राजस्थान के वरिष्ठ IAS अधिकारी शिखर अग्रवाल और उनकी IPS पत्नी प्रशाखा माथुर के परिवार से जुड़ा विला-कॉटेज खरीद मामला अब सियासी तूल पकड़ने लगा है। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के सुप्रीमो और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (DOPT) मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह को लेटर लिखकर मामले की CBI और ED से जांच कराने की मांग की है। बेनीवाल ने शुक्रवार को सवाल उठाया कि करीब 40 विला-कॉटेज की खरीद और 1.80 करोड़ रुपए सालाना लीज से जुड़े मामले में वास्तविक निवेशक कौन है। संपत्तियों का बाजार मूल्य कितना है और खरीद के लिए पैसा कहां से आया। उन्होंने परिवार के सदस्यों के नाम पर हुई खरीद, भुगतान के स्रोत और वास्तविक निवेशक की भूमिका की जांच की मांग की है। APO करना कार्रवाई नहीं बेनीवाल ने कहा- सरकार ने शिखर अग्रवाल को APO कर दिया, लेकिन सिर्फ पद से हटाना पर्याप्त नहीं है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कार्यकाल में CMO में IAS अग्रवाल अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) जैसे महत्वपूर्ण पद पर रहे हैं। ऐसे में जांच होनी चाहिए कि उनके कार्यकाल में संबंधित कंपनी या कारोबारी समूहों को कोई प्रशासनिक फायदा तो नहीं पहुंचाया गया। उन्होंने मांग की है कि जांच में उद्योग विभाग, RIICO और निवेश संवर्धन से जुड़े फैसलों को भी शामिल किया जाए। मदन राठौड़ और विधायक कोष में कमीशनखोरी का मुद्दा भी उछाला RLP सुप्रीमो ने भाजपा प्रदेशाध्यक्ष और राज्यसभा सांसद मदन राठौड़ का नाम भी पत्र में शामिल किया। उन्होंने कहा- विला-कॉटेज मामले को लेकर सार्वजनिक चर्चाओं में राठौड़ का नाम सामने आ रहा है। साथ ही विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास निधि (MLA LAD) में कथित 40 प्रतिशत कमीशनखोरी का मामला उठाते हुए भाजपा विधायकों से जुड़े आरोपों और कथित वीडियो का जिक्र किया। बेनीवाल का आरोप है कि सरकार ने जांच और कार्रवाई के दावे किए, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई सामने नहीं हुई। छह बिंदुओं पर कार्रवाई की मांग बेनीवाल ने CBI से समय पर जांच, CVC-DOPT से अधिकारियों के सेवा रिकॉर्ड और संपत्ति विवरण की समीक्षा, आयकर विभाग से वित्तीय लेनदेन की जांच और बेनामी संपत्ति कानून के तहत जांच की मांग की है। इसके अलावा CMO, उद्योग विभाग और RIICO के फैसलों की जांच, संपत्तियों के वित्तीय रिकॉर्ड सुरक्षित रखने और दोष साबित होने पर कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
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