नई दिल्ली। हमारे क्षेत्र बैसवारा में कांवड़ यात्रा नहीं होती है। आज से कुछ वर्ष पूर्व तक मैं भी किसी वामपंथी की तरह यह सोचता था कि कावड़ यात्रा करने वाले बेरोजगार, समाज के निचले वर्ग के, नशेड़ी, अपराधी प्रवृति के लोग होते हैं। कावड़िए सड़क जाम करते हैं, दंगा फसाद करते हैं और निहायत ही बेकार कार्य में अपना समय, ऊर्जा और धन बर्बाद करते हैं। लेकिन गहराई से विचार करने पर मुझे कावड़ यात्रा के बारे में यह समझ विकसित हुई है कि : 1. प्रतीकात्मक तौर पर ‘कांवड यात्रा’ का संदेश इतना भर है कि आप जीवनदायिनी
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