उदयपुर में संतों से कथित दुर्व्यवहार को लेकर अंबामाता स्थित महावीर साधना और स्वाध्याय समिति सभागार में रविवार शाम को बैठक हुई। इसमें महासचिव फतहसिंह के नेतृत्व में 11 सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया। ये कमेटी दुर्व्यवहार और इससे उपजे विवाद के निस्तारण को लेकर काम करेगी। बैठक के दौरान मुनि सुमतिचंद्र और मुनि शीतलचंद्र सागर (ठाणा 2) ने भी अपने साथ हुए दुर्व्यवहार का जिक्र करते हुए अपनी बात रखी। बैठक में जीतो उदयपुर चैप्टर अध्यक्ष राजकुमार फतावत, जैन महासभा महामंत्री कुलदीप नाहर, ओसवाल बड़े साजन सभा पूर्व अध्यक्ष दिलीप सुराना, संजय भंडारी, बाबूलाल नागौरी सहित जैन समाज के करीब 500 से अधिक लोग शामिल हुए। बैठक में समिति अध्यक्ष प्रकाश कोठारी नहीं पहुंचे। दोनों संतों का समिति भवन में चातुर्मास दरअसल, दोनों संतों का समिति भवन में चातुर्मास प्रवास जारी है। समिति पदाधिकारियों को शनिवार को सूचना मिली थी कि कुछ लोगों द्वारा संतों से अशोभनीय व्यवहार किया गया है। इस पर हितेश सहित विनोद दलाल, निर्मल पोखरना, लोकेश कोठारी व अन्य समाजजन समिति भवन पहुंचे थे। मौके से कुछ आरोपी भाग गए। इनमें से एक आरोपी मनीष नागौरी को अंबामाता थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया था। पुष्कर युवा मंच के प्रवीण पोरवाल ने बताया- घटनाक्रम को लेकर पुलिस को परिवाद दिया। वहीं समिति अध्यक्ष प्रकाश कोठारी ने बताया- विवाद सिर्फ इसके लिए है कि चातुर्मास के लिए भवन 24 नवंबर तक के लिए ही बुक है, लेकिन दूसरा पक्ष 28 नवंबर को भी कोई आयोजन करवाना चाहता है। इसी दिन के लिए वैवाहिक आयोजन की बुकिंग अप्रैल में ही हो चुकी थी। चातुर्मास समिति संयोजक ने चातुर्मास फंड में आई राशि समिति में पूरी जमा नहीं करवाई। जमा से ज्यादा तो खर्च ही हो गए।
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