इंदौर-दाहोद नई रेल लाइन प्रोजेक्ट के तहत टीही के पास बन रही 2,957 मीटर लंबी टनल में सोमवार को टॉवर वेगन चलाकर सफल निरीक्षण किया गया। टनल के दोनों छोर पर रेलवे ट्रैक की लिंकिंग पूरी होने के बाद वेगन को टीही की ओर स्थित पी-1 छोर से चलाकर पीथमपुर की ओर स्थित पी-2 छोर तक ले जाया गया। इसे प्रोजेक्ट के निर्माण कार्य में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। टीही से धार तक करीब 47 किलोमीटर लंबे रेलखंड का निर्माण अंतिम चरण में है। इस हिस्से की सबसे महत्वपूर्ण संरचनाओं में शामिल टनल का काम भी तेजी से पूरा किया जा रहा है। टनल में ट्रैक बिछाने का काम पूरा मुकेश कुमार (पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल के जनसंपर्क अधिकारी) ने बतायास कि टनल के अंदर बैलास्टलेस ट्रैक का निर्माण पूरा हो चुका है। वहीं, विद्युतीकरण और सिग्नलिंग से जुड़े काम भी अंतिम चरण में पहुंच गए हैं। दोनों छोर पर पटरियों को जोड़ने के बाद टॉवर वेगन चलाकर ट्रैक और संबंधित रेल ढांचे का निरीक्षण किया गया। इससे टनल के भीतर आगे के तकनीकी कार्यों को गति देने में मदद मिलेगी। अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ निरीक्षण मुख्य इंजीनियर निर्माण, चर्चगेट धीरज कुमार के निर्देशन में यह कार्य किया गया। निरीक्षण के दौरान उप मुख्य इंजीनियर निर्माण अंकुर सिंह सहित निर्माण और विद्युतीकरण विभाग के अधिकारी व पर्यवेक्षक मौजूद रहे। इंदौर-दाहोद नई रेल लाइन के इस हिस्से में टनल का निर्माण तकनीकी रूप से महत्वपूर्ण है। सोमवार को ट्रैक लिंकिंग और टॉवर वेगन का सफल संचालन प्रोजेक्ट से अब काम जल्दी पूरा होने की उम्मीद है।
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