‘छोटे लोहिया’ के नाम से मशहूर समाजवादी नेता जनेश्वर मिश्र की जयंती 5 अगस्त को मनाई जाएगी। सपा ने लखनऊ के जनेश्वर मिश्र पार्क में कार्यक्रम करने की अनुमति मांगी थी, लेकिन सरकार से अनुमति नहीं मिली। अब यह कार्यक्रम सपा के प्रदेश कार्यालय में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम के आयोजक और बलिया से सपा सांसद सनातन पांडेय ने बताया कि इसमें प्रदेशभर से ब्राह्मण समाज के नेता, बुद्धिजीवी, पूर्व सांसद-विधायक और पार्टी कार्यकर्ता शामिल होंगे। कार्यक्रम सुबह 10 बजे शुरू होकर दोपहर 2 बजे तक चलेगा। जयंती के बहाने ब्राह्मणों तक पहुंच बनाने की कोशिश सपा इस कार्यक्रम को सिर्फ जयंती समारोह तक सीमित नहीं रखना चाहती। इसे 2027 विधानसभा चुनाव से पहले ब्राह्मणों को जोड़ने की पार्टी की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। पार्टी पहले भी ब्राह्मण नेताओं की बैठक कर चुकी है और अब जिलों में भी संगठन को मजबूत करने की तैयारी है। सनातन पांडेय का कहना है कि ब्राह्मण समाज के लोगों में कार्यक्रम को लेकर काफी उत्साह है। उन्होंने दावा किया कि बड़ी संख्या में लोग खुद कार्यक्रम में पहुंचेंगे। वाराणसी से काशी विश्वनाथ मंदिर के संत भी लखनऊ पहुंचेंगे। अखिलेश यादव उनका सम्मान करेंगे और उन्हें तिलक भी लगाया जाएगा। राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी का मुद्दा भी उठेगा कार्यक्रम में अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी का मुद्दा भी उठाया जाएगा। सपा इस मुद्दे को विधानसभा, विधान परिषद और लोकसभा में लगातार उठाती रही है। पार्टी अब ब्राह्मण सम्मेलन के मंच से भी इसे जोर-शोर से उठाने की तैयारी में है। सपा का MY से आगे बढ़कर ब्राह्मण वोट पर फोकस राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, सपा की राजनीति लंबे समय से मुस्लिम-यादव (MY) समीकरण के आसपास रही है। अब पार्टी ब्राह्मणों समेत दूसरी सवर्ण जातियों के बीच भी अपनी पकड़ बढ़ाना चाहती है। यूपी की राजनीति में ब्राह्मण संख्या के लिहाज से भले ही बहुत बड़ा वर्ग न हो, लेकिन इसे प्रभावशाली और राजनीतिक रूप से अहम वोटर माना जाता है। 2027 चुनाव से पहले सपा इस वर्ग में अपनी जगह बनाने की कोशिश कर रही है। कौन थे जनेश्वर मिश्र? जनेश्वर मिश्र का जन्म 5 अगस्त 1933 को बलिया में हुआ था। वे समाजवादी विचारधारा के बड़े नेताओं में गिने जाते थे और डॉ. राममनोहर लोहिया के करीबी रहे। छात्र जीवन से ही राजनीति में सक्रिय रहे मिश्र कई बार लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य रहे। 1992 में मुलायम सिंह यादव ने जब समाजवादी पार्टी बनाई, तो जनेश्वर मिश्र उसके प्रमुख नेताओं में शामिल थे। अखिलेश यादव उन्हें अपना राजनीतिक गुरु भी मानते हैं। 22 जनवरी 2010 को उनका निधन हुआ। समाजवादी पार्टी उन्हें सम्मान से ‘छोटे लोहिया’ कहती है। लखनऊ में उनके नाम पर बना जनेश्वर मिश्र पार्क भी उनकी राजनीतिक विरासत का प्रतीक माना जाता है। -------------------- ये भी पढ़ें- सपा सांसद सनातन पांडेय का बयान:ब्राह्मण सम्मेलन हर हाल में होगा, भाजपा पर लगाया कार्यक्रम रोकने का आरोप अलीगढ़ में समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद सनातन पांडेय ने लखनऊ में प्रस्तावित ब्राह्मण सम्मेलन की अनुमति में देरी को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक कारणों से कार्यक्रम को रोकने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन सम्मेलन हर हाल में आयोजित होगा। ये भी पढ़िए...
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