अंबेडकर नगर .मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को गोविंद साहब मेला परिसर पहुंच गए। उन्होंने सबसे पहले गोविंद साहब मठ में पूजा-अर्चना की। इसके बाद जनसभा स्थल पर बनाए गए मंच पर पहुंचे। मंच पर पहुंचते ही एमएलसी डॉ. हरिओम पांडेय, कटेहरी विधायक धर्मराज निषाद, भाजपा जिलाध्यक्ष दिलीप पटेल देव, पूर्व सांसद रितेश पांडेय समेत पार्टी कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। इस दौरान मुख्यमंत्री को त्रिशूल भेंट किया गया।एक माह तक लगता है मेला गोविंद साहब मेला परिसर में शुक्रवार को आयोजित मुख्यमंत्री के जनसभा कार्यक्रम के दौरान कटेहरी विधायक धर्मराज निषाद ने गोविंद साहब मेले को राजकीय मेला घोषित करने की मांग मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने रखी। विधायक ने कहा कि गोविंद साहब का मेला काफी पुराना है। यहां करीब एक माह तक मेला लगता है। इसमें आसपास के गांवों के साथ दूर-दराज क्षेत्रों से भी हर वर्ग के लोग पहुंचते हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में बड़ी संख्या में दलित और निषाद समाज के लोग रहते हैं जिनके लिए गोविंद साहब मेला विशेष महत्व रखता है। उन्होंने मेले में मिलने वाले स्थानीय व्यंजन खजला का भी उल्लेख किया। विधायक ने गोविंद साहब स्थल के विकास के लिए कॉरिडोर निर्माण की घोषणा किए जाने की मांग भी मुख्यमंत्री के सामने रखी।पूर्व सांसद और भाजपा नेता रितेश पांडेय ने क्षेत्र के विकास से जुड़े कई मुद्दे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने रखे। उन्होंने जलालपुर शहर में बाईपास निर्माण और चहोड़ा घाट के पक्कीकरण की मांग की। रितेश पांडेय ने गोविंद साहब मेले को राजकीय मेले का दर्जा देने की मांग भी रखी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अब विकास के साथ अवसरों की भी धरती बन रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भर्ती प्रक्रिया पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ पूरी की जा रही है। युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने पर भी उन्होंने सरकार के प्रयासों का उल्लेख किया। बाबा गोविंद साहब की तपोस्थली शुक्रवार को राजनीतिक, धार्मिक और जनउत्साह का केंद्र रही। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यहां तीन विधानसभाओं — टांडा, आलापुर और जलालपुर — के लिए 707 करोड़ रुपये की 194 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इनमें 560 करोड़ की 158 परियोजनाओं का लोकार्पण और 146 करोड़ की 36 परियोजनाओं का शिलान्यास शामिल है। कार्यक्रम स्थल पर मुख्यमंत्री के पहुंचते ही हजारों लोगों के बीच पूरा पंडाल तालियों और जयघोष से गूंज उठा। मुख्यमंत्री ने बाबा गोविंद साहब की तपोभूमि का उल्लेख करते हुए इसे आस्था, सामाजिक समरसता और लोककल्याण की प्रेरणा स्थली बताया। विधानसावार परियोजनाओं का विवरण · टांडा विधानसभा: 217.69 करोड़ की 69 परियोजनाएं — पावर कॉरपोरेशन के कार्य, राजकीय आईटीआई टांडा का लोकार्पण, महादेवा घाट का पर्यटन विकास और बसखारी ब्लॉक में फलाहारी महाराज आश्रम का पर्यटन विकास शामिल। · आलापुर विधानसभा: 313.18 करोड़ की 75 परियोजनाएं — जल जीवन मिशन की 32 परियोजनाएं, लोक निर्माण विभाग की 19 परियोजनाएं, राजकीय आईटीआई जहांगीरगंज और आलापुर के विकास कार्य तथा संत बाबा गोविंद साहब की तापोभूमि मठ के पर्यटन विकास का शिलान्यास शामिल। · जलालपुर विधानसभा: 176.93 करोड़ की 50 परियोजनाएं — जल जीवन मिशन की 26 परियोजनाएं, पावर कॉरपोरेशन के कार्य और ग्राम आशापार में गौ संरक्षण केंद्र के विकास का शिलान्यास शामिल। मेले को राजकीय दर्जा मुख्यमंत्री ने माघ माह की कड़ाके की ठंड में लगने वाले बाबा गोविंद साहब मेले को राजकीय मेले का दर्जा देने की घोषणा की, जिससे श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। प्रभारी मंत्री का सपा पर हमला अम्बेडकरनगर के प्रभारी मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सपा के 'PDA' नारे पर तंज कसते हुए कहा कि ''PDA का मतलब — पीट देगा अहीर, पीट देगा अल्पसंख्यक'' । उन्होंने सपा सरकार पर पेपर लीक और नौकरी बेचने के आरोप लगाए तथा दावा किया कि वर्तमान सरकार ने बिना रिश्वत करीब 9 लाख सरकारी नौकरियां दी हैं। कानून-व्यवस्था को लेकर उन्होंने कहा कि सपा सरकार के 5 साल में करीब एक हजार दंगे हुए, जबकि योगी सरकार के 9 साल में एक भी दंगा नहीं हुआ। अन्य मांगें इससे पहले स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री के सामने गोविंद साहब कॉरिडोर, आलापुर में 100 शैया का राजकीय चिकित्सालय, रामनगर को नगर पंचायत का दर्जा, जलालपुर में बाईपास और बस अड्डा, टांडा-बरियावन-सुल्तानगढ़ मार्ग को फोरलेन करने तथा टांडा में टेक्सटाइल पार्क स्थापित करने की मांग रखी। स्थानीय लोगों ने मेले को राजकीय दर्जा और विकास परियोजनाओं की घोषणा का स्वागत किया है। धार्मिक आस्था और विकास की घोषणाओं के इस संगम ने बाबा गोविंद साहब की तपोस्थली को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है। नोट: यह खबर स्रोतों से प्राप्त जानकारियों के संकलन पर आधारित है।
This is a summary. For the full story, refer to the original source. Public of India presents verified citizen-relevant reporting.