जिला परिषद चुनाव को लेकर श्रीगंगानगर में सियासी हलचल तेज हो गई है। भाजपा और कांग्रेस ने जिले के सभी 39 जिला परिषद वार्डों में अपने प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी है। टिकटों की घोषणा के साथ ही चुनावी मुकाबले की तस्वीर साफ हो गई है। भाजपा ने पुराने और अनुभवी नेताओं के साथ राजनीतिक परिवारों से जुड़े चेहरों पर भरोसा जताया है, वहीं कांग्रेस के सामने नए चेहरों के दम पर मुकाबले में बढ़त बनाने की चुनौती है। कांग्रेस ने बिल्कुल नए चेहरों को मैदान में उतारा है। शुक्रवार शाम को दोनों ही पार्टियों ने सिंबल निर्वाचन अधिकारी कार्यालय में जमा करवा दिए। जिसके बाद लिस्ट सार्वजनिक की गई। नामांकन के अंतिम दिन भाजपा जिलाध्यक्ष शरणपाल सिंह मान व सादुलशहर विधायक गुरवीर सिंह बराड़ प्रमुख प्रत्याशियों के नामांकन पत्र दाखिल कराने पहुंचे। भाजपा की ओर से पृथ्वीपाल संधू, शकुंतला सहारण व चंद्रमुखी तरड़ को नामांकन कराया गया। टिकट वितरण के बाद अब दोनों पार्टिया बागियों को मनाने व कार्यकर्ताओं को एकजुट रखने में जुट गई हैं। हालांकि, कांग्रेस को कार्यकर्ता एकजुट रखने में काफी मेहनत करनी होगी। अनुभवी से होगा मुकाबला भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष पृथ्वीपाल संधू ने वार्ड 24 से नामांकन किया है। उनके सामने कांग्रेस के जगतार सिंह हैं। संधू किसान नेता हैं और 2003 से 2011 तक कांग्रेस के जिला अध्यक्ष रह चुके हैं। संधू ने 2018 में श्रीकरणपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था और करीब 46 हजार वोट हासिल किए, लेकिन जीत नहीं सके। 2023 में संधू ने आम आदमी पार्टी के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ा और हार गए। लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा में शामिल होने के बाद अब वे जिला परिषद चुनाव में भाजपा के टिकट पर मैदान में हैं। संधू की उम्मीदवारी इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि उनके पास लंबे राजनीतिक अनुभव के साथ किसान नेता के रूप में पहचान भी है। हालांकि, विधानसभा चुनाव का अनुभव जिला परिषद चुनाव में कितना फायदा पहुंचाएगा, यह वार्ड के स्थानीय समीकरणों पर निर्भर करेगा। पति की राजनीतिक के सहारे दावेदारी करने उतरीं शकुंतला सहारण भाजपा के वरिष्ठ नेता व जाने-माने ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. बृजमोहन सहारण की पत्नी शकुंतला सहारण ने वार्ड 29 से नामांकन किया है। शकुंतला सहारण के सामने कांग्रेस से सुमन भाखर चुनाव लड़ रही है। सुमन भाखर भी राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखती है। शकुंतला के पति डॉ. सहारण ने 2013 में सादुलशहर विधानसभा सीट से भाजपा का टिकट नहीं मिलने पर प्रदीप खीचड़ और आत्माराम तरड़ के साथ मिलकर भाजपा से बागी होकर चुनाव लड़ा था, लेकिन वे हार गए थे। अब उनकी पत्नी की उम्मीदवारी के जरिए परिवार की स्थानीय राजनीतिक पकड़ की परीक्षा होगी। पूर्व जिलाध्यक्ष की पत्नी चंद्रमुखी तरड़ भी मैदान में भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष आत्माराम तरड़ की पत्नी चंद्रमुखी तरड़ ने वार्ड 30 से नामांकन किया है। उनकी उम्मीदवारी भी चुनाव में चर्चा का विषय है। चंद्रमुखी के सामने लालगढ़ जाटान के डेयरी संचालक राजेन्द्र टाक की पत्नी रुक्मणी मैदान में हैं। वैसे तो आत्माराम तरड़, डॉ. बृजमोहन सहारण और सादुलशहर नगरपालिका चेयरमैन के पति प्रदीप खीचड़ एक ही गुट माने जाते हैं, लेकिन प्रदीप खीचड़ के चुनाव जीतने के बाद दूरी बना ली। यां फिर यूं कहे कि विधायक गुरवीर सिंह बराड़, आत्माराम तरड़ और बृजमोहन सहारण को मनाने में कामयाब हो गए।
This is a summary. For the full story, refer to the original source. Public of India presents verified citizen-relevant reporting.