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Google का नया AI ऐप Dreambeans लॉन्च, रातभर की डिजिटल गतिविधियों को समझकर सुबह तैयार करेगा पर्सनलाइज्ड कहानियां

India • 12h ago • Source: publicofindia

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में लगातार नए प्रयोग कर रही टेक कंपनी Google ने भारत में अपना नया प्रयोगात्मक ऐप Dreambeans लॉन्च कर दिया है। यह ऐप यूजर की रोजमर्रा की डिजिटल गतिविधियों और उसकी पसंद को समझकर उसके लिए व्यक्तिगत कहानियां तैयार करता है। इसकी खासियत यह है कि यूजर को सुबह उठने पर अपनी रुचियों, पसंदीदा विषयों और गतिविधियों से जुड़ी आकर्षक चित्रों वाली कहानियां देखने को मिलेंगी। Google के मुताबिक, यह ऐप यूजर की अनुमति से जुड़े Google अकाउंट और सेवाओं की जानकारी का विश्लेषण करता है और रातभर काम करके अगली सुबह नई कहानियां तैयार करता है। इसका उद्देश्य सोशल मीडिया की तरह लगातार स्क्रॉल करने के बजाय लोगों को उनकी रुचियों से जुड़ी उपयोगी और रचनात्मक जानकारी उपलब्ध कराना है। Dreambeans को भारत में 18 वर्ष और उससे अधिक उम्र के यूजर्स के लिए Google Labs के माध्यम से उपलब्ध कराया गया है। यह Android और iOS दोनों प्लेटफॉर्म पर इस्तेमाल किया जा सकता है। क्या है Google Dreambeans और कैसे करता है काम Dreambeans एक प्रयोगात्मक AI आधारित ऐप है, जो यूजर की डिजिटल गतिविधियों से संबंधित जानकारी को समझकर व्यक्तिगत कंटेंट तैयार करता है। Google ने इसके काम करने की प्रक्रिया को दो प्रमुख हिस्सों में बांटा है। पहला हिस्सा 'ड्रीम' और दूसरा 'बीन' कहलाता है। ड्रीम प्रक्रिया के दौरान ऐप यूजर की अनुमति से कनेक्ट किए गए Google ऐप्स और सेवाओं से उपलब्ध जानकारी का रातभर विश्लेषण करता है। इस दौरान उसकी रुचियों, गतिविधियों और संभावित पसंद से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों की पहचान की जाती है। इसके बाद AI उन जानकारियों के आधार पर छोटी-छोटी कहानियां तैयार करता है, जिन्हें Google ने 'बीन्स' नाम दिया है। प्रत्येक कहानी के साथ आकर्षक चित्र भी दिए जाते हैं। इस तरह यूजर को सुबह ऐप खोलने पर अपनी पसंद और रुचियों के अनुसार तैयार किया गया नया कंटेंट मिलता है। कहानियों में मिलेंगे घूमने से लेकर नई गतिविधियों तक के सुझाव Dreambeans का उद्देश्य केवल मनोरंजन के लिए कहानियां उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि यूजर को उसकी पसंद के अनुसार नई गतिविधियों और अनुभवों से जोड़ना भी है। ऐप में ऐसे विषयों से संबंधित सुझाव मिल सकते हैं, जिन्हें यूजर आगे जानना या अनुभव करना चाहता है। इसमें घूमने के लिए नई जगहों की जानकारी, कला और हस्तशिल्प से जुड़ी गतिविधियां, नई चीजें सीखने के सुझाव और अलग-अलग कार्यक्रमों की याद दिलाने वाले रिमाइंडर शामिल हो सकते हैं। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी यूजर की रुचि यात्रा, कला या किसी विशेष गतिविधि में है, तो ऐप उससे संबंधित उपयोगी सुझावों को चित्रों और कहानी के रूप में प्रस्तुत कर सकता है। यूजर किसी भी कहानी को खोलकर उसके बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त कर सकता है। इसके अलावा पसंदीदा कहानी को बुकमार्क करने और दूसरे लोगों के साथ साझा करने का विकल्प भी दिया गया है। Google Photos और Nano Banana 2 से तैयार होंगे AI चित्र इस ऐप की एक अन्य महत्वपूर्ण विशेषता इसमें इस्तेमाल होने वाली AI जनरेटेड तस्वीरें हैं। Google के अनुसार, Dreambeans में तैयार होने वाली प्रत्येक कहानी के साथ AI आधारित आर्टवर्क भी शामिल होगा। इसके लिए Google Photos और Nano Banana 2 की तकनीक का उपयोग किया गया है। इससे कहानियां केवल लिखित जानकारी तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि उनके साथ संबंधित विषयों के अनुरूप चित्र भी दिखाई देंगे। इससे यूजर को कंटेंट समझने और उससे जुड़ने का एक अलग अनुभव मिल सकता है। ऐसे यूजर्स जो अपनी या अपने परिवार के सदस्यों की तस्वीरों को इन कहानियों में शामिल देखना चाहते हैं, उन्हें Google Photos में फेस ग्रुपिंग का विकल्प चालू करना होगा। इस सुविधा के सक्रिय होने पर ऐप संबंधित तस्वीरों का उपयोग करके व्यक्तिगत कहानियों के लिए चित्र तैयार कर सकता है। 14 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध होगा Dreambeans भारत में इस ऐप की पहुंच बढ़ाने के लिए Google ने इसे 14 भाषाओं में उपलब्ध कराया है। इनमें अंग्रेजी के साथ हिंदी, असमिया, बंगाली, गुजराती, कन्नड़, मलयालम, मराठी, नेपाली, ओड़िया, पंजाबी, तेलुगु, तमिल और उर्दू शामिल हैं। हिंदी और मराठी जैसी भारतीय भाषाओं का समर्थन इस ऐप को देश के अलग-अलग क्षेत्रों के यूजर्स के लिए उपयोगी बना सकता है। यूजर अपनी पसंद की भाषा में कंटेंट का अनुभव कर सकेंगे। भारतीय बाजार में स्थानीय भाषाओं में AI सेवाओं की मांग बढ़ रही है। ऐसे में Google का यह प्रयोग उन लोगों तक व्यक्तिगत AI आधारित कंटेंट पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा सकता है, जो अंग्रेजी के बजाय अपनी मातृभाषा में डिजिटल सेवाओं का इस्तेमाल करना पसंद करते हैं। Android और iPhone पर ऐसे डाउनलोड करें ऐप Dreambeans को Android स्मार्टफोन के लिए Google Play Store और iPhone के लिए Apple App Store से डाउनलोड किया जा सकता है। ऐप स्टोर में यह Google Labs के Dreambeans नाम से उपलब्ध है। ऐप इस्तेमाल करने के लिए सबसे पहले इसे डाउनलोड करना होगा। इसके बाद यूजर को अपने व्यक्तिगत Google अकाउंट से साइन इन करना होगा। लॉगिन करने के बाद Get Started विकल्प पर टैप करना होगा। अगले चरण में ऐप यूजर को यह चुनने का विकल्प देगा कि वह अपने Google के किन-किन ऐप्स और सेवाओं को Dreambeans से कनेक्ट करना चाहता है। यूजर अपनी जरूरत के अनुसार अलग-अलग सेवाओं का चयन कर सकता है। यदि वह सभी उपलब्ध सेवाओं को जोड़ना चाहता है, तो Connect All विकल्प का इस्तेमाल कर सकता है। चयन पूरा होने के बाद Done पर टैप करना होगा। इसके बाद ऐप कनेक्ट की गई सेवाओं से संबंधित जानकारी का विश्लेषण शुरू करेगा। पहली कहानियां तैयार होने में कुछ घंटे लग सकते हैं। कहानियों का पहला सेट तैयार होने पर यूजर को नोटिफिकेशन के माध्यम से जानकारी दी जाएगी। Gemini, Photos, YouTube और Search से जोड़ सकते हैं अकाउंट Dreambeans में यूजर को अपनी पसंद के अनुसार Google की अलग-अलग सेवाएं कनेक्ट करने का विकल्प मिलता है। इनमें Gemini, Google Photos, YouTube और Google Search जैसी सेवाएं शामिल हैं। इन सेवाओं को जोड़ने से ऐप को यूजर की रुचियों और गतिविधियों से संबंधित जानकारी समझने में मदद मिलती है। हालांकि, कौन-सी सेवाएं कनेक्ट करनी हैं, इसका निर्णय यूजर स्वयं कर सकता है। ऐप की प्रोफाइल सेटिंग में जाकर बाद में भी कनेक्ट किए गए ऐप्स में बदलाव किया जा सकता है। इस तरह यूजर अपनी जरूरत के अनुसार ऐप के साथ साझा की जाने वाली जानकारी को नियंत्रित कर सकता है। पसंद नहीं आने वाली कहानियों पर दे सकेंगे फीडबैक Google ने Dreambeans में फीडबैक देने की सुविधा भी शामिल की है। यदि किसी यूजर को कोई सुझाव या कहानी पसंद नहीं आती, तो वह थम्स-डाउन बटन का इस्तेमाल करके अपनी प्रतिक्रिया दर्ज करा सकता है। वहीं, स्पार्कल बटन के माध्यम से सुझावों को अपनी पसंद के अनुसार बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है। प्रोफाइल सेक्शन में यूजर अपने पुराने फीडबैक की जानकारी भी देख सकता है। इसके अलावा ऐप से जुड़ी सेवाओं को बदलने और अपना डेटा डिलीट करने के विकल्प भी दिए गए हैं। यह सुविधा इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि व्यक्तिगत AI सेवाओं में यूजर की पसंद और डेटा पर नियंत्रण का सवाल लगातार अहम होता जा रहा है। ऐसे में ऐप के भीतर उपलब्ध सेटिंग्स के माध्यम से यूजर अपनी जरूरत के अनुसार बदलाव कर सकता है। अमेरिका के बाद भारत में शुरू हुआ विस्तार Dreambeans को सबसे पहले जून में अमेरिका में पेश किया गया था। शुरुआती चरण में यह 18 वर्ष से अधिक उम्र के Google AI Ultra सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध था। अन्य यूजर्स के लिए वेटलिस्ट की व्यवस्था की गई थी। अब Google Labs के माध्यम से भारत में इसकी शुरुआत की गई है। इस विस्तार के साथ भारतीय यूजर्स को भी व्यक्तिगत AI आधारित कहानियों और सुझावों का अनुभव मिलेगा। सोशल मीडिया स्क्रॉलिंग से अलग अनुभव देने की कोशिश Google Dreambeans को ऐसे समय में लेकर आया है, जब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर यूजर्स का काफी समय लगातार कंटेंट देखने और स्क्रॉल करने में बीतता है। कंपनी का विचार है कि AI के माध्यम से लोगों को उनकी पसंद के अनुसार उपयोगी और व्यक्तिगत कंटेंट उपलब्ध कराया जाए, ताकि उन्हें हर बार लंबी फीड में नई जानकारी तलाशने की जरूरत न पड़े। हालांकि, यह अभी एक प्रयोगात्मक ऐप है और इसका वास्तविक उपयोग अनुभव इस बात पर निर्भर करेगा कि यूजर कितनी सेवाएं कनेक्ट करता है और AI उसकी रुचियों को कितनी सटीकता से समझ पाता है। फिर भी व्यक्तिगत कहानियों, AI चित्रों, सुझावों और रिमाइंडर को एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराने का यह प्रयोग डिजिटल कंटेंट के इस्तेमाल का नया तरीका पेश करता है।

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