया है. ग्राहकों की ईमानदारी और प्राइवेसी सबसे जरूरी है. बैंकों को यह पक्का करना होगा कि रिकवरी के लिए जरूरी जानकारी ही कर्मचारियों या एजेंसियों के साथ शेयर की जाए. रिकवरी एजेंट गाली-गलौज वाली भाषा का इस्तेमाल नहीं कर सकते, व्यक्तिगत हमले नहीं कर सकते, उधार लेने वालों को धमका नहीं सकते या उन्हें सबके सामने शर्मिंदा नहीं कर सकते, और न ही उन्हें डराने-धमकाने के लिए उनके रिश्तेदारों, दोस्तों या सहकर्मियों से संपर्क कर सकते हैं. पर्सनल जानकारी पर पहुंचने से रहेगी रोक नियम बैंकों और उनके टेक्नोलॉजी प्रोवाइडर्स को लोन रिकवरी के मकसद से उधार लेने वाले के डिवाइस पर मौजूद पर्सनल जानकारी (जैसे कॉन्टैक्ट्स, फ़ोटो, टेक्स्ट मैसेज, कॉल रिकॉर्ड और लोकेशन हिस्ट्री) तक पहुंचने से भी रोकते हैं. ऐसी कोई भी कोशिश कानून के खिलाफ है और इसके लिए उचित कार्रवाई हो सकती है. उधार लेने वालों के लिए यह ध्यान रखना जरूरी है कि नए नियम किसी भी तरह से लोन की देनदारियों को खत्म या कम नहीं करते हैं. उधार लेने वाले बिना चुकाई गई EMI, किसी भी बकाया लोन और लागू ब्याज के लिए जिम्मेदार बने रहते हैं. नियमों का पालन न करने पर कानूनी नतीजे हो सकते हैं और क्रेडिट प्रोफाइल व क्रेडिट स्कोर पर असर पड़ सकता है. यह भी पढ़ें – Sone Ka Bhav today: दिल्ली, मुंबई, चेन्नई समेत अन्य शहरों में 18k, 22K और 24K सोने की कीमत, देखें यहां
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