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आपत्तिजनक पोस्ट पर गिरफ्तारी, फिर रिहाई से हिंदू संगठन नाराज:मेरठ में पुलिस कार्रवाई पर सवाल, भगवान राम पर टिप्पणी का मामला

India 13h ago Source: publicofindia

मेरठ के मेडिकल थाना क्षेत्र में सोशल मीडिया पर भगवान राम, एक जाति विशेष और महिलाओं को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी का मामला गरमा गया है। आरोपी युवक की गिरफ्तारी के बाद चालान कर रिहा किए जाने से हिंदू संगठनों में भारी नाराजगी है। संगठनों ने पुलिस पर मामले में अपेक्षित सख्ती न बरतने का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच और कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। गढ़ रोड निवासी रवि चौहान ने अपने साथियों के साथ मेडिकल थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि जागृति विहार निवासी ज्ञानेश सिंघवाल उर्फ ईशु ने अपने सोशल मीडिया स्टेटस पर भगवान राम, एक जाति विशेष और महिलाओं के संबंध में कथित रूप से अशोभनीय एवं आपत्तिजनक टिप्पणियां साझा की थीं। शिकायतकर्ता का कहना है कि इन पोस्टों से धार्मिक भावनाएं आहत हुईं और सामाजिक सौहार्द बिगड़ने की आशंका पैदा हुई। शिकायत मिलने के बाद मेडिकल थाना पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपी को हिरासत में लिया। हालांकि, बाद में विधिक प्रक्रिया पूरी करते हुए उसका चालान किया गया और उसे रिहा कर दिया गया। इसी पुलिस कार्रवाई को लेकर हिंदू संगठनों ने सवाल खड़े किए हैं। हिंदू संगठन के पदाधिकारी नवीन त्यागी ने आरोप लगाया कि आरोपी पहले भी सोशल मीडिया पर धार्मिक आस्था से जुड़े कथित आपत्तिजनक पोस्ट करता रहा है। उनका कहना है कि ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए थी, लेकिन पुलिस ने केवल औपचारिक कार्रवाई कर मामले को हल्का कर दिया। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि धार्मिक भावनाओं से जुड़े मामलों में सख्ती नहीं बरती गई तो इससे गलत संदेश जाएगा। उधर, पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों और लागू कानूनी प्रावधानों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की गई है। पुलिस ने यह भी कहा कि यदि जांच के दौरान कोई नया तथ्य सामने आता है तो उसके अनुसार आगे की विधिक कार्रवाई भी की जाएगी।

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