विदिशा में शिवसेना ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. राम हित कुमार और स्टोर कीपर आरपी मिश्रा पर भ्रष्टाचार और प्रशासनिक गड़बड़ियों के आरोप लगाए हैं। संगठन ने दोनों अधिकारियों की भूमिका की जांच कराने और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की मांग की है। मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन शुक्रवार को शिवसेना के प्रदेश पदाधिकारी गजेंद्र सिंह कुशवाहा के नेतृत्व में संगठन के पदाधिकारी कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम डिप्टी कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। इसमें स्वास्थ्य विभाग में दवा खरीदी और स्टोर के कामकाज में नियमों की अनदेखी का आरोप लगाया गया। ज्ञापन में आरपी मिश्रा को दवा खरीदी का प्रभार दिए जाने पर सवाल उठाए गए। संगठन ने दावा किया कि मिश्रा के खिलाफ पहले भी वित्तीय गड़बड़ियों को लेकर कार्रवाई हो चुकी है। स्टोर और खरीदी का काम एक ही कर्मचारी के पास शिवसेना ने आरोप लगाया कि जिला अस्पताल में स्टोर और दवा खरीदी का काम लंबे समय से एक ही कर्मचारी के प्रभाव में है। ज्ञापन में सनमान सिंह का नाम लेते हुए कहा गया कि वे करीब 10 साल से यह काम देख रहे हैं। संगठन ने इस व्यवस्था की जांच करने और नियमों के अनुसार जिम्मेदारियां बदलने की मांग की। फार्मासिस्टों की कमी से मरीजों को परेशानी का आरोप ज्ञापन में कहा गया कि जिला अस्पताल में फार्मासिस्टों की कमी है, इसके बावजूद कुछ फार्मासिस्टों को CMHO कार्यालय के स्टोर में लगाया गया है। एक फार्मासिस्ट से मेडिकल बोर्ड में लिपिकीय काम कराने का आरोप भी लगाया गया। शिवसेना का दावा है कि इससे अस्पताल में दवा वितरण प्रभावित हो रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को दवा लेने के लिए तीन से चार घंटे तक कतार में खड़ा रहना पड़ता है। बर्थ वेटिंग रूम और सरकारी योजनाओं में गड़बड़ी के आरोप संगठन ने जिला अस्पताल के बर्थ वेटिंग रूम में फर्जी प्रवेश और सरकारी योजनाओं की राशि के इस्तेमाल में भी अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। शिवसेना ने इन सभी मामलों की उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषी अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की है। कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी शिवसेना ने CMHO को पद से हटाने, स्टोर कीपर से दवा खरीदी का प्रभार वापस लेने और लंबे समय से एक ही जगह काम कर रहे कर्मचारियों की जिम्मेदारियों की समीक्षा करने की मांग की है। संगठन ने फार्मासिस्टों को उनके मूल काम पर वापस भेजने की बात भी कही है। शिवसेना ने चेतावनी दी कि शिकायतों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो धरना-प्रदर्शन किया जाएगा और उग्र आंदोलन किया जाएगा।
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