इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आगरा निवासी दाऊद की याचिका पर सुनवाई करते हुए उत्तर प्रदेश गुंडा नियंत्रण अधिनियम, 1970 के तहत पारित आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है। न्यायमूर्ति संदीप जैन की अदालत ने यह आदेश पारित किया। जानिये क्या है मामला आगरा के अपर पुलिस आयुक्त, जिला कमिश्नरेट ने 2 जुलाई 2026 को गुंडा एक्ट की धारा 3 के तहत दाऊद के विरुद्ध आदेश पारित करते हुए उसकी आवाजाही प्रतिबंधित कर दी थी और उसे छह महीने तक आगरा जिले में अपने घर पर रहने का निर्देश दिया था। दाऊद ने इस आदेश को गुंडा एक्ट की धारा 6 के तहत आगरा मंडल आयुक्त के समक्ष अपील में चुनौती दी और स्थगन प्रार्थना पत्र भी दाखिल किया, लेकिन लंबे समय तक न तो अपील पर और न ही स्थगन प्रार्थना पत्र पर कोई निर्णय हुआ। अदालत को बताया कि केवल धारा 3 के तहत चार मामलों के आधार पर याची के विरुद्ध कार्रवाई की गई है, जबकि अपील और स्थगन प्रार्थना पत्र लंबित होने के बावजूद उन पर सुनवाई नहीं हो रही। अपर शासकीय अधिवक्ता ने कहा कि याची के विरुद्ध वर्तमान में चार मामले दर्ज हैं, जो यह दर्शाता है कि वह आदतन अपराधी है। कोर्ट ने कहा कि चूंकि अपील सक्षम प्राधिकारी के समक्ष लंबित है, इसलिए वह आदेश के गुण-दोष पर विचार नहीं कर सकती। हालांकि, अदालत ने निर्देश दिया कि: - आयुक्त, आगरा मंडल एक माह के भीतर स्थगन प्रार्थना पत्र और दो माह के भीतर अपील का निस्तारण करें। - जब तक अपील या स्थगन प्रार्थना पत्र का निस्तारण नहीं हो जाता, तब तक 2 जुलाई 2026 का विवादित आदेश स्थगित रहेगा।
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