Nagpur Minor Girl Harassment: सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती करना कितना खतरनाक साबित हो सकता है, इसका एक बेहद डरावना मामला महाराष्ट्र के नागपुर से सामने आया है. एक 20 साल के युवक ने पहले फर्जी इंस्टाग्राम प्रोफाइल बनाकर 12वीं की छात्रा से दोस्ती की, फिर कथित तौर पर उसकी आपत्तिजनक तस्वीरें हासिल कर उसे ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया. आरोप है कि इसके बाद उसने छात्रा को एक किराए के फ्लैट में बंधक बनाकर घंटों तक प्रताड़ित किया और उसके साथ बार-बार दुष्कर्म किया. पुलिस ने देर रात छापेमारी कर छात्रा को सुरक्षित बरामद किया और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया. फर्जी इंस्टाग्राम प्रोफाइल से शुरू हुआ पूरा खेल पुलिस के मुताबिक, आरोपी की पहचान 20 साल के निर्भय पखारे के तौर पर हुई है, जो कि बिजनेस मैनेजमेंट का छात्र है. वह ठाणे का रहने वाला बताया जा रहा है. जांच में सामने आया कि उसने पिछले साल आकाश मेहरा नाम से एक फेक इंस्टाग्राम अकाउंट बनाकर छात्रा से संपर्क किया था. धीरे-धीरे दोनों के बीच ऑनलाइन बातचीत बढ़ी, और इसके बाद आरोपी ने छात्रा से उसकी कुछ निजी तस्वीरें हासिल कर ली. बाद में आरोपी ने तस्वीरों के आधार पर उसे ब्लैकमेल करने लगा. छात्रा से मिलने का बनाया दबाव रिपोर्ट्स के मुताबिक, आरोपी कथित तौर पर छात्रा पर मिलने का दबाव बनाता था. पुलिस का यह भी कहना है कि इससे पहले भी उसने एक होटल में छात्रा के साथ मारपीट की थी. बाद में नागपुर के दिघोरी इलाके में एक किराए का फ्लैट लेकर वह कथित रूप से उससे मिलता रहा. रविवार को आरोपी छात्रा को दोबारा फ्लैट में ले गया, लेकिन इस बार उसे वापस नहीं जाने दिया. आरोप है कि छात्रा को 24 घंटे से ज्यादा समय तक बंधक बनाकर रखा गया और इस दौरान उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया गया. जब छात्रा घर नहीं पहुंची, तो उसके परिवार ने हुडकेश्वर पुलिस थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराने पहुंचें. इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की. पुलिस को कैसे आरोपी के ठिकाने का लगा पता? पुलिस ने छात्रा की इंस्टाग्राम चैट और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड की जांच की. इसी दौरान आरोपी की पहचान हुई और ठाणे पुलिस की मदद से उसके परिवार से संपर्क किया गया. जांच के दौरान पुलिस को एक ऑनलाइन फूड डिलीवरी के जरिए भी सुराग हासिल हुआ. जिसके बाद पुलिस उस फ्लैट तक पहुंच गई. पुलिस के मुताबिक, जब टीम फ्लैट के अंदर पहुंची तो छात्रा बंधी हुई अवस्था में मिली. उसके शरीर पर चोटों के निशान थे. पुलिस ने तुरंत आरोपी को हिरासत में लिया और छात्रा को इलाज के लिए सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल भेजा, जहां उसका इलाज कराया गया. फोरेंसिक जांच जारी पुलिस ने आरोपी के मोबाइल फोन, इंस्टाग्राम अकाउंट और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त कर लिए हैं. यह भी जांच की जा रही है कि क्या आरोपी पहले भी इस तरह की किसी घटना में शामिल रहा है. फोरेंसिक टीम फ्लैट से मिले इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, DNA नमूनों, फिंगरप्रिंट और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है. पुलिस का कहना है कि इन सबूतों के आधार पर मामले की आगे की जांच की जाएगी.
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