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बेटियों की कैबिनेट' से प्रभावित हुए सीएम डॉ. मोहन यादव:बोले- 'AI का उपयोग करें, लेकिन अपना दिमाग भी जरूर लगाएं'

India 13h ago Source: publicofindia

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार को राजधानी के कमला नेहरू सांदीपनि कन्या शासकीय विद्यालय पहुंचे तो उनका सामना एक ऐसी "कैबिनेट" से हुआ, जिसने उन्हें भी प्रभावित कर दिया। यह कैबिनेट स्कूल की छात्राओं की थी, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया से चुनी जाती है और पूरे वर्ष विद्यालय के संचालन में सक्रिय भूमिका निभाती है। छात्राओं की कार्यप्रणाली जानकर मुख्यमंत्री इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने सभी कैबिनेट सदस्यों को मंच पर अपने साथ बैठाया और उनकी जिम्मेदारियों की विस्तार से जानकारी ली। 'किताब से कल तक' कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने छात्राओं से खुलकर संवाद किया। उन्होंने आधुनिक तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), करियर, सोशल मीडिया, तनाव प्रबंधन और शिक्षा जैसे विषयों पर चर्चा करते हुए कहा कि एआई का उपयोग जरूर करें, लेकिन उस पर पूरी तरह निर्भर न रहें। हर जानकारी को अपने विवेक और तथ्यों से जरूर परखें। स्कूल की लोकतांत्रिक कैबिनेट ने खींचा ध्यान मुख्यमंत्री ने जब जाना कि विद्यालय में छात्राओं की अपनी कैबिनेट है, तो उन्होंने उसके सभी सदस्यों को मंच पर बुलाकर परिचय लिया। स्पोर्ट्स, कल्चरल, अनुशासन, हेड गर्ल, डिप्टी हेड गर्ल और सचिव सहित सभी छात्राओं ने अपनी-अपनी जिम्मेदारियों की जानकारी दी। छात्राओं ने बताया कि विद्यालय में हर वर्ष ईवीएम आधारित चुनाव होते हैं। कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थी चुनाव लड़ते हैं और कक्षा 8वीं से 12वीं तक के छात्र-छात्राएं मतदान करते हैं। प्रचार अभियान चलता है, वार्षिक कार्ययोजना बनाई जाती है और आवश्यकता पड़ने पर कैबिनेट सदस्य को हटाया भी जा सकता है। मुख्यमंत्री ने इस व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि इससे विद्यार्थियों में नेतृत्व और लोकतांत्रिक मूल्यों का विकास होता है। 'मैं भी सरकारी स्कूल से पढ़ा हूं' मुख्यमंत्री ने छात्राओं से कहा कि वे भी सरकारी स्कूल के विद्यार्थी रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज के सरकारी विद्यालय पहले की तुलना में कहीं अधिक आधुनिक और सुविधासंपन्न हैं। उन्होंने कहा कि भारत की पहचान केवल आर्थिक विकास से नहीं, बल्कि उसके संस्कार, संस्कृति और ज्ञान परंपरा से है। "भा" का अर्थ प्रकाश और "रत" का अर्थ उसमें लीन होना है। भारत वही है, जो अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाने के लिए समर्पित हो। AI पर दी अहम सीख एक छात्रा ने पूछा कि क्या वे चैटजीपीटी का उपयोग करते हैं? इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वे भाषणों और विषयों से जुड़ी नई जानकारियां जुटाने के लिए एआई टूल्स का उपयोग करते हैं, लेकिन अंतिम निर्णय हमेशा अपने अध्ययन और समझ के आधार पर लेते हैं। उन्होंने कहा, "चैटजीपीटी हो या कोई अन्य एआई प्लेटफॉर्म, उसे अंतिम सत्य मत मानिए। उसका उपयोग कीजिए, लेकिन अपना दिमाग भी लगाइए और तथ्यों का क्रॉस वेरिफिकेशन जरूर कीजिए।" सोशल मीडिया से लेकर करियर तक दिए सुझाव संवाद के दौरान छात्राओं ने इंस्टाग्राम, किताबें, करियर, खेल, पढ़ाई और तनाव प्रबंधन जैसे विषयों पर सवाल पूछे। मुख्यमंत्री ने कहा कि पाठ्यक्रम की पढ़ाई के साथ अपने लक्ष्य से जुड़ी किताबें भी पढ़नी चाहिए। युवाओं को कृषि, पशुपालन, उद्यमिता, सेना और राजनीति जैसे क्षेत्रों में भी आगे आने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि पढ़ाई केवल डिग्री के लिए नहीं, बल्कि जीवनभर सीखते रहने की आदत के लिए होनी चाहिए। तनाव प्रबंधन पर उन्होंने योग, नियमित व्यायाम, संगीत, पर्याप्त नींद और दैनिक डायरी लिखने की आदत अपनाने की सलाह दी। शिक्षकों से भी किया संवाद मुख्यमंत्री ने शिक्षकों के साथ भी अलग से चर्चा की। उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल पढ़ाने का कार्य नहीं करते, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण की सबसे बड़ी जिम्मेदारी भी निभाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को स्वावलंबी, उद्यमी और जिम्मेदार नागरिक बनाने पर जोर दिया। 1800 से अधिक छात्राएं, लोकतांत्रिक चुनाव और आधुनिक सुविधाएं वर्ष 1958 में स्थापित कमला नेहरू कन्या शासकीय विद्यालय अब सांदीपनि विद्यालय के रूप में विकसित हो चुका है। यहां नर्सरी से 12वीं तक 1800 से अधिक छात्राएं अध्ययनरत हैं। विद्यालय में स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर लैब, गणित प्रयोगशाला, समृद्ध पुस्तकालय और राष्ट्रीय शिक्षा नीति आधारित आधुनिक शिक्षण व्यवस्था संचालित है। विद्यालय को हरित विद्यालय श्रेणी में राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल चुकी है और राज्य स्तरीय स्कूल सर्टिफिकेशन में सिल्वर अवॉर्ड भी प्राप्त हुआ है। बोर्ड परीक्षाओं में विद्यालय का परिणाम लगातार शत-प्रतिशत रहा है।

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