अंता-मनोहरथाना क्षेत्र के पूर्व विधायक और अकलेरा निवासी कंवरलाल मीणा शनिवार शाम स्थायी पैरोल पर झालावाड़ जेल से रिहा हो गए। राजस्थान हाईकोर्ट के आदेश के बाद जेल प्रशासन ने रिहाई की प्रक्रिया पूरी की। मीणा शाम करीब 5:15 बजे जेल से बाहर आए। वे वर्ष 2005 में मनोहरथाना में सरपंच चुनाव के दौरान हुए विवाद में तत्कालीन एसडीएम पर बंदूक तानने के मामले में तीन साल की सजा काट रहे थे। 2005 के चुनावी विवाद में दर्ज हुआ था केस वर्ष 2005 में मनोहरथाना में सरपंच चुनाव के दौरान विवाद हुआ था। इस दौरान तत्कालीन एसडीएम पर बंदूक तानने के आरोप में कंवरलाल मीणा के खिलाफ मनोहरथाना थाने में मामला दर्ज किया गया था। लंबे समय तक चले मुकदमे के बाद मीणा ने मनोहरथाना कोर्ट में आत्मसमर्पण किया था। इसके बाद अदालत ने उन्हें तीन साल की सजा सुनाई थी। अनुच्छेद 226 के तहत हाईकोर्ट में लगाई थी याचिका सजा काट रहे मीणा ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत स्थायी पैरोल के लिए राजस्थान हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। यह मामला राजस्थान बंदी पैरोल पर रिहाई नियम, 1958 के प्रावधानों के तहत आया। हाईकोर्ट से रिहाई का आदेश मिलने के बाद जेल प्रशासन ने शनिवार को आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर उन्हें स्थायी पैरोल पर रिहा कर दिया। वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने की पैरवी याचिकाकर्ता कंवरलाल मीणा की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एसके गुप्ता, कैलाशनाथ भट्ट और अधिवक्ता सुश्री सुभी अग्रवाल ने राजस्थान हाईकोर्ट में पैरवी की।
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