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मदरसा-संस्कृत शिक्षकों का 6 महीने से वेतन बकाया:सीएम के आदेश के बावजूद भुगतान नहीं, MLC बोले-'खजाने में पैसों की कमी नहीं'

India 12h ago Source: publicofindia

मदरसा और संस्कृत बोर्ड के हजारों शिक्षकों को पिछले छह माह से वेतन नहीं मिला है, जिससे वे गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। इस मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। जेडीयू एमएलसी और अल्पसंख्यक आयोग समिति के अध्यक्ष मो. खालिद अनवर ने शिक्षकों का समर्थन करते हुए शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं और तत्काल भुगतान की मांग की है। नीतीश ने शिक्षा को मजबूत करने का कार्य किया एमएलसी खालिद अनवर ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हमेशा शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और सभी वर्गों को साथ लेकर चलने का काम किया है। मदरसा और संस्कृत बोर्ड के शिक्षकों के लिए भी कई सकारात्मक कदम उठाए गए थे। इसके बावजूद, शिक्षा विभाग द्वारा पिछले छह महीनों से वेतन भुगतान रोकना समझ से परे है। शिक्षक आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग 'जांच' के नाम पर मामले को लंबित रखे हुए है, जबकि हजारों शिक्षक और उनके परिवार इस कारण गंभीर आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे हैं। खालिद अनवर ने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री स्वयं मदरसा और संस्कृत बोर्ड के शिक्षकों के भुगतान सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश दे चुके हैं। इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई न होना चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि उन्हें लगातार शिक्षकों के फोन आ रहे हैं, लेकिन विभाग स्तर पर उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। विभागीय उदासीनता की समस्या एमएलसी ने सरकार की वित्तीय स्थिति पर उठ रहे सवालों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि राज्य के खजाने में पैसों की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि यह संसाधनों की नहीं, बल्कि विभागीय उदासीनता की समस्या है। अनवर ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते इस मुद्दे का समाधान नहीं किया गया, तो यह एक बड़े आंदोलन का रूप ले सकता है। दूसरी ओर, शिक्षकों ने भी साफ कर दिया है कि यदि जल्द वेतन का भुगतान नहीं किया गया, तो वे सड़क पर उतरकर आंदोलन करने को बाध्य होंगे। अब सभी की निगाहें शिक्षा विभाग और सरकार के अगले कदम पर टिकी हुई हैं।

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