LIVE Public of India  •  Pan-India Citizen Newsroom  •  Verified Reporting
support@publicofindia.in Membership
BREAKING
Submit your story — verified, policy-led, privacy-first publishing Hindi & English news updated every 15 minutes from across India Members get priority review, profile badge & creator dashboard Public of India is a private platform — not a government website Submit your story — verified, policy-led, privacy-first publishing Hindi & English news updated every 15 minutes from across India Members get priority review, profile badge & creator dashboard Public of India is a private platform — not a government website
Home  /  POLITICS  /  इंदौर में राइजिंग भारत पर हुआ मंथन:राष्ट्रीय सं...
POLITICS Verified हिंदी

इंदौर में राइजिंग भारत पर हुआ मंथन:राष्ट्रीय संगोष्ठी में बोले मिलिंद परांडे- वैचारिक चुनौतियों से निपटने के लिए मजबूत करना होगा राष्ट्रीय चरित्र

India 13h ago Source: publicofindia

वर्ल्ड एसोसिएशन आफ हिंदू एकेडेमिशियन्स की ओर से शनिवार को डेली कॉलेज में एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी द राइजिंग भारत- ज्ञानं परमं बलम् का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में देशभर से प्रतिष्ठित शिक्षाविद्, चिंतक, नीति विशेषज्ञ और विभिन्न क्षेत्रों के विद्वानों के साथ 600 से अधिक पीएचडी धारकों ने सहभागिता की। संगोष्ठी के मुख्य वक्ता विश्व हिंदू परिषद के अखिल भारतीय संगठन मंत्री मिलिंद परांडे ने कहा कि महर्षि अरविंद के विचारों के अनुरूप भारत को विश्व का मार्गदर्शन करना है और देश फिर उसी दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि समाज के सामने मौजूद वैचारिक चुनौतियों का सामना करने के लिए पूरे समाज को अपना राष्ट्रीय चरित्र मजबूत करना होगा। नारी की भूमिका से लेकर जनजातीय समाज पर चर्चा महिला विमर्श सत्र में भारतीय चिंतन और वर्तमान विषय पर डॉ. नुपुर निखिल ने कहा कि भारतीय संस्कृति में प्राचीन समय से ही नारी के सम्मान को महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। महिलाएं गृह कार्य के साथ सामाजिक कार्य, अर्थदायित्व, प्रबंधन, शक्ति प्रदर्शन और वैचारिक क्षेत्रों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रही हैं। जनजातीय विमर्श सत्र में प्रकाश उइके और लक्ष्मण सिंह मरकाम ने जनजातीय समाज की सांस्कृतिक पहचान और उसके सामने मौजूद समकालीन चुनौतियों पर विचार साझा किए। वहीं भारतीय अर्थव्यवस्था एवं ग्लोबल मार्केट फोर्सेज विषय पर आयोजित सत्र में प्रफुल्ल केतकर और जितेंद्र गुप्ता ने भारतीय अर्थव्यवस्था तथा वैश्विक बाजार की बदलती परिस्थितियों पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम में संत ओमानंद महाराज, विनोद अग्रवाल, पद्मश्री कालूराम बामनिया, भालचंद्र दत्तात्रय मोंडे, डॉ. राकेश सिंघाई, डॉ. राजेश चावला, विक्रम सिंह पवार सहित अन्य गणमान्य लोग मंच पर उपस्थित रहे।

This is a summary. For the full story, refer to the original source. Public of India presents verified citizen-relevant reporting.