मध्यप्रदेश में घुड़सवारी खेल को जमीनी स्तर से मजबूत करने के लिए फीडर सेंटर का नेटवर्क तैयार किया जाएगा। इसके लिए सेना और एनसीसी की विंग के प्रशिक्षण केंद्रों के साथ साझेदारी की जाएगी। इन सेंटरों पर खिलाड़ियों को घुड़सवारी की बेसिक ट्रेनिंग दी जाएगी। यहां से चुनी गई प्रतिभाओं को भोपाल स्थित मध्यप्रदेश राज्य घुड़सवारी अकादमी में एडवांस और उच्च स्तरीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह घोषणा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने शनिवार को टीटी नगर स्टेडियम के मेजर ध्यानचंद हॉल में आयोजित एक दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार में की। घुड़सवारी खेल के समग्र विकास और इसे देशभर में लोकप्रिय बनाने के लिए आयोजित इस सेमिनार में देश के प्रमुख प्रशिक्षकों, अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों और विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर एक मंच पर आए विशेषज्ञ मंत्री सारंग ने कहा कि मध्यप्रदेश ने देश में पहली बार घुड़सवारी खेल के सुनियोजित और समग्र विकास के लिए इस तरह का राष्ट्रीय स्तर का सेमिनार आयोजित किया है। इसमें खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों की ट्रेनिंग, आधुनिक एवं वैज्ञानिक प्रशिक्षण पद्धति, घोड़ों की उपलब्धता, खेल अधोसंरचना, प्रतियोगिताओं और खेल की जनभागीदारी जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। सेमिनार में सामने आए सुझावों के आधार पर प्रदेश में घुड़सवारी के विकास के लिए व्यापक रिपोर्ट और दीर्घकालीन रोडमैप तैयार किया जाएगा। इसे भारत सरकार के खेल मंत्रालय को भी भेजा जाएगा, ताकि राष्ट्रीय स्तर पर खेल के विकास के लिए आवश्यक सहयोग और कार्रवाई की जा सके। भोपाल में जल्द स्टेट चैंपियनशिप प्रदेश में घुड़सवारी को लोकप्रिय बनाने के लिए भोपाल में जल्द ही स्टेट चैंपियनशिप आयोजित की जाएगी। मंत्री ने कहा कि नियमित प्रतियोगिताओं से खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धा का अनुभव मिलेगा और युवाओं के बीच इस खेल का आधार बढ़ेगा। सेमिनार में हरियाणा घुड़सवारी खेल संघ के महासचिव कर्नल राजपाल सिंह अहलूवालिया ने घुड़सवारी को खेलो इंडिया गेम्स में शामिल करने का सुझाव दिया। रीवा एनसीसी विंग के लेफ्टिनेंट कर्नल मित्तल ने एनसीसी ट्रेनिंग सेंटरों को फीडर सेंटर बनाने की बात रखी। एशियन गेम्स राइडर आशीष लिमाये ने घुड़सवारी के प्रति जागरूकता बढ़ाने, अंतरराष्ट्रीय घुड़सवार सुदीप्ति हजेला ने प्रशिक्षकों के एडवांस प्रशिक्षण और डिजिटल प्रमोशन पर जोर दिया। अंतरराष्ट्रीय घुड़सवार अनुष अगरवाला ने अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रोटोकॉल बनाने, जबकि हृदय छेड़ा ने स्टैंडर्डाइज्ड कोचिंग कोर्स विकसित करने का सुझाव दिया। घोड़ों के लिए क्वारंटाइन सेंटर बनाने की तैयारी मध्यप्रदेश में विश्वस्तरीय मान्यता प्राप्त घोड़ा क्वारंटाइन सेंटर बनाने की दिशा में भी काम किया जाएगा। इसका उद्देश्य भारतीय खिलाड़ियों के घोड़ों को लंबी क्वारंटाइन प्रक्रिया से बचाना है, ताकि वे प्रतियोगिताओं में समय पर हिस्सा ले सकें। अकादमी के खिलाड़ियों ने जीते 349 पदक मध्यप्रदेश राज्य घुड़सवारी अकादमी की स्थापना जनवरी 2007 में हुई थी। यहां शो जंपिंग, ड्रेसेज और इवेंटिंग जैसे खेलों का प्रशिक्षण दिया जाता है। अकादमी के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अब तक 106 गोल्ड, 112 सिल्वर और 66 ब्रॉन्ज सहित कुल 284 पदक जीते हैं। वहीं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में 23 गोल्ड, 20 सिल्वर और 22 ब्रॉन्ज सहित कुल 65 पदक हासिल किए हैं। इस तरह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अकादमी के खिलाड़ियों ने कुल 349 पदक अपने नाम किए हैं। देश का सबसे बड़ा इंडोर एरीना अंतिम चरण में भोपाल स्थित मध्यप्रदेश राज्य घुड़सवारी अकादमी में अंतरराष्ट्रीय स्तर के मल्टीपर्पस इंडोर एरीना का निर्माण अंतिम चरण में है। इसके पूरा होने के बाद यहां राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की घुड़सवारी प्रतियोगिताएं आयोजित की जा सकेंगी। सरकार का दावा है कि इससे भोपाल देश में घुड़सवारी खेल के प्रमुख केंद्रों में शामिल होगा।
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