पंचायतीराज आम चुनाव 2026 के तहत राज्य निर्वाचन आयोग के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार तीसरे चरण के लिए टोंक जिले में मतदान की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मतदान दल सोमवार, 2 नवंबर को राजकीय महाविद्यालय टोंक से अंतिम प्रशिक्षण के बाद संबंधित मतदान केंद्रों के लिए रवाना होंगें। मतदान दलों को अंतिम प्रशिक्षण के दौरान मतदान प्रक्रिया, ईवीएम के संचालन तथा निर्वाचन संबंधी आवश्यक दिशा-निर्देशों की जानकारी दी जाएगी। इसके बाद दलों को निर्वाचन सामग्री एवं निर्धारित व्यवस्थाओं के साथ संबंधित मतदान केंद्रों के लिए रवाना किया जाएगा। जिला निर्वाचन अधिकारी टीना डाबी ने अंतिम प्रशिक्षण में अनुपस्थित रहने वाले कार्मिकों के विरुद्ध लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 134 के तहत सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने चुनाव से जुड़े अधिकारियों व कार्मिकों को पंचायती राज चुनाव के तीसरे चरण की निर्वाचन प्रक्रिया को स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया हैं। उन्होंने बताया कि तीसरे चरण में टोंक जिले के 17 जिला परिषद एवं 86 पंचायत समिति सदस्यों के लिए 3 नवंबर को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक मतदान होगा। तीसरे चरण में पंच एवं सरपंच पदों के लिए 4 नवंबर को नामांकन प्रक्रिया संपन्न होगी। इसके बाद 5 नवंबर को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक मतदान कराया जाएगा। उपसरपंच का चुनाव 6 नवंबर को निर्धारित है। जिला परिषद एवं पंचायत समिति सदस्य पदों के लिए सभी चरणों की मतगणना 20 नवंबर को सुबह 8 बजे से की जाएगी। धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू की: पंचायतीराज आम चुनाव-2026 शांतिपूर्वक, स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं सुव्यवस्थित रुप से सम्पन्न कराए जाने को लेकर जिला मजिस्ट्रेट टीना डाबी ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के आदेश जारी किए है। उन्होंने बताया कि राज्य निर्वाचन आयोग के घोषित कार्यक्रम के अनुसार टोंक जिले में तीसरे चरण के तहत 3 व 5 नवम्बर को चुनाव होने है। इसी के तहत जिला परिषद सदस्य, पंचायत समिति सदस्य, सरपंच व पंच पद के लिए मतदान समाप्ति के 48 घंटेे पूर्व की अवधि में चुनाव प्रचार प्रतिबंद्धित रहेगा। इस अविध के दौरान किसी भी व्यक्ति अथवा समूह द्वारा विधि विरुद्ध जमाव, जनसभा करने अथवा उसमें भाग लेना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। जिला कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट टीना डाबी ने बताया कि जिला परिषद एवं पंचायत समिति सदस्य के लिए रविवार 1 नवम्बर शाम 6 बजे से मंगलवार 3 नवंबर शाम 6 बजे तक (मतदान समाप्ति तक) तथा सरपंच व पंच के लिए मंगलवार 3 नवम्बर शाम 6 बजे से गुरुवार 5 नवंबर 6 बजे तक (मतदान समाप्ति तक) की अवधि के दौरान सभाओं पर प्रतिबंध और सार्वजनिक बैठको पर रोक लगाने के आदेश जारी किए गए है। यह आदेश मतदान क्षेत्रो के लिए लागू होंगे। उन्होंने बताया कि इस अवधि में डोर टू डोर भ्रमण प्रतिबंधित नहीं होगा। मतदान केन्द्रों के 200 मीटर की परिधि में किसी भी अभ्यर्थी, राजनैतिक दल की ओर से मतदान सहायता केन्द्र स्थापित नही किया जाएगा। मतदान दिवस पर कोई भी व्यक्ति मतदान केन्द्र से 100 मीटर की परिधि के अंदर मोबाईल, सेलफोन, वायरलेस का उपयोग नही करेगा और न ही लेकर चलेगा। यह प्रतिबंध चुनाव ड्यूटी में लगे अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर लागू नही होगा। इस निषेधाज्ञा की अवहेलना या उल्लंघन किए जाने पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत दंडित किया जाएगा। एसपी ने लिया पुलिस व्यवस्था का फीडबैक एसपी रोशन मीना ने भी पंचायत राज चुनाव को लेकर आधिकारियों के साथ व्यवस्थाओं का जायजा लिया है। इस दौरान मृत्युंजय मिश्रा सहित पुलिस के आला अधिकारी एवं जवान मौजूद रहे। एसपी मीना ने बताया कि चुनाव के दौरान किसी भी समस्या या आपात स्थिति में आमजन पुलिस कंट्रोल रूम के मोबाइल नंबर 9530417853, दूरभाष नंबर 01432-244400 तथा हेल्पलाइन नंबर 100 और 112 पर सूचना दे सकते हैं।
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