लखनऊ के सरोजिनी नगर ब्लॉक सभागार में सोमवार कों बेटियों की सुरक्षा, सेहत और पढ़ाई को लेकर ब्लॉक टास्क फोर्स की एक अहम बैठक हुई। यह आयोजन जिलाधिकारी के नेतृत्व और जिला प्रोबेशन अधिकारी के निर्देश पर आयोजित की गईं। इस कार्यक्रम में देशभक्ति और सामाजिक सुधार का संगम देखने को मिला। सभागार से एक तिरंगा यात्रा निकाली गई, जिसके जरिए स्थानीय लोगों को 'हर घर तिरंगा' अभियान से जुड़ने के लिए प्रेरित किया गया। बैठक में बाल विकास परियोजना अधिकारी राकेश शर्मा, सहायक विकास अधिकारी समाज कल्याण पूनम लता, सहायक अधिकारी पंचायत कौशल कुमार, एडीओ शिव कुमार वर्मा और प्रोबेशन कार्यालय से यशस्विनी श्रीवास्तव मौजूद रहे। कार्यक्रम में जेंडर स्पेशलिस्ट वंदना द्विवेदी ने पाक्सो एक्ट, बाल संरक्षण अधिकार, गुड टच-बैड टच और टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबरों की बारीकियों से रूबरू कराया। इसके साथ ही उन्होंने निर्देश दिए कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता अभियान चलाकर मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के पात्र लाभार्थियों को चिन्हित करें और तुरंत उनके आवेदन दर्ज कराएं। निराश्रित महिला पेंशन से लेकर बाल सेवा तक दी जानकारी इस दौरान समाज में जेंडर पक्षपात और लिंग चयन जैसी कुरीतियों पर रोक लगाने पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करके ही उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है। बैठक में महिला कल्याण और समाज कल्याण विभाग की विभिन्न योजनाओं का ब्योरा दिया गया। इसमें पति की मृत्यु के उपरांत मिलने वाली निराश्रित महिला पेंशन योजना, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना और बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना से जुड़े लाभों के बारे में विस्तार से समझाया गया। ब्रोशर बांटकर दिया जागरुकता का संदेश कार्यक्रम के अंतिम चरण में महिला कल्याण विभाग की ओर से प्रतिभागियों को जागरूकता सामग्री दी गई। इसमें 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' का संदेश लिखे मग, डायरी और फोल्डर शामिल रहे। इसके अलावा सरकारी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सभी को पम्पलेट और ब्रोशर भी वितरित किए गए।
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