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रिश्वत पर बयान देने वाले कार्यपालन यंत्री निलंबित:कहा था- कोई प्यार से दे तो रख लेता हूं; सरकार ने सिविल सेवा आचरण का उल्लंघन माना

India • 13h ago • Source: publicofindia

पन्ना जल संसाधन विभाग के कार्यपालन यंत्री सी.बी. अहिरवार को राज्य सरकार ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। लोकायुक्त की ट्रैप कार्रवाई के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा था कि रिश्वत मांगना गलत है, लेकिन कोई प्यार से या अपनी खुशी से दे तो वे रख लेते हैं। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ था। शासन ने इसे मध्य प्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 का उल्लंघन मानते हुए निलंबन की कार्रवाई की है। लोकायुक्त ने दो कर्मचारियों को 45 हजार रुपए लेते पकड़ा था मामला जल संसाधन विभाग पन्ना में लोकायुक्त पुलिस की ट्रैप कार्रवाई से शुरू हुआ। लोकायुक्त सागर की टीम ने ग्वालियर के पंजीकृत ठेकेदार गौरव तोमर की शिकायत पर कार्रवाई की थी। शिकायत मझगांय मध्यम परियोजना के कैनाल स्लूस निर्माण कार्य के अंतिम भुगतान के बदले रिश्वत मांगने को लेकर थी। कार्रवाई के दौरान लोकायुक्त टीम ने संभागीय लेखा अधिकारी दीपक सिंह परमार को 15 हजार रुपए और सहायक ग्रेड-2 अरविंद कुमार पाठक को 30 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। दोनों से कुल 45 हजार रुपए बरामद किए गए थे। मीडिया के सामने दिया था विवादित बयान इस कार्रवाई के बाद जल संसाधन संभाग पन्ना के कार्यपालन यंत्री सी.बी. अहिरवार का बयान सामने आया था। मीडिया कर्मियों से बातचीत में उन्होंने कहा था कि रिश्वत मांगना गलत है और उनका कोई फिक्स प्रतिशत नहीं है। हालांकि, अगर कोई प्यार से या अपनी खुशी से दे देता है तो वे उसे रख लेते हैं। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ। इसके बाद विभाग और शासन-प्रशासन की किरकिरी हुई। बयान को लेकर सवाल उठने लगे। 30 अक्टूबर को जारी हुआ निलंबन आदेश मध्य प्रदेश शासन के जल संसाधन विभाग, वल्लभ भवन भोपाल ने शुक्रवार को अहिरवार के निलंबन का आदेश जारी किया। आदेश में कहा गया है कि मीडिया को दिए गए उनके वक्तव्य में कदाचरण की स्वीकारोक्ति स्पष्ट है। इसे मध्य प्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 का उल्लंघन माना गया है। सरकार ने उनके बयान को अनुशासनहीनता और अशोभनीय आचरण की श्रेणी में रखते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय कार्यालय प्रमुख अभियंता, जल संसाधन विभाग, भोपाल तय किया गया है। यह खबर भी पढ़ें… ₹45,000 की रिश्वत लेते एकाउंटेंट और बाबू गिरफ्तार:एग्जीक्यूटिव इंजीनियर बोले- कोई खुशी से दे तो मैं भी ले लेता हूं, मांगता नहीं- VIDEO सागर लोकायुक्त पुलिस ने जल संसाधन विभाग के डिविजनल एकाउंटेंट दीपक परिहार और लिपिक अरविंद पाठक को ₹45,000 की रिश्वत लेते पकड़ा। यह मझगांय बांध की नहर के बिल पास करने के बदले ली जा रही थी। ग्वालियर के ठेकेदार गौरव तोमर मझगांय बांध की नहर का काम कर रहे थे। उनके तीन बिल पास हो चुके थे, पर चौथे बिल के लिए अधिकारी रिश्वत मांग रहे थे। ठेकेदार ने परेशान होकर लोकायुक्त में शिकायत दर्ज कराई।

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