आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के निस्तारण में गंभीर लापरवाही बरतने और खराब फीडबैक मिलने पर प्रयागराज के डीएम मनीष कुमार वर्मा ने कड़ा रुख अपनाया है। शिकायतों के निस्तारण के दौरान शिकायतकर्ताओं से वार्ता न किए जाने और काम में ढिलाई पाए जाने पर डीएम ने सात अधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब किया है। कहा कि यदि इन अधिकारियों का स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं मिलता है, तो प्रतिकूल प्रविष्टि दी जाएगी। जिन अधिकारियों को नोटिस जारी किया गया है उनमें अधिशासी अभियंता उत्तर प्रदेश जल निगम ग्रामीण, प्रभागीय वनाधिकारी, अधिशासी अभियंता सिंचाई जल संसाधन, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम, जिला आबकारी अधिकारी और सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी प्रवर्तन शामिल हैं। संगम सभागार में हुई बैठक में डीएम ने कहा कि शासन की प्राथमिकताओं में शामिल आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर कोताही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राप्त शिकायतों का निस्तारण निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरी गुणवत्ता के साथ किया जाए और निस्तारण के उपरांत उसका जमीनी परीक्षण भी सुनिश्चित हो ताकि शिकायतकर्ता की संतुष्टि का वास्तविक आकलन हो सके। इसके साथ ही डीएम ने यह भी निर्देश दिए कि जिन विभागों से बार-बार शिकायतें प्राप्त हो रही हैं, उनके मूल कारणों को चिन्हित कर उनका स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए और समय पर पोर्टल पर रिपोर्ट अपलोड की जाए। इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक के दौरान अपर जिलाधिकारीगण, सभी उपजिलाधिकारी, तहसीलदार समेत संबंधित विभागों के तमाम अधिकारी मौजूद रहे।
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